देवघर में पानी का हाहाकार: भीषण गर्मी के बीच 10 दिनों से आधी आबादी प्यासी, डोमासी टंकी क्षतिग्रस्त होने से संकट गहराया

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देवघर में डोमासी पानी टंकी क्षतिग्रस्त होने से पिछले 10 दिनों से शहर की आधी आबादी जल संकट से जूझ रही है। भीषण गर्मी के बीच जलापूर्ति ठप, टैंकर व्यवस्था की मांग तेज।

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देवघर में पानी का हाहाकार: भीषण गर्मी के बीच 10 दिनों से आधी आबादी प्यासी, डोमासी टंकी क्षतिग्रस्त होने से संकट गहराया

केबल बिछाने वाली कंपनी की लापरवाही के बाद डोमासी पानी टंकी का ऊपरी हिस्सा भी क्षतिग्रस्त, जलापूर्ति ठप; प्रभावित इलाकों में तत्काल टैंकर भेजने की उठी मांग

सुनील झा | देवघर | 4 जुलाई 2026

डोमासी पानी टंकी क्षतिग्रस्त होने के बाद देवघर में जल संकट से जूझते लोग।

डोमासी पानी टंकी क्षतिग्रस्त होने से देवघर के कई वार्डों में पिछले कई दिनों से जलापूर्ति प्रभावित।

देवघर शहर इन दिनों भीषण जल संकट से जूझ रहा है। एक ओर आसमान से बरसती तेज धूप और गर्मी लोगों का जीवन मुश्किल बना रही है, वहीं दूसरी ओर शहर के कई वार्डों में पिछले लगभग दस दिनों से नियमित जलापूर्ति बाधित रहने के कारण लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि डोमासी जलापूर्ति टंकी के क्षतिग्रस्त होने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। शहर की बड़ी आबादी प्रभावित होने से लोगों में नगर निगम प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।

डोमासी पानी टंकी क्षतिग्रस्त होने से बढ़ी परेशानी

स्थानीय लोगों के अनुसार, शहर में केबल बिछाने के दौरान हुई लापरवाही के कारण पहले जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई। इसके बाद डोमासी पानी टंकी का ऊपरी हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे कई इलाकों में पानी की आपूर्ति लगभग ठप हो गई। लगातार कई दिनों से पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

शहर के कई मोहल्लों में लोगों को सुबह से लेकर देर रात तक पानी का इंतजार करना पड़ रहा है। कई परिवारों को निजी साधनों से पानी खरीदना पड़ रहा है, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने पीने के पानी तक की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।

भीषण गर्मी में बढ़ी लोगों की मुश्किलें

गर्मी के मौसम में पानी की आवश्यकता सामान्य दिनों की तुलना में अधिक होती है। ऐसे समय में जलापूर्ति बाधित होने से लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ गई है। घरेलू कार्य, पेयजल, बच्चों और बुजुर्गों की जरूरतें तथा स्वच्छता जैसी मूलभूत आवश्यकताएं भी प्रभावित हो रही हैं।

कई क्षेत्रों में लोग हैंडपंप, निजी बोरिंग और पानी के अन्य वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर हैं। वहीं जिन इलाकों में ऐसे साधन उपलब्ध नहीं हैं, वहां स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है।

जनप्रतिनिधियों और निगम प्रशासन की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इतनी बड़ी समस्या के बावजूद नगर निगम की ओर से प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। लोगों का आरोप है कि शहर की बड़ी आबादी जल संकट से प्रभावित होने के बावजूद समाधान की दिशा में अपेक्षित गति से कार्रवाई नहीं हो रही है।

नागरिकों का कहना है कि नगर निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने के साथ-साथ तत्काल राहत व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि लोगों को राहत मिल सके।

संपन्न लोग खरीद रहे पानी, गरीबों के सामने बड़ा संकट

जल संकट का सबसे अधिक असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। आर्थिक रूप से सक्षम लोग निजी टैंकर या जार का पानी खरीदकर अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं जिनके लिए रोजाना पानी खरीदना संभव नहीं है।

महिलाओं और बुजुर्गों को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे लोगों का समय और श्रम दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

हर प्रभावित वार्ड में टैंकर भेजने की मांग

सूर्य नमस्कार महायज्ञ समिति के अध्यक्ष बिजय कुमार पाण्डेय ने नगर निगम से मांग की है कि जब तक डोमासी पानी टंकी की मरम्मत पूरी नहीं हो जाती, तब तक सभी प्रभावित वार्डों में सरकारी टैंकरों के माध्यम से नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

समिति का कहना है कि जल संकट से राहत दिलाने के लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।

नागरिकों की प्रमुख मांगें

  • सभी प्रभावित वार्डों में तत्काल सरकारी पानी टैंकर भेजे जाएं।
  • डोमासी पानी टंकी की मरम्मत युद्धस्तर पर पूरी की जाए।
  • जलापूर्ति सामान्य होने तक वैकल्पिक व्यवस्था जारी रखी जाए।
  • जल संकट से जुड़े कार्यों की नियमित सार्वजनिक जानकारी जारी की जाए।
  • भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदारी तय की जाए।

निष्कर्ष

देवघर में जल संकट केवल एक तकनीकी समस्या नहीं बल्कि हजारों परिवारों के दैनिक जीवन से जुड़ा गंभीर जनहित का मुद्दा बन चुका है। भीषण गर्मी के बीच पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा बाधित रहने से आम नागरिकों की कठिनाइयां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में नगर निगम प्रशासन के लिए आवश्यक है कि वह त्वरित राहत उपायों के साथ स्थायी समाधान की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए, ताकि शहरवासियों को जल्द राहत मिल सके।

 

Q1. देवघर में जल संकट की मुख्य वजह क्या बताई जा रही है?
उत्तर: स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारी के अनुसार डोमासी पानी टंकी के क्षतिग्रस्त होने के कारण जलापूर्ति प्रभावित हुई है।

Q2. कितने दिनों से जलापूर्ति प्रभावित है?
उत्तर: स्थानीय लोगों के अनुसार लगभग 10 दिनों से कई क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति बाधित है।

Q3. किन लोगों पर सबसे अधिक असर पड़ा है?
उत्तर: गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार सबसे अधिक प्रभावित हैं, क्योंकि उनके लिए निजी टैंकर या जार का पानी खरीदना कठिन है।

Q4. नागरिकों की प्रमुख मांग क्या है?
उत्तर: सभी प्रभावित वार्डों में तत्काल सरकारी पानी टैंकर भेजने तथा डोमासी पानी टंकी की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की जा रही है।

Q5. क्या प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आया है?
उत्तर: इस समाचार के प्रकाशन तक इस मामले में नगर निगम की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर समाचार को अद्यतन किया जाएगा।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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