शिव महापुराण कथा में उमड़ा आस्था का सैलाब: कोठिया मैदान से बाबा रामदेव ने की ऐतिहासिक घोषणा

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📝 देवघर कोठिया मैदान में शिव महापुराण कथा के छठे दिन आस्था का सैलाब उमड़ा। बाबा रामदेव ने शेष आठ ज्योतिर्लिंगों पर कथा आयोजन की बड़ी घोषणा की।

 

 

 

📰 शिव महापुराण कथा में उमड़ा आस्था का सैलाब: कोठिया मैदान से बाबा रामदेव ने की ऐतिहासिक घोषणा

 

सुनील झा, देवघर।

 

देवघर की पवित्र धरती पर आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा अपने शिखर पर पहुँची। सोमवार को कथा के छठे दिन कोठिया मैदान ऐसा दृश्य प्रस्तुत कर रहा था मानो पूरा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से जीवंत हो उठा हो। विट्ठलेश सेवा समिति सिहोर के तत्वावधान में चल रही इस महाकथा में लाखों भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह दस बजे से पहले ही पूरा पंडाल खचाखच भर गया था और भक्तों का आगमन अनवरत जारी रहा।

 

भजन-कीर्तन से आरंभ हुए कार्यक्रम ने वातावरण को भक्ति से सराबोर कर दिया। “गजानंद तुमको तो आना ही पड़ेगा” जैसे भक्तिरस गीतों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इसी बीच जब अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथावाचक भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा ‘सीहोर वाले’ मंच पर पहुंचे, तो पूरा मैदान खड़े होकर तालियों और जयघोष से गूंज उठा।

 

व्यासपीठ पूजन के पश्चात महाराज श्री ने ‘ऊं नमः शिवाय’ मंत्र का उच्चारण कर कथा का शुभारंभ किया। छठे दिन का मुख्य प्रसंग शिवरात्रि कथा रहा, जिसे सुनने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। आयोजन समिति के अनुसार कथा का अंतिम व सातवाँ दिन मंगलवार को सुबह 8 बजे से 11 बजे तक आयोजित होगा।

 

 

 

बाबा रामदेव का आगमन रहा आकर्षण का केंद्र

 

छठे दिन की कथा का सबसे बड़ा आकर्षण योग गुरु बाबा रामदेव का आगमन रहा। वे अपने चार्टर प्लेन से दोपहर बाद देवघर पहुंचे और शाम तक कथा स्थल पर भक्तों के बीच मौजूद रहे। उनके साथ पतंजलि योग समिति की टीम और आस्था चैनल के सीईओ प्रमोद जोशी भी उपस्थित थे।

 

सीहोर वाले बाबा ने बाबा रामदेव को अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया। इसके बाद बाबा रामदेव ने मंच से लाखों श्रद्धालुओं को संबोधित किया और कई महत्वपूर्ण बातें कही, जो धार्मिक जगत में चर्चा का विषय बन गईं।

 

 

 

शेष आठ ज्योतिर्लिंगों पर भी आयोजित होगी शिव महापुराण कथा — बाबा रामदेव

 

अपने संबोधन में बाबा रामदेव ने ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा—

 

“द्वादश ज्योतिर्लिंगों पर प्रदीप मिश्रा जी द्वारा कथा वाचन का संकल्प चौथे पड़ाव पर है। बाकी बचे आठ ज्योतिर्लिंगों पर भी कथा का आयोजन पतंजलि योग समिति और विट्ठलेश सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में कराया जाएगा।”

 

उन्होंने कहा कि देवघर में कथा आयोजन की सूचना मिलते ही उन्होंने प्रशासनिक समन्वय सुनिश्चित किया, जिससे व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकें।

बाबा रामदेव ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनकी धर्मपत्नी कल्पना सोरेन, तथा सीएम सचिव सुनील श्रीवास्तव को धन्यवाद दिया।

 

“झारखंड राज्य के रजत जयंती वर्ष में ऐसी महाकथा का आयोजन अत्यंत पुण्य का कार्य है।”

—बाबा रामदेव

 

 

 

प्रशासन और अनुशासन की प्रशंसा

 

बाबा रामदेव ने कहा—

“इस कथा को प्रशासन ने नहीं रोका, बल्कि सहयोग किया और भक्तों ने भी सौ प्रतिशत अनुशासन का पालन कर अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। भगवान शिव के दरबार में अव्यवस्था नहीं हो सकती।”

 

उन्होंने पतंजलि योग समिति के प्रवक्ता एसके तिजारावाला, आस्था चैनल के प्रमोद जोशी, और आयोजन समिति के सभी पदाधिकारियों की सराहना की।

 

 

योग और शिव साधना का संदेश: 3 बजे उठकर करें साधना

 

अपने प्रवचन में बाबा रामदेव ने योग और शिव आराधना के महत्व पर जोर देते हुए कहा—

 

“हम प्रतिदिन सुबह 3 बजे उठकर शिव की साधना करते हैं।”

 

“शिव आदि योगी हैं।”

 

“ऊँ नमः शिवाय मंत्र से रोग और कठिनाइयाँ दूर होती हैं।”

 

 

