देवघर जल संकट पर खबर का असर: दो दिनों में आधे घरों को मिलेगा पानी, 10 से 15 दिनों में पूरी तरह सामान्य होगी जलापूर्ति

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

https://deoghar-water-crisis-impact-water-supply-restoration-update

देवघर में जल संकट की खबर का असर दिखने लगा है। नगर आयुक्त सुलोचना मीणा ने कहा कि दो दिनों में 50 प्रतिशत घरों में पेयजलापूर्ति बहाल होगी, जबकि 10 से 15 दिनों में डोमासी जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़ी क्षतिग्रस्त टंकी की मरम्मत पूरी कर नियमित आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।

देवघर जल संकट, देवघर पानी संकट, डोमासी टंकी, नगर निगम देवघर, सुलोचना मीणा, देवघर पेयजलापूर्ति, देवघर न्यूज, जलापूर्ति बहाल, मीना बाजार टंकी, झारखंड समाचार

देवघर जल संकट पर खबर का असर: दो दिनों में आधे घरों को मिलेगा पानी, 10 से 15 दिनों में पूरी तरह सामान्य होगी जलापूर्ति

नगर आयुक्त सुलोचना मीणा ने दिया भरोसा, क्षतिग्रस्त टंकी की मरम्मत युद्धस्तर पर जारी, लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील

सुनील झा | देवघर | 4 जुलाई 2026

देवघर में जल संकट के बाद नगर निगम ने जलापूर्ति बहाल करने की तैयारी तेज की।

नगर आयुक्त सुलोचना मीणा ने दो दिनों में 50 प्रतिशत घरों में जलापूर्ति और 10 से 15 दिनों में पूरी व्यवस्था सामान्य करने का भरोसा दिया।

देवघर शहर में पिछले कई दिनों से बने गंभीर पेयजल संकट पर राहत की उम्मीद जगी है। शहर के विभिन्न वार्डों में जलापूर्ति बाधित होने और लोगों की परेशानी को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया है। नगर आयुक्त सुलोचना मीणा ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में अगले दो दिनों के भीतर लगभग 50 प्रतिशत घरों तक पेयजलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी। वहीं डोमासी जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़ी क्षतिग्रस्त टंकी की मरम्मत तेजी से कराई जा रही है और 10 से 15 दिनों के भीतर नियमित जलापूर्ति पूरी तरह शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

भीषण गर्मी के बीच पानी की किल्लत झेल रहे हजारों परिवारों के लिए नगर निगम की यह घोषणा राहत भरी मानी जा रही है।

खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने तेज की कार्रवाई

शहर में पिछले लगभग दस दिनों से कई वार्डों में पेयजल संकट बना हुआ था। स्थानीय लोगों ने बताया था कि डोमासी जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़ी टंकी क्षतिग्रस्त होने के कारण पानी की आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो गई थी। इसके कारण कई मोहल्लों में लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा था।

मामले को प्रमुखता से बाबा वाणी द्वारा उठाए जाने के बाद नगर निगम प्रशासन ने स्थिति की समीक्षा की और मरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। अब नगर आयुक्त ने स्वयं आगे आकर जलापूर्ति बहाल करने की समय-सीमा सार्वजनिक की है।

दो दिनों में आधे घरों तक पहुंचेगा पानी

नगर आयुक्त सुलोचना मीणा ने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से अगले दो दिनों के भीतर प्रभावित क्षेत्रों के लगभग 50 प्रतिशत घरों तक पेयजलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए तकनीकी टीम लगातार कार्य कर रही है ताकि लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।

नगर निगम का कहना है कि प्राथमिकता उन क्षेत्रों को दी जा रही है जहां पानी की सबसे अधिक समस्या बनी हुई है।

10 से 15 दिनों में पूरी तरह सामान्य होगी व्यवस्था

नगर आयुक्त ने जानकारी दी कि पुराना मीना बाजार स्थित जलापूर्ति टंकी की मरम्मत तेजी से कराई जा रही है। निर्माण और तकनीकी कार्य पूरा होते ही डोमासी जलापूर्ति व्यवस्था को पूरी क्षमता के साथ चालू कर दिया जाएगा।

