देवघर में उपायुक्तों के लगातार तबादले पर आजसू का हमला, राज्यपाल से की हस्तक्षेप की मांग

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आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव ध्रुव प्रसाद साह ने झारखंड के राज्यपाल को पत्र लिखकर देवघर में उपायुक्तों के बार-बार तबादले, बिचौलिया राज और भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल उठाए। श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर भी चिंता जताई गई।

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देवघर में उपायुक्तों के लगातार तबादले पर आजसू का हमला, राज्यपाल से की हस्तक्षेप की मांग

“बाबा नगरी को प्रशासनिक अस्थिरता और बिचौलिया राज ने जकड़ा”, ध्रुव प्रसाद साह ने राज्यपाल को भेजा पत्र

सुनील झा | देवघर | 24 मई 2026


आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव ध्रुव प्रसाद साह द्वारा राज्यपाल को भेजा गया ज्ञापन

झारखंड की राजनीति में देवघर को लेकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक बयान सामने आया है। आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव एवं गोड्डा जिला सह प्रभारी ध्रुव प्रसाद साह ने झारखंड के महामहिम राज्यपाल को पत्र भेजकर देवघर जिले में उपायुक्तों के बार-बार स्थानांतरण, प्रशासनिक अस्थिरता, बढ़ते बिचौलिया राज और भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में आम जनता सरकारी कार्यालयों में बिना दलालों के अपना काम नहीं करा पा रही है और बाबा बैद्यनाथ की पावन नगरी विकास योजनाओं के बावजूद उपेक्षा का शिकार बन रही है।

ध्रुव प्रसाद साह ने अपने पत्र में यह भी कहा कि श्रावणी मेला 2026 नजदीक है, लेकिन अब तक तैयारियों की गति बेहद धीमी दिखाई दे रही है। उन्होंने राज्यपाल से हस्तक्षेप कर देवघर जैसे धार्मिक और अंतरराष्ट्रीय पहचान वाले जिले में प्रशासनिक स्थिरता सुनिश्चित कराने की मांग की है।

“झारखंड को लूट का अड्डा बना दिया गया”

आजसू नेता ध्रुव प्रसाद साह ने अपने पत्र में राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड में लगभग हर विभाग में बिचौलियों का बोलबाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेंशन, राशन कार्ड, जमीन संबंधित कार्य, जाति-आवासीय प्रमाण पत्र जैसे सामान्य कार्यों के लिए भी लोगों को दलालों का सहारा लेना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि राज्य में बालू, पत्थर, कोयला और जमीन से जुड़े मामलों में व्यापक स्तर पर लूट-खसोट चल रही है और इसमें सत्ता संरक्षण की भी आशंका जताई जा रही है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि आम नागरिक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, जबकि प्रशासनिक मशीनरी जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय राजनीतिक अस्थिरता में उलझी हुई दिखाई दे रही है।

देवघर की धार्मिक और राष्ट्रीय पहचान का किया उल्लेख

ध्रुव प्रसाद साह ने अपने पत्र में देवघर की धार्मिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देवघर केवल एक जिला नहीं, बल्कि द्वादश ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ धाम की पावन नगरी है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से पहुंचते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा देवघर में एयरपोर्ट, एम्स, देवघर कॉरिडोर और श्रावणी मेला जैसी कई बड़ी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। बावजूद इसके, प्रशासनिक स्थिरता के अभाव में कई योजनाओं की गति प्रभावित हो रही है।

आजसू नेता ने आरोप लगाया कि हर तीन-चार महीने में उपायुक्त बदल दिए जाने से विकास कार्यों की निरंतरता टूट जाती है। नई प्रशासनिक टीम के आने के बाद योजनाओं की समीक्षा और प्रक्रिया दोबारा शुरू होती है, जिससे जनता को अपेक्षित लाभ समय पर नहीं मिल पाता।