उन्होंने पंडित प्रदीप मिश्रा से आग्रह किया कि वे हर कथा के दौरान एक नया योग सिखाने का संकल्प लें।

 

 

स्वदेशी, सनातन और सांस्कृतिक चेतना पर बल

 

अपने संबोधन में बाबा रामदेव ने कहा कि—

 

विदेशी आक्रांताओं ने भारत को लगभग 100 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान पहुंचाया।

 

सोमनाथ मंदिर को 17 बार लूटा जाना इतिहास का दर्दनाक अध्याय है।

 

 

उन्होंने सभी से स्वदेशी उत्पाद अपनाने, भारतीय संस्कृति के संरक्षण, और सनातन परंपरा के प्रचार-प्रसार का आह्वान किया।

 

“पूरे विश्व में 500 करोड़ सनातनी हैं। आने वाले समय में हर देश में एक शिव ज्योतिर्लिंग की स्थापना होगी।”

—बाबा रामदेव

 

 

 

विट्ठलेश सेवा समिति और स्थानीय सहयोगियों को धन्यवाद

 

बाबा रामदेव ने कथा की सफलता में योगदान देने वाले कई प्रमुख लोगों का नाम लेकर धन्यवाद दिया —

समीर, आशीष, शिवम, माधव मिश्रा, मीडिया प्रतिनिधि, पतंजलि योग समिति के पदाधिकारी आदि।

 

उन्होंने गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे तथा उनके प्रतिनिधियों द्वारा किए गए सहयोग का भी उल्लेख किया।

 

 

 

कथा का भावपूर्ण चरम: भजनों ने बांधा दिव्य वातावरण

 

बाबा रामदेव के भाषण के बाद जब पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा का क्रम आगे बढ़ाया, तो पूरे पंडाल में भक्ति की लहर दौड़ गई।

 

मेरा तो तू, तू ही हमदर्द है…

 

डमरू डम-डम, डमरू बजावे हमार जोगिया…

 

 

इन भजनों ने माहौल को अलौकिक बना दिया। महाराज श्री ने भक्तों के पत्र पढ़कर उनके अनुभव साझा किए और भजन ‘देख लिया संसार में, सब मतलब के यार…’ गाकर कलयुग की सच्चाइयों पर प्रकाश डाला।

 

 

 

वीआईपी गेट और मीडिया गैलरी में अव्यवस्था

 

भारी भीड़ के कारण प्रशासन को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

 

वीआईपी गेट पर लगातार दबाव रहा।

 

मीडिया गैलरी में बाहर से आए लोग बैठ गए, जिससे पत्रकारों को सीट नहीं मिली।

 

पुलिस और मीडिया कर्मियों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई।

 

 

कई पुलिसकर्मियों ने कहा—

“अब किसी भी मीडिया कर्मी को अंदर नहीं जाने दिया जाएगा, कमेटी से अनुमति लीजिए।”

 

 

 

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

 

कथा स्थल पर स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर के भक्तों की भारी उपस्थिति रही। प्रमुख अतिथि:

 

महाराज श्री का परिवार

 

कोलकाता का अग्रवाल परिवार

 

हरियाणा का ठकराल परिवार

 

देवघर के ध्रुव सिंह, एकता सिंह

 

महेश प्रसाद राय, रवि केसरी

 

डॉ. राजीव रंजन

 

रेनू कुमारी, रीना कुमारी

 

ध्रुव प्रसाद साह

 

सूरज झा, प्रमेश राव

 

विट्ठलेश सेवा समिति के समीर कुमार

 

डॉ. विवेक उपाध्याय

 

रविंद्र नाईक सहित हजारों भक्त

 

 

 

 

बाबा रामदेव का दिल्ली प्रस्थान — चार्टर प्लेन से रवाना

 

कथा व पूजा-अर्चना में शामिल होने के बाद बाबा रामदेव, प्रमोद जोशी, एसके तिजारावाला, डॉ. ऋतुभ्य शास्त्री, साध्वी देवप्रिया सहित पतंजलि टीम शाम 7 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो गई।

 

 

 

सांसद निशिकांत दुबे ने की बाबा रामदेव से मुलाकात

 

जब रामदेव शाम 7 बजे एयरपोर्ट पहुंचे, तो उनसे मिलने गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे भी पहुंचे।

दोनों ने वीआईपी लाउंज में 10–15 मिनट चर्चा की।

 

जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर और आरएसएस विभाग प्रचारक विगेंद्र जी भी कथा स्थल पर उपस्थित थे।

 

 

 

कल होगा कथा का भव्य समापन

 

कथा का अंतिम अध्याय मंगलवार को सुबह 8 बजे से 11 बजे तक आयोजित किया जाएगा।

आयोजन समिति ने सभी भक्तों से समय से पूर्व पहुंचने की अपील की है।

 

सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का छठा दिन न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक उत्साह से भरा रहा बल्कि बाबा रामदेव की बड़ी घोषणा ने आने वाले समय में एक नए अध्याय की नींव रख दी है।

 

द्वादश ज्योतिर्लिंगों पर कथा वाचन का संकल्प अब और प्रखर होगा तथा सनातन संस्कृति का वैश्विक विस्तार नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेगा।

Baba Wani
Author: Baba Wani

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