वंदे मातरम् थीम पर देवघर पुस्तक मेला शुरू, किताबें भविष्य की दिशा दिखाती हैं : कौशल किशोर झा

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वंदे मातरम् थीम पर देवघर पुस्तक मेला शुरू, किताबें भविष्य की दिशा दिखाती हैं : कौशल किशोर झा

 

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देवघर में वंदे मातरम् थीम पर पुस्तक मेला 23 जनवरी से 2 फरवरी तक आयोजित। उद्घाटन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कौशल किशोर झा बोले—किताबें अतीत ही नहीं भविष्य भी दिखाती हैं।

 

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देवघर पुस्तक मेला

Author:

नगर संवाददाता, देवघर

Date:

23 जनवरी 2026

 

‘वंदे मातरम्’ थीम पर देवघर में भव्य पुस्तक मेला शुरू,

किताब अतीत ही नहीं भविष्य भी दिखाती है : कौशल किशोर झा

 

 

Deoghar Vande Mataram Book Fair inauguration

देवघर में ‘वंदे मातरम्’ थीम पर आयोजित पुस्तक मेले का उद्घाटन करते अतिथि

 

23 जनवरी से 2 फरवरी तक चलेगा देवघर पुस्तक मेला, देश के प्रतिष्ठित प्रकाशकों की भागीदारी

देवघर।

ज्ञान, संस्कार और राष्ट्रप्रेम के विचार को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित देवघर पुस्तक मेला का शुभारंभ गुरुवार को भव्य रूप से किया गया। ‘वंदे मातरम्’ थीम पर आधारित यह पुस्तक मेला 23 जनवरी से 2 फरवरी 2026 तक चलेगा, जिसमें देशभर के प्रतिष्ठित प्रकाशक, लेखक, साहित्यकार, शिक्षक और संस्कृति से जुड़े लोग भाग ले रहे हैं।

देवघर पुस्तक मेला केवल पुस्तकों की बिक्री का आयोजन नहीं, बल्कि विचारों के आदान-प्रदान, बौद्धिक विमर्श और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का मंच बनकर उभरा है। मेले में विद्यार्थियों, युवाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों, शोधार्थियों और सामान्य पाठकों के लिए हर वर्ग की पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं।

इस मेले में राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, सस्ता साहित्य मंडल, नई किताब प्रकाशन, रोहित बुक कंपनी, आकाश बुक डिस्ट्रीब्यूटर, किरण पब्लिकेशन, उपकर प्रकाशन, नेशनल बुक ट्रस्ट, पब्लिकेशन डिविजन, मैकग्रा हिल एजुकेशन, समय प्रकाशन सहित दर्जनों नामचीन प्रकाशन संस्थानों के स्टॉल लगाए गए हैं, जो मेले को राष्ट्रीय स्तर की पहचान दे रहे हैं।

 

“पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं, जीवन की दिशा तय करने वाली गुरु हैं”

देवघर पुस्तक मेला का उद्घाटन अपराह्न 3:30 बजे प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कौशल किशोर झा ने किया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पुस्तकें केवल अतीत की घटनाओं को संजोने का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि वे भविष्य का मार्ग भी दिखाती हैं।

उन्होंने कहा कि प्रिंट का आविष्कार मानव सभ्यता का सबसे बड़ा आविष्कार है। आज जब समाज डिजिटल माध्यमों पर अधिक निर्भर होता जा रहा है, ऐसे समय में पुस्तकों से जुड़ाव बनाए रखना और भी आवश्यक हो गया है। जो समाज पुस्तकों से जुड़ा रहता है, वही समाज बौद्धिक रूप से सशक्त, विवेकशील और जागरूक बनता है।

कौशल किशोर झा ने कहा कि विद्वानों और साहित्यकारों की संगति सौभाग्य से मिलती है और पुस्तक मेले ऐसे अवसर प्रदान करते हैं, जहां पाठक सीधे लेखकों और विचारों से जुड़ते हैं। उन्होंने देवघर में पुस्तक मेला आयोजित होने को शहर के लिए गर्व और सौभाग्य की बात बताया।

तकनीक के युग में भी पुस्तकों का महत्व बरकरार : रवि कुमार

उद्घाटन समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार ने कहा कि भले ही आज इंटरनेट, मोबाइल और सोशल मीडिया का युग है, लेकिन वास्तविक, गहन और स्थायी ज्ञान आज भी पुस्तकों से ही प्राप्त होता है।

उन्होंने कहा कि पुस्तक मेला तभी सार्थक माना जाएगा, जब यहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पुस्तक अवश्य खरीदे और उसे पढ़ने की आदत विकसित करे। पुस्तकों के माध्यम से ही समाज में विचारशीलता, सहिष्णुता और विवेक का विकास संभव है।