नगर निगम के अनुसार यदि मौसम और तकनीकी परिस्थितियां सामान्य रहीं तो अगले 10 से 15 दिनों के भीतर पूरे शहर में नियमित जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

जल संकट से सबसे अधिक प्रभावित हुए गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार

पिछले कई दिनों से पानी नहीं मिलने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहतर है, उन्होंने निजी टैंकर या बाजार से पानी खरीदकर अपनी जरूरतें पूरी कीं, लेकिन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया।

कई इलाकों में महिलाओं और बुजुर्गों को सुबह और शाम दूर-दराज के जलस्रोतों से पानी लाना पड़ा। इससे दैनिक जीवन भी प्रभावित हुआ।

नगर निगम की टीम लगातार कर रही निगरानी

नगर निगम प्रशासन के अनुसार जलापूर्ति व्यवस्था को जल्द सामान्य बनाने के लिए अभियंताओं और तकनीकी कर्मचारियों की टीम लगातार मौके पर काम कर रही है। पाइपलाइन, टंकी और अन्य आवश्यक संरचनाओं की जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।

नगर निगम ने यह भी संकेत दिया है कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद पूरी व्यवस्था का तकनीकी परीक्षण किया जाएगा।

लोगों ने जताई राहत, जल्द स्थायी समाधान की उम्मीद

नगर आयुक्त की घोषणा के बाद प्रभावित इलाकों के लोगों ने राहत की उम्मीद जताई है। हालांकि नागरिकों का कहना है कि केवल अस्थायी व्यवस्था पर्याप्त नहीं होगी। शहर की बढ़ती आबादी को देखते हुए जलापूर्ति व्यवस्था को और मजबूत बनाना आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

स्थानीय लोगों ने नियमित रखरखाव, समय-समय पर तकनीकी जांच और वैकल्पिक जलापूर्ति व्यवस्था विकसित करने की भी मांग की है।

विशेषज्ञों की राय: जल संरचनाओं का नियमित रखरखाव जरूरी

शहरी जलापूर्ति विशेषज्ञों का मानना है कि पानी की टंकियों, पाइपलाइन और पंपिंग स्टेशनों का नियमित निरीक्षण किया जाए तो इस तरह की बड़ी समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है। समय पर मरम्मत और निगरानी से न केवल जलापूर्ति बाधित होने से रोकी जा सकती है, बल्कि करोड़ों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति भी सुरक्षित रहती है।

निष्कर्ष

देवघर में जल संकट को लेकर उठी आवाज का असर अब दिखाई देने लगा है। नगर निगम ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के लिए समयबद्ध योजना घोषित की है। यदि तय समय के भीतर 50 प्रतिशत घरों में जलापूर्ति शुरू हो जाती है और 10 से 15 दिनों में पूरी व्यवस्था सामान्य हो जाती है, तो हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। फिलहाल शहरवासियों की नजर नगर निगम की घोषणा के क्रियान्वयन पर टिकी हुई है।

 

प्रश्न 1: देवघर में जल संकट क्यों उत्पन्न हुआ?

उत्तर: डोमासी जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़ी टंकी क्षतिग्रस्त होने के कारण कई वार्डों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई।

प्रश्न 2: लोगों को राहत कब मिलेगी?

उत्तर: नगर निगम के अनुसार अगले दो दिनों में लगभग 50 प्रतिशत घरों में पेयजलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।

प्रश्न 3: नियमित जलापूर्ति कब तक बहाल होगी?

उत्तर: नगर आयुक्त के अनुसार 10 से 15 दिनों के भीतर टंकी की मरम्मत पूरी कर नियमित जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।

प्रश्न 4: सबसे अधिक प्रभावित कौन से लोग हुए?

उत्तर: गरीब, मध्यमवर्गीय परिवार, महिलाएं और बुजुर्गों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

प्रश्न 5: नगर निगम आगे क्या कदम उठा रहा है?

उत्तर: टंकी की मरम्मत, तकनीकी निरीक्षण, वैकल्पिक जलापूर्ति व्यवस्था और पूरी प्रणाली की निगरानी तेज कर दी गई है।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

Post view : 28

Leave a Comment

और पढ़ें