कुशमाहा श्रीमद् भागवत कथा में पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख का आगमन, दिया सामाजिक एकता का संदेश

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कुशमाहा श्रीमद् भागवत कथा में पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख का आगमन, दिया सामाजिक एकता का संदेश

देवघर के कुशमाहा गांव में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, 31 जनवरी तक चलेगा आयोजन

 

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कुशमाहा श्रीमद् भागवत कथा

 

कुशमाहा श्रीमद् भागवत कथा में पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख शामिल | देवघर

 

देवघर के कुशमाहा गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख सहित कई अतिथियों का आगमन हुआ। बादल पत्रलेख ने सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों पर बयान दिया।

 

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देवघर जिले के कुशमाहा गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा इन दिनों श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। कुशमाहा श्रीमद् भागवत कथा के दौरान गुरुवार को झारखंड सरकार के पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख सहित कई अन्य विशिष्ट अतिथियों का आगमन हुआ। अतिथियों के पहुंचते ही आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं और आयोजकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर कथा स्थल पर भक्ति, अध्यात्म और सामाजिक एकता का वातावरण देखने को मिला।

यह धार्मिक आयोजन 23 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक कुशमाहा, देवघर में आयोजित किया जा रहा है। प्रतिदिन दोपहर 03 बजे से रात्रि 08 बजे तक श्रीमद् भागवत कथा का वाचन किया जा रहा है। सुप्रसिद्ध कथा वाचक पंडित गिरीधारी झा द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, कर्मयोग, भक्ति और मानव जीवन के आदर्शों का विस्तार से वर्णन किया जा रहा है।

 

पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख का कार्यक्रम स्थल पर आगमन

पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख जैसे ही कथा स्थल पर पहुंचे, आयोजक समिति के सदस्यों, ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया। उनके साथ अन्य सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र से जुड़े अतिथियों की भी उपस्थिति रही। अतिथियों ने मंच से कथा आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम समाज को जोड़ने का काम करते हैं।

श्रीमद् भागवत कथा जैसे आयोजन समाज को सही दिशा देने का कार्य करते: बादल 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा जैसे आयोजन समाज को सही दिशा देने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब समाज में तनाव और वैचारिक विभाजन बढ़ रहा है, तब ऐसे धार्मिक आयोजन आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव का संदेश देते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें कर्म, कर्तव्य और मानवता का पाठ पढ़ाता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के आयोजन युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपरा से जोड़ते हैं, जो समाज के संतुलित विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

 

आध्यात्मिक माहौल में कथा का क्रम जारी

कथा के दौरान प्रतिदिन श्रीकृष्ण जन्म, बाल लीला, गोवर्धन पूजा, रासलीला, सुदामा चरित्र और गीता के उपदेशों का भावपूर्ण वर्णन किया जा रहा है। बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु, युवा और बुजुर्ग प्रतिदिन कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। कथा स्थल पर भजन-कीर्तन और जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना हुआ है।

 

सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना पर जोर

आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना है। समिति के अनुसार ऐसे आयोजन ग्रामीण समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और नई पीढ़ी को संस्कारों से परिचित कराते हैं।

 

व्यवस्थाएं और समापन कार्यक्रम

आयोजन को लेकर पंडाल, ध्वनि व्यवस्था, प्रकाश और बैठने की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रबंध किए गए हैं। 31 जनवरी को कथा के समापन अवसर पर हवन, पूर्णाहुति और विशाल भंडारे का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

 

कुशमाहा श्रीमद् भागवत कथा में पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख

कुशमाहा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख

Author: संवाददाता, देवघर

Date: 23 जनवरी 2026

 

प्रश्न 1: कुशमाहा श्रीमद् भागवत कथा कब तक चलेगी?

उत्तर: यह कथा 23 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक चलेगी।

प्रश्न 2: कथा का समय क्या है?

उत्तर: प्रतिदिन दोपहर 03 बजे से रात्रि 08 बजे तक कथा वाचन होता है।

प्रश्न 3: कथा वाचक कौन हैं?

उत्तर: कथा वाचन पंडित गिरीधारी झा द्वारा किया जा रहा है।

प्रश्न 4: किन अतिथियों का आगमन हुआ?

उत्तर: पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों का आगमन हुआ।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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