आस्था की अविरल धारा में डूबा देवघर: भक्ति, वेद और वैराग्य का महासंगम गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का दूसरा दिन श्रद्धा के उत्कर्ष पर, 101 पंडितों के मंत्रोच्चार से गुंजायमान हुआ परिसर

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

https://ganga-vishwashanti-sadbhavana-dham-pran-pratishtha-mahotsav-day-2-deoghar

 

गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन 101 पंडितों द्वारा वेद और अष्टादश पुराणों का पाठ, विग्रहों का महास्नान और वृंदावन की रासलीला ने श्रद्धालुओं को भावविभोर किया।

 

गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम, प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव देवघर, डॉ दुर्गेश आचार्य जी महाराज, अष्टादश पुराण पाठ, रासलीला वृंदावन, देवघर धार्मिक समाचार

 

आस्था की अविरल धारा में डूबा देवघर: भक्ति, वेद और वैराग्य का महासंगम

गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का दूसरा दिन श्रद्धा के उत्कर्ष पर, 101 पंडितों के मंत्रोच्चार से गुंजायमान हुआ परिसर

Author: सुनील झा | Location: देवघर | Date: 19 फरवरी 2026

गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम देवघर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान वेद पाठ और रासलीला

101 पंडितों के मंत्रोच्चार और वृंदावन की रासलीला से गुंजायमान हुआ धाम परिसर

 

देवघर स्थित गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम में आयोजित नौ दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को भक्ति, वेद और वैराग्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के इस दिव्य आयोजन में 101 विद्वान पंडितों द्वारा वेदों और अष्टादश पुराणों का सामूहिक पाठ, विग्रहों का महास्नान और वृंदावन से आए कलाकारों की रासलीला ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

सुबह 6 बजे से प्रारंभ हुए वैदिक अनुष्ठानों ने पूरे परिसर को मंत्रोच्चार की पवित्र ध्वनि से गुंजायमान कर दिया। श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ अर्जित करते रहे।

 

वैदिक अनुष्ठान और विग्रहों का महास्नान

प्रातःकालीन कार्यक्रम में बाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस, सुंदरकांड, हनुमान चालीसा, सत्यनारायण पूजा, दशमहाविद्या पूजा, यज्ञ नारायण पूजा और वेदी प्रतिष्ठा की विधियां संपन्न की गईं।

धाम परिसर में स्थापित श्री राधा-कृष्ण, मां दुर्गा एवं नर्मदेश्वर शिवलिंग का पंचगव्य, सप्तनदी जल, सप्तसमुद्र जल और पवित्र तीर्थजल से विधिवत महास्नान कराया गया। उत्तराखंड से पधारे आचार्यों ने शास्त्रोक्त विधि से मंत्रोच्चार के बीच यह अनुष्ठान संपन्न कराया।

श्रद्धालु पूरे समय ध्यानमग्न होकर अनुष्ठान में सहभागी बने रहे।

 

101 पंडितों द्वारा वेद और अष्टादश पुराणों का पाठ

महोत्सव की विशेषता यह रही कि 101 विद्वान पंडित एक साथ चारों वेद और अष्टादश पुराणों का पाठ कर रहे हैं।

इनमें प्रमुख रूप से देवी भागवत, ब्रह्म पुराण, पद्म पुराण, विष्णु पुराण, शिव पुराण, भागवत पुराण, नारद पुराण, मार्कंडेय पुराण, अग्नि पुराण, हरिवंश पुराण, भविष्य पुराण, वामन पुराण, स्कंद पुराण, कूर्म पुराण, गरुड़ पुराण, ब्रह्मांड पुराण, मत्स्य पुराण और वायु पुराण का पारायण शामिल है।

सामूहिक पाठ ने धाम परिसर को जीवंत गुरुकुल का स्वरूप प्रदान कर दिया है। मंत्रों की गूंज के बीच श्रद्धालु आध्यात्मिक आनंद का अनुभव कर रहे हैं।

 

भागवत कथा में धर्म और परंपरा का संदेश

परम सद्गुरु डॉ. दुर्गेश आचार्य जी महाराज के मुखारविंद से श्रीमद्भागवत कथा का प्रवाह दूसरे दिन भी जारी रहा।

उन्होंने अष्टादश पुराणों की महिमा, वेदों की गरिमा और सनातन परंपराओं के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की जड़ें वेदों और पुराणों में निहित हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि जो व्यक्ति चोटी और जनेऊ नहीं रखता वह वेद का अधिकारी नहीं हो सकता। उनके इस वक्तव्य पर श्रद्धालुओं के बीच गंभीर आध्यात्मिक विमर्श का वातावरण देखा गया।

