श्रावणी मेला 2026: नगर आयुक्त का औचक निरीक्षण, शिवगंगा से पुराने बस अड्डे तक तैयारियों की परखी हकीकत

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श्रावणी मेला 2026: नगर आयुक्त ने तैयारियों का किया औचक निरीक्षण, श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष जोर

श्रावणी मेला 2026 से पहले देवघर नगर आयुक्त ने शिवगंगा, शयनशाला, सार्वजनिक शौचालय, नेहरू पार्क और पुराने बस अड्डा परिसर का निरीक्षण किया। अधिकारियों को समय पर सभी कार्य पूरा करने और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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श्रावणी मेला 2026: नगर आयुक्त का औचक निरीक्षण, शिवगंगा से पुराने बस अड्डे तक तैयारियों की परखी हकीकत

लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और शयनशाला की व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश

संवाददाता : देवघर : 2 जुलाई 2026

श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों का निरीक्षण करते देवघर के नगर आयुक्त।

श्रावणी मेला 2026 से पहले शिवगंगा, शयनशाला और प्रमुख स्थलों का निरीक्षण करते नगर आयुक्त।

देवघर में आयोजित होने वाला विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 अब नजदीक है। ऐसे में लाखों श्रद्धालुओं और कांवरियों के स्वागत की तैयारियों को अंतिम रूप देने में देवघर नगर निगम पूरी सक्रियता के साथ जुटा हुआ है। इसी क्रम में गुरुवार को नगर आयुक्त ने विभिन्न विभागों के अभियंताओं एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शहर के प्रमुख मेला स्थलों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालय, शयनशाला और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि श्रावणी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि देवघर की पहचान, आस्था और प्रशासनिक व्यवस्था की बड़ी परीक्षा भी है। इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक व्यवस्था का नियमित निरीक्षण किया जाएगा।

शिवगंगा परिसर की व्यवस्थाओं की हुई गहन समीक्षा

निरीक्षण की शुरुआत शिवगंगा परिसर से हुई। नगर आयुक्त ने यहां सफाई व्यवस्था, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान में रखकर किए जा रहे कार्यों का विस्तार से निरीक्षण किया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिवगंगा परिसर में कहीं भी जलजमाव की स्थिति नहीं बनने दी जाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी मार्गों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए तथा रात्रि के समय पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रहे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

नगर आयुक्त ने कहा कि शिवगंगा श्रावणी मेले का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है, इसलिए यहां की प्रत्येक व्यवस्था उच्च गुणवत्ता की होनी चाहिए।

सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई पर विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान शिवगंगा क्षेत्र के सभी सार्वजनिक शौचालयों का भी जायजा लिया गया। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शौचालय में नियमित सफाई, पर्याप्त जलापूर्ति, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छ वातावरण हर समय सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि श्रावणी मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु इन सुविधाओं का उपयोग करते हैं। ऐसे में स्वच्छता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। नगर निगम के कर्मियों की नियमित ड्यूटी तय करने और लगातार निगरानी रखने के भी निर्देश दिए गए।

नगर निगम की शयनशाला का लिया जायजा

नगर आयुक्त ने नगर निगम की शयनशाला का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, विश्राम व्यवस्था तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जो भी सुधार कार्य लंबित हैं, उन्हें तत्काल पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को शयनशाला में सुरक्षित, स्वच्छ और आरामदायक वातावरण उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

नेहरू पार्क, क्लब ग्राउंड और पुराने बस अड्डा परिसर का भी किया निरीक्षण

निरीक्षण के अगले चरण में नगर आयुक्त ने नेहरू पार्क, क्लब ग्राउंड तथा नगर निगम के पुराने बस अड्डा परिसर का भी दौरा किया।

उन्होंने संबंधित अभियंताओं से चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी निर्माण, मरम्मत और सौंदर्यीकरण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं।

नगर आयुक्त ने कहा कि मेला शुरू होने से पहले सभी स्थान पूरी तरह तैयार होने चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

मेला अवधि में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि श्रावणी मेले के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और प्रत्येक व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करें। यदि किसी स्थान पर कोई समस्या सामने आती है तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि मेला शुरू होने से पहले सभी अधूरे कार्यों को पूरा कर लिया जाए और पूरे मेला अवधि के दौरान सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य नागरिक सुविधाएं निर्बाध रूप से संचालित होती रहें।

श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव दिलाना नगर निगम की प्राथमिकता

नगर आयुक्त ने कहा कि श्रावणी मेला देवघर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का सबसे बड़ा आयोजन है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि निगम का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण, सुरक्षित आवागमन, पर्याप्त पेयजल, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और सभी आवश्यक नागरिक सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हों। इसके लिए सभी विभागों के बीच लगातार समन्वय स्थापित कर कार्य किया जा रहा है।

अधिकारियों ने दी प्रगति की जानकारी

निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त, नगर प्रबंधक, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

सभी अधिकारियों ने नगर आयुक्त को विभिन्न कार्यों की वर्तमान प्रगति से अवगत कराया तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का आश्वासन दिया। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को नियमित फील्ड निरीक्षण जारी रखने तथा हर व्यवस्था की सतत निगरानी करने का निर्देश भी दिया।

निष्कर्ष

श्रावणी मेला 2026 को लेकर देवघर नगर निगम की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। नगर आयुक्त के औचक निरीक्षण से स्पष्ट है कि प्रशासन इस बार श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। यदि सभी विभाग तय समय-सीमा के भीतर अपने कार्य पूरे करते हैं, तो इस वर्ष का श्रावणी मेला अधिक सुव्यवस्थित और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

 

Q1. नगर आयुक्त ने किन-किन स्थानों का निरीक्षण किया?
उत्तर: शिवगंगा परिसर, सार्वजनिक शौचालय, नगर निगम की शयनशाला, नेहरू पार्क, क्लब ग्राउंड और पुराने बस अड्डा परिसर का निरीक्षण किया।

Q2. निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: श्रावणी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर नागरिक सुविधाएं सुनिश्चित करना।

Q3. अधिकारियों को क्या निर्देश दिए गए?
उत्तर: सभी कार्य समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे करने, नियमित निगरानी रखने और मेला अवधि में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होने देने के निर्देश दिए गए।

Q4. निरीक्षण में कौन-कौन शामिल रहे?
उत्तर: अपर नगर आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त, नगर प्रबंधक, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता सहित नगर निगम के विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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