श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों पर उठाए सवाल

पत्र में आगामी श्रावणी मेला 2026 को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। ध्रुव प्रसाद साह ने कहा कि श्रावणी मेला अंतरराष्ट्रीय स्तर का धार्मिक आयोजन है, जहां करोड़ों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि अभी तक मेले की तैयारियों में अपेक्षित तेजी दिखाई नहीं दे रही है। सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, सुरक्षा, ट्रैफिक और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े कई मुद्दे अभी भी अधूरे हैं।

उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि बाबा नगरी की योजनाओं और श्रावणी मेला की तैयारियों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के लिए राज्य सरकार को आवश्यक निर्देश दिए जाएं।

उपायुक्त के न्यूनतम दो वर्ष के कार्यकाल की मांग

आजसू पार्टी की ओर से राज्यपाल को भेजे गए पत्र में देवघर जिले के उपायुक्त का न्यूनतम कार्यकाल दो वर्ष तय करने की मांग भी की गई है।

ध्रुव प्रसाद साह का कहना है कि लगातार प्रशासनिक फेरबदल से अधिकारियों की जवाबदेही और योजनाओं की निगरानी प्रभावित होती है। यदि किसी उपायुक्त को पर्याप्त समय मिले, तो वह जिले की आवश्यकताओं को बेहतर तरीके से समझकर योजनाओं को जमीन पर उतार सकता है।

उन्होंने कहा कि देवघर जैसे धार्मिक और संवेदनशील जिले में प्रशासनिक स्थिरता बेहद जरूरी है, खासकर तब जब यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की परियोजनाएं संचालित हो रही हों।

“सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी आजसू”

अपने पत्र के अंत में ध्रुव प्रसाद साह ने कहा कि आजसू पार्टी बाबा बैद्यनाथ की नगरी के सम्मान और जनता के अधिकारों के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।

उन्होंने कहा कि जनता वर्तमान व्यवस्था से परेशान है और आने वाले समय में जनता इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि श्रावणी मेला और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर विपक्ष आने वाले दिनों में सरकार को और अधिक घेर सकता है। देवघर की प्रशासनिक व्यवस्था और विकास योजनाओं को लेकर उठे ये सवाल अब राजनीतिक बहस का नया विषय बनते जा रहे हैं।

निष्कर्ष

देवघर में उपायुक्तों के लगातार तबादले और कथित बिचौलिया राज को लेकर आजसू पार्टी ने राज्यपाल तक अपनी आवाज पहुंचाकर राज्य की राजनीति में नया विमर्श खड़ा कर दिया है। बाबा बैद्यनाथ धाम जैसी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक नगरी में प्रशासनिक स्थिरता, पारदर्शिता और बेहतर व्यवस्था की मांग अब केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि जनभावनाओं से भी जुड़ा विषय बनती जा रही है। आने वाले दिनों में राज्य सरकार और प्रशासन इस पर क्या कदम उठाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

Q1. आजसू पार्टी ने राज्यपाल को क्या मांगपत्र भेजा है?

A. आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव ध्रुव प्रसाद साह ने देवघर में उपायुक्तों के लगातार तबादले, बिचौलिया राज और भ्रष्टाचार को लेकर राज्यपाल को पत्र भेजा है।

Q2. पत्र में सबसे बड़ी मांग क्या रखी गई है?

A. देवघर जिले में उपायुक्त का न्यूनतम दो वर्ष का कार्यकाल सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

Q3. श्रावणी मेला को लेकर क्या चिंता जताई गई है?

A. पत्र में कहा गया है कि श्रावणी मेला 2026 नजदीक है, लेकिन तैयारियों की गति संतोषजनक नहीं है।

Q4. देवघर को क्यों महत्वपूर्ण बताया गया है?

A. देवघर बाबा बैद्यनाथ धाम, एम्स, एयरपोर्ट और धार्मिक पर्यटन के कारण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व का जिला माना जाता है।

Q5. आजसू पार्टी ने आगे क्या कहा है?

A. पार्टी ने कहा है कि बाबा नगरी के सम्मान और जनता के अधिकारों के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रहेगा।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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