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देवघर नगर निगम चुनाव में मेयर प्रत्याशी नागेंद्र नाथ बलियासे उर्फ बाबा बलियासे की आशीर्वाद यात्रा में रेडरोज गली से गीधनी तक जनसैलाब उमड़ा। विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही के वादों के साथ मांगा समर्थन।
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रेडरोज गली से गीधनी तक उमड़ा जनसैलाब, बाबा बलियासे की आशीर्वाद यात्रा से गरमाया चुनावी माहौल
विकास और पारदर्शिता के वादों के साथ मेयर प्रत्याशी ने मांगा समर्थन, युवाओं-महिलाओं की दिखी सक्रिय भागीदारी
Author | Location | Date
सुनील झा | देवघर | 19 फरवरी 2026

देवघर नगर निगम चुनाव में अब राजनीतिक सरगर्मी खुलकर सामने आने लगी है। मेयर पद के उम्मीदवार नागेंद्र नाथ बलियासे उर्फ बाबा बलियासे की बुधवार को निकली आशीर्वाद यात्रा ने चुनावी माहौल को नया आयाम दे दिया। रेडरोज गली से गीधनी तक निकली इस यात्रा में समर्थकों का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिससे पूरे क्षेत्र में चुनावी उत्साह का माहौल बन गया।
सुबह से ही समर्थकों का जुटान शुरू हो गया था। जैसे ही काफिला आगे बढ़ा, ढोल-नगाड़ों की थाप और “विकास का संकल्प, नगर का विकल्प” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। आशीर्वाद यात्रा कृष्णा पुरी, रेडरोज गली और कल्याणपुर से प्रारंभ होकर जटाही मोड़ होते हुए गीधनी तक पहुंची। रास्ते भर स्थानीय नागरिकों ने फूल-मालाओं से स्वागत कर समर्थन का संकेत दिया।
युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी
इस आशीर्वाद यात्रा की सबसे खास बात युवाओं और महिलाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। बड़ी संख्या में युवा हाथों में झंडे और पोस्टर लिए काफिले के साथ चलते नजर आए। कई स्थानों पर महिलाओं ने घरों के बाहर आकर स्वागत किया और विकास के मुद्दों पर अपनी अपेक्षाएं भी व्यक्त कीं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव में युवाओं और महिलाओं की सक्रियता परिणामों को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकती है। यात्रा के दौरान अनुशासन और ऊर्जा का संतुलन भी देखने को मिला, जिससे आयोजन व्यवस्थित और प्रभावशाली प्रतीत हुआ।

“नगर की मूल समस्याओं का होगा समाधान”
यात्रा के दौरान बाबा बलियासे ने आम नागरिकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि नगर की मूल समस्याएं—पेयजल संकट, जलनिकासी व्यवस्था, सड़कों की जर्जर स्थिति और स्वच्छता—अब और टाली नहीं जाएंगी।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “नगर निगम को जनता के भरोसे का केंद्र बनाना मेरा लक्ष्य है। पारदर्शी प्रशासन और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। विकास योजनाओं की निगरानी जनता की भागीदारी से होगी।”
उनके इस वक्तव्य को समर्थकों ने जोरदार नारों के साथ समर्थन दिया।
शक्ति प्रदर्शन या जनसंपर्क अभियान?
राजनीतिक हलकों में इस आशीर्वाद यात्रा को केवल जनसंपर्क अभियान नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। जिन इलाकों से काफिला गुजरा, वहां भीड़ का उत्साह और समर्थन ने यह संकेत दिया कि चुनावी मुकाबला इस बार कड़ा हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चुनाव में भीड़ का उत्साह एक महत्वपूर्ण संकेत तो देता है, लेकिन अंतिम फैसला मतदाता मतदान के दिन ही करते हैं। फिर भी इस यात्रा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मेयर की कुर्सी की दौड़ अब पूरी रफ्तार पकड़ चुकी है।
स्थानीय मुद्दों पर फोकस
आशीर्वाद यात्रा के दौरान कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने जलजमाव, स्ट्रीट लाइट, कूड़ा प्रबंधन और पार्कों के रखरखाव जैसे मुद्दे उठाए। प्रत्याशी ने इन समस्याओं को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि नगर निगम की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम और नियमित जन-सुनवाई की व्यवस्था की जाएगी।
चुनावी तापमान में बढ़ोतरी
देवघर नगर निगम चुनाव को लेकर अब शहर का माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंग चुका है। विभिन्न वार्डों में बैठकों और जनसंपर्क कार्यक्रमों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
बाबा बलियासे की इस आशीर्वाद यात्रा ने समर्थकों में उत्साह भर दिया है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि आने वाले दिनों में अन्य प्रत्याशी भी अपनी रणनीति को और धार देंगे।
आगे की राह
अब सबकी निगाहें मतदान के दिन पर टिकी हैं। आशीर्वाद यात्रा के माध्यम से जो जनसमर्थन दिखाई दिया, वह कितना वोट में परिवर्तित होता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
फिलहाल इतना तय है कि देवघर में मेयर पद की यह लड़ाई रोचक मोड़ पर पहुंच चुकी है। समर्थकों का जोश और प्रत्याशी का आत्मविश्वास चुनावी तापमान को और बढ़ाने के संकेत दे रहा है।
प्रश्न 1: आशीर्वाद यात्रा किन-किन इलाकों से होकर गुजरी?
उत्तर: यात्रा कृष्णा पुरी, रेडरोज गली, कल्याणपुर, जटाही मोड़ होते हुए गीधनी तक पहुंची।
प्रश्न 2: यात्रा का मुख्य मुद्दा क्या था?
उत्तर: विकास, पारदर्शिता, जवाबदेही और नगर की मूल समस्याओं का समाधान।
प्रश्न 3: किस वर्ग की भागीदारी अधिक रही?
उत्तर: युवाओं और महिलाओं की सक्रिय उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
निष्कर्ष
देवघर नगर निगम चुनाव में बाबा बलियासे की आशीर्वाद यात्रा ने चुनावी माहौल को नई ऊर्जा दी है। जनसैलाब और समर्थन ने यह संकेत दिया है कि मुकाबला दिलचस्प होगा। अब अंतिम निर्णय मतदाताओं के हाथ में है।
Disclaimer: यह समाचार उपलब्ध तथ्यों और संवाददाता की रिपोर्ट पर आधारित है। चुनाव परिणाम मतदान और मतगणना के बाद ही स्पष्ट









