गोली लगने से हवलदार की मौत: जैप-5 कैंप में मचा हड़कंप, जांच में जुटे अधिकारी

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🔎  देवघर के मोहनपुर थाना क्षेत्र स्थित जैप-5 कैंप में एके-47 से चली गोली से हवलदार शिवपूजन पाल की मौत। पुलिस व फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी।

 

 

 

गोली लगने से हवलदार की मौत: जैप-5 कैंप में मचा हड़कंप, जांच में जुटे अधिकारी

 

देवघर। मोहनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित जैप-5 कैंप में शनिवार को हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। कैंप में मैगजीन ड्यूटी पर तैनात 48 वर्षीय हवलदार शिवपूजन पाल की एके-47 राइफल से चली गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद कैंप में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और जवानों के बीच तरह-तरह की चर्चाएँ शुरू हो गई हैं।

 

घटना का विवरण: छह गोलियों की आवाज से मचा हड़कंप

 

सूत्रों के अनुसार, हवलदार के पास तैनात एके-47 राइफल से लगातार छह गोलियां चलीं, जिनमें से कई गोलियां उनकी गर्दन के ऊपर दाढ़ी के पास लगीं। गोली चलने की आवाज सुनते ही कैंप में मौजूद जवानों और पदाधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया। तत्काल अन्य जवान घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक हवलदार की मौत हो चुकी थी।

 

मृतक हवलदार शिवपूजन पाल बिहार के कैमूर जिले के भभुआ निवासी थे और लंबे समय से झारखंड में पुलिस सेवा दे रहे थे।

 

आकस्मिक या आत्महत्या?—जवानों के बीच उठ रहे सवाल

 

घटना के बाद जवानों के बीच कई सवाल खड़े हो गए हैं। उनका कहना है कि मैगजीन साफ करते समय गोली चलने की संभावना बेहद कम रहती है, क्योंकि सफाई से पहले अनिवार्य रूप से गोली निकालने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। ऐसे में यह घटना आकस्मिक थी या आत्महत्या, इस पर अभी स्पष्टता नहीं है।

 

कई जवानों ने यह भी बताया कि हवलदार का व्यवहार घटना से पहले सामान्य था, जिससे आत्महत्या की आशंका कम दिखाई देती है। इसी कारण पुलिस तकनीकी और फॉरेंसिक जांच को अहम मान रही है।

 

घटनास्थल पर पहुंचे वरीय अधिकारी

 

सूचना मिलते ही वरीय अधिकारी तुरंत कैंप पहुंचे और जांच की कमान संभाली। मौके पर उपस्थित अधिकारियों में शामिल थे—

 

देवघर पुलिस कप्तान (एसपी) सौरभ

 

एसडीपीओ अशोक कुमार

 

थाना प्रभारी प्रियरंजन कुमार

 

एएसआई मुकेश कुमार

 

अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं जवान

 

 

अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और कैम्प के जवानों से एक-एक कर पूछताछ शुरू की ताकि गोली चलने की सटीक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

 

फॉरेंसिक और मेडिकल टीम करेगी विस्तृत जांच

 

घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने विशेष टीम तैनात की है।

दंडाधिकारी बीटीएम अजीत कुमार के नेतृत्व में फॉरेंसिक विशेषज्ञों और मेडिकल टीम की उपस्थिति में घटनास्थल की वीडियो ग्राफी कराई जाएगी। इसी टीम की देखरेख में शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए देवघर सदर अस्पताल भेजा जाएगा।

 

पुलिस का कहना है कि राइफल, मैगजीन, गोलियों के खोल और घटनास्थल की अन्य सामग्रियों की वैज्ञानिक जांच से ही असल कारणों का खुलासा होगा।

 

परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

 

हवलदार की मौत की खबर जैसे ही उनके परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। बताया जाता है कि परिवार के सदस्य लगातार रो रहे हैं और घटना पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। पुलिस विभाग ने परिवार को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया है।

 

क्या कहते हैं देवघर के एसपी सौरभ?

 

एसपी सौरभ ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ड्यूटी का प्रभार लेने के दौरान गोली चलने से हवलदार की मौत हुई है। उन्होंने कहा—

 

> “फॉरेंसिक टीम और मेडिकल टीम की उपस्थिति में पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि घटना आकस्मिक थी, आत्महत्या थी या किसी अन्य कारण से गोली चली। रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”

 

 

 

उन्होंने जवानों से संयम बनाए रखने और जांच प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की।

 

जांच के बाद ही साफ होगा मौत का रहस्य

 

फिलहाल यह महत्वपूर्ण है कि—

 

क्या राइफल से गोली गलती से चली?

 

क्या हथियार की हैंडलिंग में कोई तकनीकी त्रुटि थी?

 

क्या यह आत्महत्या का मामला है?

 

या फिर कोई अन्य परिस्थिति इसके लिए जिम्मेदार है?

 

 

इन सभी सवालों का जवाब फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Baba Wani
Author: Baba Wani

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