मंच संचालन कर रहे राम सेवक सिंह गुंजन ने कहा कि पुस्तकें विचार सृजन और विवेक जागरण का सबसे सहज माध्यम हैं। तन्हाई के क्षणों में पुस्तकें मनुष्य की सबसे अच्छी मित्र होती हैं और जीवन को नई दिशा देने का कार्य करती हैं। कई बार ऐसा लगता है कि पुस्तकें ही दिल की धड़कन बन जाती हैं।

 

साहित्यकार सम्मानित, ‘क्वांटम योग’ पुस्तक का विमोचन

देवघर पुस्तक मेला के दौरान साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। साहित्य सेवी सम्मान से अशोक कुमार गदिया, भाषा सेतु सम्मान से जयंती रंगनाथन, प्रवासी भारतीय साहित्य सम्मान से लंदन निवासी अंतरा बनर्जी तथा देवघर के डॉ. तारा चरण खवाड़े को आजीवन साहित्य सृजन सम्मान प्रदान किया गया।

इन सम्मानों के माध्यम से साहित्य के प्रति समर्पित रचनाकारों के योगदान को सम्मान देने का प्रयास किया गया, जिससे नई पीढ़ी को लेखन और पठन के लिए प्रेरणा मिल सके।

इसी अवसर पर मुकुट नारायण पुरोहितवार द्वारा लिखित पुस्तक “क्वांटम योग” का विमोचन भी किया गया। पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में साहित्यप्रेमियों और पाठकों ने विशेष रुचि दिखाई और लेखक से संवाद भी किया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम, बाल संसद और महिला संसद बने आकर्षण

देवघर पुस्तक मेला के अंतर्गत प्रतिदिन संध्या 5:30 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। सांस्कृतिक सत्र का उद्घाटन देवघर विधायक सह पूर्व मंत्री सुरेश पासवान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

‘वंदे मातरम्’ कार्यक्रम के तहत स्थानीय कलाकारों द्वारा भारत की महान विभूतियों की जीवंत प्रस्तुति दी जा रही है, जिससे दर्शकों में राष्ट्रभक्ति की भावना प्रबल हो रही है। लोक नृत्य, गीत-संगीत और नाट्य प्रस्तुतियां मेले को सांस्कृतिक रूप से और भी समृद्ध बना रही हैं।

राजनीतिक और लोकतांत्रिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस बार महिला संसद, बाल संसद और बुजुर्ग संसद का आयोजन किया गया है, जहां सामाजिक, शैक्षणिक और राष्ट्रीय विषयों पर संवाद हो रहा है। यह पहल मेले को सामान्य पुस्तक प्रदर्शनी से अलग पहचान देती है।

सरस्वती पूजा, गणमान्य अतिथि और आयोजन समिति की सक्रिय भूमिका

पुस्तक मेला परिसर में सरस्वती पूजा का आयोजन भी श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और विद्यार्थियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में आरडीडीई डॉ. दुर्गा नन्द झा, साइबर डीएसपी राजा मित्रा, प्रभात खबर के संपादक डॉ. आलोक कुमार सिंह, पुस्तक मेला अध्यक्ष डॉ. युधिष्ठिर प्रसाद राय, संयोजक सुभाष चन्द्र राय, सचिव निर्मल कुमार सहित बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि और आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति, साहित्यप्रेमी, शिक्षक, कलाकार और स्वयंसेवक पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जुटे हुए हैं। आयोजन समिति ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पुस्तक मेले में पहुंचकर पुस्तकों से जुड़ें और ज्ञान, संस्कृति व राष्ट्रप्रेम के इस उत्सव का हिस्सा बनें।

यह जानकारी पुस्तक मेला के मीडिया प्रभारी नवीन शर्मा ने दी।

 

 

Q1. देवघर पुस्तक मेला 2026 कब तक चलेगा?

उत्तर : यह पुस्तक मेला 23 जनवरी से 2 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।

Q2. देवघर पुस्तक मेला की थीम क्या है?

उत्तर : पुस्तक मेला ‘वंदे मातरम्’ थीम पर आधारित है।

Q3. पुस्तक मेले का उद्घाटन किसने किया?

उत्तर: उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कौशल किशोर झा ने किया।

Q4. पुस्तक मेले में कौन-कौन से कार्यक्रम हो रहे हैं?

उत्तर : पुस्तक प्रदर्शनी, साहित्य सम्मान, पुस्तक विमोचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, बाल संसद और महिला संसद प्रमुख आकर्षण हैं।

 

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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