कथा स्थल पर महिलाओं, पुरुषों और युवाओं की बड़ी संख्या उपस्थित रही।

संध्या आरती और वृंदावन की रासलीला ने बांधा समां

शाम 6:15 बजे भव्य आरती और पुष्पांजलि के साथ पूरा परिसर दीपमालाओं से आलोकित हो उठा। भजनों की मधुर ध्वनि और शंखनाद से वातावरण भक्तिमय हो गया।

रात्रि 7:30 बजे से वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा राधा-कृष्ण की मनोहारी रासलीला प्रस्तुत की गई। कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को ब्रजधाम की अनुभूति कराई।

कार्यक्रम के उपरांत महाप्रसाद का वितरण किया गया। प्रतिदिन शाम 7:30 बजे से भंडारा आयोजित किया जा रहा है।

 

आज होगा मुख्य प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान

आयोजन समिति के अनुसार 20 फरवरी 2026 को शुभ मुहूर्त में मुख्य प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम संपन्न होगा। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और विशेष पूजन के साथ मंदिर में स्थापित विग्रहों की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।

दूर-दराज से श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है।

2015 में रखी गई थी धाम की नींव

डॉ. दुर्गेश आचार्य जी महाराज के संकल्प से वर्ष 2015 में धाम की नींव रखी गई थी। समाजसेवियों और श्रद्धालुओं के सहयोग से यह धाम अब भव्य स्वरूप में तैयार हो चुका है।

धाम परिसर में श्री राधा-कृष्ण, मां दुर्गा और भगवान शिव के मंदिर निर्मित किए गए हैं। भविष्य में यहां गौ संरक्षण, निर्धन कन्याओं के विवाह सहयोग, चिकित्सालय और गुरुकुल स्थापना की योजना है।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था

विशाल पंडाल

पेयजल व्यवस्था

सुरक्षा प्रबंध

नियमित प्रसाद वितरण

बाहर से आने वाले भक्तों के लिए विशेष सुविधा

मंदिर में चढ़ाने हेतु शुद्ध घी से निर्मित नैवेद्यम सशुल्क उपलब्ध है।

समिति और संरक्षक मंडल की सक्रिय भूमिका

मुख्य यजमान के रूप में अमरेश सिंह, कृष्ण कन्हैया राय एवं दिलीप कुमार सपत्नीक शामिल हुए।

संरक्षक मंडल, ट्रस्टीगण और कार्यकारिणी समिति के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी से आयोजन सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।

देवघर की आध्यात्मिक पहचान को नई ऊंचाई

नौ दिवसीय यह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव देवघर की आध्यात्मिक पहचान को नई ऊंचाई दे रहा है। वेद, पुराण, कथा, रासलीला और महाप्रसाद का यह संगम आस्था का विराट उत्सव बन चुका है।

आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।

गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम में प्रवाहित हो रही यह भक्ति धारा आने वाले दिनों में और व्यापक रूप लेने जा रही है।

 

प्रश्न 1: प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव कब तक चलेगा?

उत्तर: यह नौ दिवसीय महोत्सव है, जिसका मुख्य कार्यक्रम 20 फरवरी 2026 को होगा।

प्रश्न 2: मुख्य आकर्षण क्या है?

उत्तर: 101 पंडितों द्वारा वेद और अष्टादश पुराणों का पाठ तथा वृंदावन की रासलीला प्रमुख आकर्षण हैं।

प्रश्न 3: क्या आम श्रद्धालु शामिल हो सकते हैं?

उत्तर: हां, सभी श्रद्धालुओं के लिए आयोजन खुला है।

प्रश्न 4: क्या भंडारे की व्यवस्था है?

उत्तर: प्रतिदिन शाम 7:30 बजे से महाप्रसाद भंडारा आयोजित किया जा रहा है।

 

निष्कर्ष

प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन ने यह स्पष्ट कर दिया कि देवघर केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनता जा रहा है। 101 पंडितों का वेद पाठ, कथा प्रवचन और रासलीला ने इसे जन-जन की आस्था का महाकुंभ बना दिया है।

डिस्क्लेमर: यह समाचार आयोजन समिति द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी और स्थल पर उपस्थित संवाददाता की रिपोर्ट पर आधारित है।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

Post view : 2

Leave a Comment

और पढ़ें

आस्था की अविरल धारा में डूबा देवघर: भक्ति, वेद और वैराग्य का महासंगम गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का दूसरा दिन श्रद्धा के उत्कर्ष पर, 101 पंडितों के मंत्रोच्चार से गुंजायमान हुआ परिसर

आस्था की अविरल धारा में डूबा देवघर: भक्ति, वेद और वैराग्य का महासंगम गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का दूसरा दिन श्रद्धा के उत्कर्ष पर, 101 पंडितों के मंत्रोच्चार से गुंजायमान हुआ परिसर