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देवघर एसपी सौरव कुमार ने मासिक अपराध गोष्ठी में अपराध नियंत्रण, अनुसंधान गुणवत्ता, गश्ती व्यवस्था और नशा रोकथाम को लेकर 11 प्रमुख निर्देश दिए। बैठक में बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिस पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया गया।
एसपी सौरव ने मासिक अपराध गोष्ठी में दिए कई निर्देश, बेहतर प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारी सम्मानित
देवघर। देवघर एसपी सौरभ की नेतृत्व में एसपी कोठी परिसर सभागार में मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। बैठक में जिले की विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, अनुसंधान कार्यों की गुणवत्ता और गश्ती प्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई। एसपी ने संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि अपराध नियंत्रण तभी संभव है जब पुलिस सख्ती, सतर्कता और तकनीकी दक्षता के साथ कार्य करे।
उन्होंने बताया कि पुलिस पदाधिकारियों को फिंगरप्रिंट व फॉरेंसिक संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है, जिसका उपयोग कर अब कांडों के निष्पादन में तेजी लाई जाएगी। साथ ही अनुसंधान विंग का गठन कर अनुसंधान कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
बैठक के दौरान मधुपुर बैंक डकैती कांड का सफल उद्भेदन, कुंडा गोलीकांड में त्वरित कार्रवाई, राउरीडी टीम द्वारा पिस्टल बरामदगी और संथाल परगना पुलिस शूटिंग रेंज प्रतियोगिता में देवघर टीम के चैंपियन बनने पर संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को एसपी ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।
बैठक में एसडीपीओ अशोक कुमार सिंह, मधुपुर एसडीपीओ, सारठ एसडीपीओ, डीएसपी मुख्यालय वेंकटेश प्रसाद, डीएसपी सीबीआर लक्ष्मण प्रसाद समेत सभी अंचल के पुलिस निरीक्षक, थानों के थाना प्रभारी एवं अन्य पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।
एसपी सौरव के 11 प्रमुख निर्देश
मासिक अपराध गोष्ठी में एसपी सौरव कुमार ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अपराध पर लगाम लगाने के लिए निम्नलिखित 11 बिंदुओं पर विशेष रूप से जोर दिया—
1. पुराने और सक्रिय अपराधियों पर कड़ी निगरानी।
2. चोरी, गिरहजनी और संपत्ति से जुड़े अपराधों की रोकथाम हेतु विशेष अभियान।
3. वाहन चोरी के मामलों को रोकने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में सादे लिबास में पुलिस की तैनाती।
4. वाहन पार्किंग स्थलों की नियमित जांच और निगरानी।
5. नशा कारोबार और अड्डेबाजी के खिलाफ थाना क्षेत्र में निरंतर छापेमारी।
6. सक्रिय अपराधियों का शत प्रतिशत भौतिक सत्यापन।
7. अपराध संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां सीसीटीवी लगाने के लिए 72 घंटे में रिपोर्ट उपलब्ध कराना।
8. अनुसंधान कार्यों की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए अनुसंधान विंग सक्रिय रखना।
9. कांड निष्पादन में फिंगरप्रिंट व तकनीकी साक्ष्यों का अधिकतम उपयोग।
10. महिला थाना में तिथि-वार काउंसलिंग प्रविष्टि को अद्यतन रखना।
11. रात्रि गश्ती को दुरुस्त करते हुए बार-बार अपराध वाले स्थानों पर सतत निगरानी।
एसपी ने स्पष्ट कहा कि जिले में बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाना प्राथमिकता है, और सभी थाना प्रभारी समयबद्ध तरीके से निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें।

इन पुलिस पदाधिकारियों को मिला सम्मान
अपराध समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न मामलों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित पदाधिकारी इस प्रकार हैं—
संदीप भगत, पुलिस अवर निरीक्षक, मधुपुर थाना
सूरज कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक, मधुपुर थाना
विपिन कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक, मधुपुर थाना
प्रभात कुमार, थाना प्रभारी, रिखिया
संदीप कृष्णा, थाना प्रभारी, देवीपुर
एसपी ने कहा कि बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत कर उनके मनोबल को बढ़ाया जाएगा और जो लापरवाही करेंगे, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय है।










