जनता दरबार में उपायुक्त ने सुनीं समस्याएं, कई मामलों का ऑन द स्पॉट हुआ समाधान

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देवघर में आयोजित जनता दरबार में उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने भू-अर्जन, पेंशन, म्यूटेशन, बिजली बिल और मईयां सम्मान योजना से जुड़ी समस्याएं सुनीं। कई मामलों का ऑन द स्पॉट समाधान किया गया।

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जनता दरबार में उपायुक्त ने सुनीं समस्याएं, कई मामलों का ऑन द स्पॉट हुआ समाधान

भू-अर्जन, पेंशन, म्यूटेशन और बिजली बिल मामलों के त्वरित निष्पादन के दिए निर्देश

संवाददाता | देवघर | 22 मई 2026

जनता दरबार में फरियादियों की समस्याएं सुनते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह एवं उपस्थित अधिकारी।
देवघर जिले में आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर जिला प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को सूचना भवन में आयोजित जनता दरबार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी शशि प्रकाश सिंह ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। जनता दरबार में पहुंचे कई फरियादियों को मौके पर ही राहत मिली, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ।

जनता दरबार में सबसे अधिक मामले भू-अर्जन, मुआवजा भुगतान, म्यूटेशन, वृद्धा पेंशन, झारखंड मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना, आवास योजना और बिजली बिल से जुड़े सामने आए। उपायुक्त ने सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कई मामलों में तत्काल समाधान कर संबंधित लाभुकों को राहत पहुंचाई गई।

पेंशन और मईयां सम्मान योजना मामलों का मौके पर समाधान

जनता दरबार के दौरान वृद्धा पेंशन एवं झारखंड मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना से संबंधित कई शिकायतें सामने आईं। कई लाभुकों ने आवेदन लंबित रहने, भुगतान में देरी तथा सत्यापन से जुड़ी समस्याओं की जानकारी उपायुक्त को दी। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

कई मामलों में अधिकारियों ने मौके पर दस्तावेजों की जांच कर समाधान भी किया। इससे जनता दरबार में पहुंचे लोगों के चेहरे पर संतोष दिखाई दिया। उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समय पर पहुंचना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

म्यूटेशन के लंबित मामलों पर उपायुक्त सख्त

राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में सबसे अधिक शिकायतें म्यूटेशन को लेकर सामने आईं। कई लोगों ने महीनों से आवेदन लंबित रहने की शिकायत की। इस पर उपायुक्त ने नाराजगी जाहिर करते हुए अपर समाहर्ता के माध्यम से सभी अंचल अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर लंबित मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों में अनावश्यक देरी आम लोगों को परेशान करती है। इसलिए प्रत्येक आवेदन की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो। उपायुक्त ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता से जुड़े मामलों को लंबित रखना स्वीकार्य नहीं होगा।

भू-अर्जन और मुआवजा भुगतान के लिए पंचायत स्तर पर लगेगा विशेष शिविर

जनता दरबार में ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने भू-अर्जन और मुआवजा भुगतान से जुड़ी समस्याएं भी रखीं। कई लोगों ने कहा कि दस्तावेजी प्रक्रिया और जानकारी के अभाव में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभाग को पंचायतवार विशेष शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर शिविर लगाने से लोगों को कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा। उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि शिविरों में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहें ताकि मौके पर ही आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा सके।

बिजली बिल शिकायतों के समाधान के लिए नियमित कैंप लगाने का निर्देश

बिजली बिल में गड़बड़ी, अधिक बिल आने और सुधार नहीं होने जैसी शिकायतें भी जनता दरबार में सामने आईं। कई उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अभियंता को निर्देश दिया कि नियमित रूप से कैंप आयोजित कर उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान किया जाए।

उन्होंने कहा कि बिजली विभाग लोगों की बुनियादी जरूरतों से जुड़ा हुआ है, इसलिए शिकायतों के समाधान में संवेदनशीलता और तत्परता जरूरी है। उपायुक्त ने यह भी कहा कि शिकायतों का निपटारा पारदर्शी तरीके से हो और उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

एक सप्ताह में कार्रवाई प्रतिवेदन जमा करने का निर्देश

जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए उपायुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई प्रतिवेदन उपायुक्त कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवेदन की भौतिक जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाए ताकि वास्तविक स्थिति के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जनता दरबार केवल शिकायत सुनने का मंच नहीं, बल्कि समस्याओं के समाधान का माध्यम है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं और लोगों को त्वरित राहत पहुंचाने की दिशा में काम करें।

प्रशासनिक सक्रियता भी आई नजर

जनता दरबार के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता भी देखने को मिली। अधिकारी लगातार फरियादियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी लेते रहे। कई मामलों में विभागीय समन्वय के माध्यम से तत्काल समाधान किया गया।

इस दौरान कार्यपालक दंडाधिकारी ओम प्रियदर्शी, एडीएसएस सरिता भारती, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

जनता दरबार से बढ़ रहा लोगों का भरोसा

जिले में नियमित रूप से आयोजित हो रहे जनता दरबार से आम लोगों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिल रहा है। खासकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले लोगों के लिए यह व्यवस्था काफी राहत भरी साबित हो रही है।

लोगों का कहना है कि जनता दरबार के माध्यम से उनकी समस्याएं सीधे उपायुक्त तक पहुंच रही हैं और समाधान की प्रक्रिया भी तेज हुई है। प्रशासन की सक्रियता से लोगों में भरोसा बढ़ा है कि उनकी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई हो रही है।

निष्कर्ष

देवघर में आयोजित जनता दरबार एक बार फिर प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह की सक्रियता और अधिकारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देशों से यह संदेश गया कि जिला प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर है। ऑन द स्पॉट समाधान और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देशों से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

Q1. देवघर में जनता दरबार का आयोजन कब हुआ?

A. शुक्रवार, 22 मई 2026 को सूचना भवन में जनता दरबार का आयोजन किया गया।

Q2. जनता दरबार की अध्यक्षता किसने की?

A. जनता दरबार की अध्यक्षता उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी शशि प्रकाश सिंह ने की।

Q3. जनता दरबार में किन समस्याओं पर सुनवाई हुई?

A. भू-अर्जन, मुआवजा भुगतान, म्यूटेशन, वृद्धा पेंशन, मईयां सम्मान योजना, आवास और बिजली बिल से जुड़ी समस्याओं पर सुनवाई हुई।

Q4. क्या कुछ मामलों का मौके पर समाधान किया गया?

A. हाँ, पेंशन, मईयां सम्मान योजना और राजस्व से जुड़े कई मामलों का ऑन द स्पॉट समाधान किया गया।

Q5. उपायुक्त ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?

A. उपायुक्त ने शिकायतों की भौतिक जांच कर समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने तथा एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई प्रतिवेदन जमा करने का निर्देश दिया।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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