देवघर पुलिस की बड़ी सफलता: अंतरजिला बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार, चोरी की 9 मोटरसाइकिलें बरामद

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देवघर पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने चोरी की नौ मोटरसाइकिलें बरामद कीं। जानिए पूरी कार्रवाई।

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देवघर पुलिस की बड़ी सफलता: अंतरजिला बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार, चोरी की 9 मोटरसाइकिलें बरामद

एंटी क्राइम चेकिंग के दौरान मिली सफलता, देवघर-जारखंड के कई थाना क्षेत्रों में सक्रिय था वाहन चोर गिरोह, सस्ते दामों में बेचता था चोरी की बाइक

संवाददाता | देवघर | 04 जुलाई 2026

देवघर पुलिस द्वारा गिरफ्तार बाइक चोर गिरोह और बरामद मोटरसाइकिलों की जानकारी।

देवघर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की नौ मोटरसाइकलें बरामद कीं।

देवघर पुलिस ने वाहन चोरी की लगातार बढ़ रही घटनाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरजिला बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे और निशानदेही पर चोरी की कुल नौ मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह देवघर सहित आसपास के कई क्षेत्रों से मोटरसाइकिल चोरी कर उन्हें बेहद कम कीमत पर बेच देता था। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और खरीदारों की तलाश में जुट गई है।

एंटी क्राइम चेकिंग के दौरान पकड़ा गया पहला आरोपी

पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर 3 जुलाई 2026 की रात लगभग आठ बजे एंटी क्राइम चेकिंग एवं छापेमारी अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पालाजोरी स्थित अनारकली हाई स्कूल मैदान के पास एक संदिग्ध युवक मोटरसाइकिल के साथ बैठा मिला।

पुलिस टीम को देखते ही वह भागने लगा, लेकिन जवानों ने पीछा कर उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान संजय चार (32 वर्ष) निवासी खामारबाद, थाना बिन्दापाथर, जिला जामताड़ा के रूप में बताई।

जब पुलिस ने उसकी मोटरसाइकिल के कागजात मांगे तो वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद उससे सख्ती से पूछताछ की गई।

पूछताछ में खुला चोरी के नेटवर्क का राज

पूछताछ के दौरान संजय चार ने कई अहम खुलासे किए। उसने बताया कि वह अपने साथी धीरेन मंडल के साथ मिलकर मोटरसाइकिल चोरी करता था। चोरी के बाद बाइक को ईशरपुर क्षेत्र में छिपाकर रखा जाता था और बाद में ग्राहक मिलने पर मात्र 10 हजार से 15 हजार रुपये में बेच दिया जाता था।

आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि इस पूरे नेटवर्क में केदार मंडल भी सक्रिय भूमिका निभाता था। तीनों मिलकर अलग-अलग क्षेत्रों से वाहन चोरी कर उन्हें कम कीमत में बेचकर रकम आपस में बांट लेते थे।

निशानदेही पर लगातार हुई बरामदगी

संजय चार की निशानदेही पर पुलिस ने पहले दो चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं। इसके बाद धीरेन मंडल को गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने केदार मंडल को भी दबोच लिया।

तीनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर कुल नौ मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। इनमें कुछ वाहनों पर नंबर प्लेट लगी थी जबकि कई मोटरसाइकिलें बिना नंबर की मिलीं। पुलिस ने सभी वाहनों के चेसिस नंबर के आधार पर उनकी पहचान शुरू कर दी है।

बरामद मोटरसाइकिलों में कई थाना क्षेत्रों के वाहन शामिल

पुलिस के अनुसार बरामद मोटरसाइकिलों में मधुपुर, पालाजोरी, पथरौल और अन्य थाना क्षेत्रों से चोरी किए गए वाहन शामिल हैं। कुछ मोटरसाइकिलें पहले से दर्ज वाहन चोरी के मामलों से भी जुड़ी मिली हैं।

बरामद वाहनों में सुपर स्प्लेंडर, अपाचे, प्लसर, ग्लैमर, पैशन प्रो और स्प्लेंडर प्लस जैसी लोकप्रिय मोटरसाइकिलें शामिल हैं। पुलिस अब अन्य जिलों के लंबित वाहन चोरी मामलों से भी इनका मिलान कर रही है।

गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

पुलिस ने इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है—

  • संजय चार (32 वर्ष), निवासी खामारबाद, थाना बिन्दापाथर, जिला जामताड़ा।
  • धीरेन मंडल (21 वर्ष), निवासी जसोडीह, थाना पथरौल, जिला देवघर।
  • केदार मंडल (38 वर्ष), निवासी बड़बाद, थाना चितरा, जिला देवघर।

तीनों से पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी के वाहनों की खरीद-बिक्री करने वाले लोगों की भी पहचान जल्द हो जाएगी।

पुलिस टीम की भूमिका रही अहम

पूरे अभियान का नेतृत्व पालाजोरी थाना प्रभारी पुअनि संजय कुमार ने किया। कार्रवाई में पथरौल थाना प्रभारी पुअनि दिलीप बिलुंग, मधुपुर थाना के पुअनि अशोक कुमार, पुअनि संदीप भगत, विशेष सशस्त्र बल तथा पुलिस जवान जुल्फराज अंसारी और साहिल अब्बास सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वाहन मालिकों से पुलिस की अपील

देवघर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वाहन खरीदते समय उसके कागजात, इंजन नंबर और चेसिस नंबर की पूरी जांच अवश्य करें। अत्यधिक कम कीमत पर मिलने वाले वाहनों को खरीदने से पहले उनकी वैधता की पुष्टि करें। संदिग्ध गतिविधियों या चोरी के वाहनों की जानकारी मिलने पर तुरंत निकटतम थाना या पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचना दें।

पुलिस का कहना है कि वाहन चोरी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

 

निष्कर्ष

देवघर पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल वाहन चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का खुलासा हुआ है, बल्कि चोरी की नौ मोटरसाइकिलें भी बरामद कर कई पीड़ितों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। लगातार चल रहे विशेष अभियान से यह संदेश गया है कि वाहन चोरी जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रही है।

प्रश्न 1: देवघर पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया?
उत्तर: पुलिस ने वाहन चोरी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

प्रश्न 2: कितनी मोटरसाइकिलें बरामद हुईं?
उत्तर: पुलिस ने कुल नौ चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।

प्रश्न 3: गिरोह चोरी की बाइक कितने में बेचता था?
उत्तर: पूछताछ में खुलासा हुआ कि चोरी की बाइक 10 हजार से 15 हजार रुपये के बीच बेच दी जाती थी।

प्रश्न 4: कार्रवाई कब और कैसे हुई?
उत्तर: 3 जुलाई 2026 को एंटी क्राइम चेकिंग एवं छापेमारी अभियान के दौरान पहला आरोपी पकड़ा गया, जिसके बाद पूरे गिरोह का खुलासा हुआ।

प्रश्न 5: पुलिस की आगे की कार्रवाई क्या है?
उत्तर: पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, चोरी के वाहनों के खरीदारों और अन्य मामलों से इनके संबंधों की जांच कर रही है।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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