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✅ अयोध्या राम मंदिर में पीएम मोदी और RSS प्रमुख मोहन भागवत ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धर्म ध्वज फहराया। देशभर में आध्यात्मिक उत्साह की लहर दौड़ी।
✅ अयोध्या राम मंदिर धर्म ध्वजारोहण
📰 अयोध्या राम मंदिर में लहराया धर्म ध्वज, PM मोदी और RSS प्रमुख मोहन भागवत ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया ध्वजारोहण
अयोध्या। विश्वभर के करोड़ों रामभक्तों के लिए मंगलवार, 25 नवंबर 2025 का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर पहली बार धर्म ध्वज लहराया गया। इस भव्य और दिव्य क्षण का साक्षी पूरा राष्ट्र बना, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संयुक्त रूप से यह ध्वजारोहण किया।
यह अवसर न सिर्फ मंदिर की आध्यात्मिक महिमा को बढ़ाने वाला था, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण और विश्व मंच पर भारतीय परंपरा के गौरव को पुनर्स्थापित करने वाला भी माना जा रहा है। अयोध्या में आयोजित इस कार्यक्रम में तमाम संत-धर्माचार्य, केंद्रीय मंत्री, राज्य सरकार के प्रतिनिधि और हजारों रामभक्त मौजूद रहे।
✈️ पीएम मोदी का अयोध्या आगमन और भव्य स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह दिल्ली से अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। यहां से वे हेलिकॉप्टर द्वारा सीधे साकते महाविद्यालय पहुंचे।
अयोध्या की भूमि पर कदम रखते ही पूरे शहर में जय श्रीराम के जयघोष गूंज उठे। सड़कों पर स्थानीय नागरिक, साधु-संत और विभिन्न संगठनों ने पुष्पवर्षा करते हुए प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
🚩 भव्य रोड शो और सप्त मंदिर में पूजा-अर्चना
साकते महाविद्यालय से पीएम मोदी का रोड शो ऐतिहासिक रहा। हजारों की भीड़ ‘राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’ के नारे लगाते हुए अपने नेता का स्वागत कर रही थी।
रोड शो के बाद प्रधानमंत्री सप्त मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। सप्त मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच पूरा वातावरण आध्यात्मिक हो उठा।
🛕 राम मंदिर में गर्भगृह और प्रथम तल पर पूजा
सप्त मंदिर में पूजा के बाद प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से श्री राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। यहां पहुंचते ही उन्होंने गर्भगृह में राम लला के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की।
इसके बाद वे मंदिर के प्रथम तल पर निर्मित राम दरबार में पहुंचे। राम दरबार में स्थापित भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की भव्य प्रतिमाओं के समक्ष प्रधानमंत्री ने विशेष पूजा की।
इस दौरान RSS प्रमुख मोहन भागवत भी उनके साथ रहे, जिन्होंने पूरे अनुष्ठान में भाग लिया। धर्माचार्यों के मार्गदर्शन में पूरा कार्यक्रम वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ।
🚩 धर्म ध्वजारोहण—ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण
सभी धार्मिक अनुष्ठानों के बाद मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराने का पवित्र क्षण आया। हजारों लोगों की मौजूदगी और करोड़ों लोगों की वर्चुअल उपस्थिति में पीएम मोदी और मोहन भागवत ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया।
वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद, नगाड़ों की थाप और “जय श्रीराम” के गगनभेदी नारे ने इस पल को अविस्मरणीय बना दिया।
धर्म ध्वज के शिखर पर लहराते ही ऐसा प्रतीत हुआ कि अयोध्या की धरा एक दिव्य ऊर्जा से भर उठी हो। मंदिर परिसर में मौजूद लोग भावविभोर हो गए और कई भक्तों की आंखों से श्रद्धा के आँसू छलक पड़े।
🗣️ सीएम योगी आदित्यनाथ का संदेश—‘राष्ट्र आज राममय है’
इस ऐतिहासिक क्षण से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा—
“सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का यह दिव्य संदेश पूरे भारतवर्ष में अदम्य आध्यात्मिक आत्मिक ऊर्जा का संचार कर रहा है। करोड़ों रामभक्तों की आस्था, तपस्या और प्रतीक्षा आज एक नए शिखर पर प्रतिष्ठित होने जा रही है। राष्ट्र आज राममय है, धर्ममय है।”
सीएम योगी का यह संदेश पूरे देश में तेजी से वायरल हो गया और लाखों लोगों ने इसे साझा किया।

🌍 देशभर में उत्सव जैसा माहौल
अयोध्या में धर्म ध्वजारोहण का यह कार्यक्रम पूरे देश में उत्सव के रूप में मनाया गया। मंदिरों में विशेष पूजा आयोजित की गई, कई जगह भजन-कीर्तन और शोभायात्राएं निकाली गईं।
देश के विभिन्न हिस्सों में रामभक्तों ने दीप जलाकर और अन्नदान करके इस पवित्र क्षण का स्वागत किया।
🔱 राम मंदिर का ध्वज—आस्था, शक्ति और सनातन संस्कृति का प्रतीक
राम मंदिर पर लहराया गया धर्म ध्वज केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि सनातन धर्म की महिमा, श्रद्धा, शक्ति और भारतीय संस्कृति के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है। धर्माचार्यों के अनुसार, मंदिर के शिखर पर ध्वज लगाना शुभता, समृद्धि और रक्षा का प्रतीक माना जाता है।
✨ निष्कर्ष
अयोध्या राम मंदिर में धर्म ध्वजारोहण का क्षण भारतीय इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक घटनाओं में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और RSS प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में हुआ यह अनुष्ठान भारत की सांस्कृतिक आत्मा को और भी सुदृढ़ करता है।
अयोध्या आज सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र बनकर पूरे राष्ट्र को राममय और धर्ममय करने का संदेश दे रहा है।










