102 वर्ष की कौशल्या देवी पंचतत्व में विलीन, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

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झारखंड के पूर्व मंत्री हरिनारायण राय की माता कौशल्या देवी का 102 वर्ष की आयु में निधन हो गया। जियाखाड़ अजय नदी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार में पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, विधायक देवेंद्र कुंवर समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए।

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102 वर्ष की कौशल्या देवी पंचतत्व में विलीन, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

पूर्व मंत्री हरिनारायण राय की माता के निधन पर क्षेत्र में शोक की लहर, बादल पत्रलेख और विधायक देवेंद्र कुंवर ने दी श्रद्धांजलि

सुनील झा | देवघर | 25 मई 2026

कौशल्या देवी के अंतिम संस्कार में शामिल जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग।

देवघरझारखंड के पूर्व मंत्री हरिनारायण राय की माता एवं स्वर्गीय सोना राय की धर्मपत्नी कौशल्या देवी का शुक्रवार को 102 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही सोनारायठाढ़ी सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बताया गया कि उन्होंने अपने सोनारायठाढ़ी स्थित पैतृक आवास में अंतिम सांस ली। शनिवार को जियाखाड़ अजय नदी श्मशान घाट पर पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि कौशल्या देवी के छोटे पुत्र संजय राय ने दी। जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक प्रतिनिधि और शुभचिंतक मौजूद रहे।

कौशल्या देवी अपने पीछे एक बड़ा परिवार छोड़ गई हैं। वे लंबे समय से सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों की प्रतीक मानी जाती थीं। गांव और आसपास के इलाके में लोग उन्हें सम्मान और स्नेह से याद करते थे। उनके निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।

अंतिम यात्रा में उमड़ी लोगों की भीड़

शनिवार सुबह जैसे ही कौशल्या देवी की अंतिम यात्रा निकली, सोनारायठाढ़ी और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी। ग्रामीण महिलाओं से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक हर वर्ग के लोग इस दुखद घड़ी में परिवार के साथ खड़े दिखाई दिए।

जियाखाड़ अजय नदी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान वातावरण पूरी तरह गमगीन रहा। पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनका दाह संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

बादल पत्रलेख ने परिजनों को बंधाया ढाढस

अंतिम संस्कार में झारखंड के पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने पूर्व मंत्री हरिनारायण राय और उनके परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। बादल पत्रलेख ने कहा कि कौशल्या देवी का जीवन सादगी, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक था। उनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।

उन्होंने कहा कि 102 वर्ष का जीवन अपने आप में अनुभव, संघर्ष और प्रेरणा का बड़ा उदाहरण है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा क्षेत्र शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा है।

विधायक देवेंद्र कुंवर समेत कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

जरमुंडी के विधायक देवेंद्र कुंवर भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए और उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, स्थानीय बुद्धिजीवी और विभिन्न संगठनों के लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कौशल्या देवी के व्यक्तित्व और उनके पारिवारिक संस्कारों की सराहना की।

अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचे लोगों ने कहा कि कौशल्या देवी ने पूरे जीवन परिवार और समाज को जोड़कर रखने का कार्य किया। उनकी सादगी और व्यवहार लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहेगा।

क्षेत्र में शोक का माहौल, घर पहुंच रहे लोग

कौशल्या देवी के निधन के बाद से सोनारायठाढ़ी स्थित आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का लगातार आना-जाना लगा रहा। विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
ग्रामीणों का कहना है कि कौशल्या देवी गांव की बुजुर्ग और सम्मानित महिला थीं। उन्होंने अपने जीवन में हमेशा परिवार और समाज को प्राथमिकता दी। यही वजह है कि उनके निधन की खबर से हर कोई भावुक दिखाई दिया।

सादगी और संस्कारों से भरा रहा जीवन

स्थानीय लोगों के अनुसार कौशल्या देवी बेहद सरल स्वभाव की महिला थीं। वे धार्मिक प्रवृत्ति की थीं और हमेशा लोगों को आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश देती थीं। परिवार के लोग बताते हैं कि उन्होंने हर परिस्थिति में परिवार को एकजुट रखने का प्रयास किया और आने वाली पीढ़ियों को अच्छे संस्कार दिए।
उनके जीवन का सबसे बड़ा संदेश परिवार और समाज के प्रति समर्पण माना जा रहा है। यही कारण है कि अंतिम यात्रा में शामिल लोग उन्हें एक आदर्श मातृशक्ति के रूप में याद कर रहे थे।

निष्कर्ष

102 वर्ष की आयु में कौशल्या देवी का निधन केवल एक परिवार की व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए भावनात्मक क्षण बन गया। अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण रही कि उन्होंने अपने जीवन में लोगों के बीच कितना सम्मान और अपनापन अर्जित किया था। समाज और परिवार के प्रति उनका योगदान हमेशा लोगों की स्मृतियों में जीवित रहेगा।

Q1. कौशल्या देवी का निधन कब हुआ?

A. कौशल्या देवी का निधन शुक्रवार को 102 वर्ष की आयु में सोनारायठाढ़ी स्थित आवास में हुआ।

Q2. कौशल्या देवी कौन थीं?

A. वे झारखंड के पूर्व मंत्री हरिनारायण राय की माता और स्वर्गीय सोना राय की धर्मपत्नी थीं।

Q3. उनका अंतिम संस्कार कहां किया गया?

A. उनका अंतिम संस्कार जियाखाड़ अजय नदी श्मशान घाट में शनिवार को किया गया।

Q4. अंतिम संस्कार में कौन-कौन शामिल हुए?

A. अंतिम संस्कार में पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए।

Q5. क्षेत्र में लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?

A. उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई और बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन एवं श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

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Author: Baba Wani

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