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देवघर के सारवां सीएचसी में 99 लाख रुपये से अधिक के कथित वित्तीय गबन मामले की जांच तेज हो गई है। डीआरसीएचओ के समक्ष वर्तमान और पूर्व प्रभारी सहित कई कर्मियों ने अपना पक्ष रखा।
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सारवां सीएचसी के 99 लाख रुपये से अधिक के कथित वित्तीय गबन मामले की जांच तेज, कई अधिकारियों के बयान दर्ज
डीआरसीएचओ के समक्ष वर्तमान व पूर्व प्रभारी सहित संबंधित कर्मी हुए उपस्थित, दस्तावेजों की भी हो रही जांच
संवाददाता : देवघर : 07 जुलाई 2026

देवघर के सारवां सीएचसी के 99 लाख रुपये के कथित वित्तीय गबन मामले की जांच के दौरान सिविल सर्जन कार्यालय देवघर।
सारवां सीएचसी वित्तीय अनियमितता मामले की जांच में शामिल होने मसलिया के इसी वाहन से पहुंचे डॉ सुनील कुमार सिंह, जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की गई।
देवघर जिले के सारवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सामने आए 99 लाख रुपये से अधिक के कथित वित्तीय गबन मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। हजारीबाग और बोकारो में ट्रेज़री से जुड़े मामलों के उजागर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने वित्तीय मामलों की निगरानी और जांच प्रक्रिया को और अधिक सख्त कर दिया है। इसी क्रम में सारवां सीएचसी से जुड़े इस बहुचर्चित मामले में मंगलवार को विभागीय जांच के दौरान वर्तमान और पूर्व अधिकारियों सहित कई संबंधित कर्मियों से पूछताछ की गई।
डीआरसीएचओ के समक्ष अधिकारियों ने रखा अपना पक्ष
मामले के जांच पदाधिकारी एवं डीआरसीएचओ डॉ. कृष्ण कांत सिंह के समक्ष वर्तमान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. बी.के. सिन्हा, पूर्व प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिंह, नेत्र सहायक अनिल दास तथा अन्य संबंधित कर्मचारी उपस्थित हुए। सभी ने जांच अधिकारी के समक्ष अपना-अपना पक्ष रखा और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई।
जांच के दौरान विभागीय अभिलेखों, भुगतान से जुड़े दस्तावेजों तथा वित्तीय रिकॉर्ड की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
पूर्व लेखा सहायक के विरुद्ध दर्ज है प्राथमिकी
जानकारी के अनुसार वर्तमान प्रभारी डॉ. बी.के. सिन्हा के आवेदन पर पूर्व लेखा सहायक सबित कुमारी के विरुद्ध सारवां थाना में वित्तीय गबन का मामला दर्ज कराया गया है। आरोप है कि वित्तीय लेन-देन में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी थी।
जांच अधिकारी ने क्या कहा
जांच पदाधिकारी डॉ. कृष्ण कांत सिंह ने बताया कि यह वित्तीय अनियमितता से जुड़ा गंभीर मामला है। जांच के क्रम में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही उपलब्ध दस्तावेजों और वित्तीय अभिलेखों का मिलान भी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष ढंग से जारी है और सभी तथ्यों का परीक्षण करने के बाद विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद विभागीय नियमों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व प्रभारी की भूमिका भी जांच के दायरे में
बताया जा रहा है कि जिस अवधि में कथित वित्तीय अनियमितता हुई, उस समय सारवां सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिंह थे। वर्तमान में उनकी तैनाती दुमका जिले के मसलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में है।
मंगलवार को वह सरकारी वाहन संख्या जेएच-01एल-4150 से सिविल सर्जन कार्यालय, देवघर पहुंचे और जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखा। उनके कार्यालय पहुंचने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में पूरे मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया।
स्वास्थ्य विभाग की बढ़ी सतर्कता
हाल के महीनों में राज्य के विभिन्न जिलों में वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने वित्तीय अनुशासन को लेकर निगरानी बढ़ा दी है। विभाग अब भुगतान, लेखा-जोखा और सरकारी राशि के उपयोग से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की जांच से सरकारी संस्थानों में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलेगी तथा भविष्य में अनियमितताओं पर अंकुश लगाने में भी सहायता मिलेगी।
जांच रिपोर्ट पर टिकी सभी की निगाहें
सारवां सीएचसी का यह मामला अब जिले के सबसे चर्चित विभागीय मामलों में शामिल हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और आम लोग जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। यदि जांच में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
हालांकि जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष विभागीय जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
निष्कर्ष
सारवां सीएचसी में 99 लाख रुपये से अधिक के कथित वित्तीय गबन मामले की जांच अब निर्णायक चरण की ओर बढ़ रही है। विभागीय जांच में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा दस्तावेजों की गहन पड़ताल जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
प्रश्न 1: मामला किस संस्थान से जुड़ा है?
उत्तर: देवघर जिले के सारवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से।
प्रश्न 2: कथित वित्तीय अनियमितता कितनी राशि की बताई जा रही है?
उत्तर: 99 लाख रुपये से अधिक की।
प्रश्न 3: जांच कौन कर रहे हैं?
उत्तर: डीआरसीएचओ डॉ. कृष्ण कांत सिंह विभागीय जांच का नेतृत्व कर रहे हैं।
प्रश्न 4: इस मामले में प्राथमिकी किसके विरुद्ध दर्ज हुई है?
उत्तर: पूर्व लेखा सहायक सबित कुमारी के विरुद्ध सारवां थाना में मामला दर्ज कराया गया है।
प्रश्न 5: क्या जांच अभी पूरी हो चुकी है?
उत्तर: नहीं। विभागीय जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।










