https://budhai-chowk-fire-deoghar-ganga-narayan-singh-help
देवघर के बुढ़ैई चौक पर भीषण अगलगी में सात दुकानदारों की दुकानें जलकर खाक। गंगा नारायण सिंह ने मौके पर पहुंचकर प्रत्येक पीड़ित को 10 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की।
बुढ़ैई चौक अगलगी, देवघर आगजनी, गंगा नारायण सिंह मदद, दुकानदारों को राहत, देवघर समाचार, फायर एक्सीडेंट झारखंड
बुढ़ैई चौक अगलगी: गंगा नारायण सिंह ने बढ़ाया मदद का हाथ, सात दुकानदारों को राहत
मौके पर पहुंचकर पीड़ितों से मिले, प्रत्येक प्रभावित को 10 हजार रुपये देने की घोषणा
संवाददाता | देवघर | 29 मार्च 2026

देवघर जिले के बुढ़ैई चौक के समीप हुई भीषण अगलगी की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में सात दुकानदारों की दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं, जिससे उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। घटना के तुरंत बाद सामाजिक कार्यकर्ता सह भाजपा नेता गंगा नारायण सिंह ने मौके पर पहुंचकर मानवीय संवेदना का परिचय दिया और पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
सात दुकानदारों का सब कुछ जलकर हुआ राख
अगलगी की इस घटना में प्रदीप यादव (मुकेश यादव), राहुल साह, अजय साह (अमन), पप्पू कुमार यादव, उत्तम रवानी, तेजनारायण यादव और जानकी यादव की दुकानें पूरी तरह नष्ट हो गईं। इन दुकानों में रखा सामान, नकदी और जरूरी उपकरण सब कुछ आग की भेंट चढ़ गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि दुकानदारों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते वर्षों की मेहनत और कमाई कुछ ही मिनटों में राख में तब्दील हो गई।
गंगा नारायण सिंह ने मौके पर पहुंचकर बांटा दुख-दर्द
घटना की जानकारी मिलते ही गंगा नारायण सिंह तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित दुकानदारों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।
उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। ऐसे समय में समाज के हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह आगे आकर पीड़ितों की मदद करे।
प्रत्येक दुकानदार को 10 हजार रुपये की सहायता
गंगा नारायण सिंह ने मौके पर ही राहत की घोषणा करते हुए सभी सात प्रभावित दुकानदारों को अपने निजी कोष से 10-10 हजार रुपये देने का ऐलान किया।
उन्होंने कहा कि यह सहायता भले ही सीमित हो, लेकिन इससे पीड़ितों को तत्काल राहत मिलेगी और वे दोबारा अपने व्यवसाय को खड़ा करने की दिशा में पहला कदम उठा सकेंगे।
उनकी इस पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना की और इसे संकट की घड़ी में सच्ची सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण बताया।
प्रशासन से मुआवजे की मांग
गंगा नारायण सिंह ने जिला प्रशासन से भी अपील की कि इस अग्निकांड की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पीड़ितों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को केवल तात्कालिक नहीं बल्कि स्थायी राहत की जरूरत है। प्रशासन को चाहिए कि नुकसान का आकलन कर जल्द से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि, प्रशासन ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।
फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
स्थानीय लोगों ने भी बढ़ाया सहयोग का हाथ
घटना के बाद इलाके में शोक और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोग भी पीड़ित दुकानदारों के समर्थन में आगे आ रहे हैं और हर संभव मदद करने की बात कर रहे हैं।
कुछ सामाजिक संगठनों ने भी राहत सामग्री उपलब्ध कराने और आर्थिक सहायता जुटाने की पहल शुरू कर दी है।
अग्नि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत
इस घटना ने एक बार फिर शहर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार क्षेत्रों में नियमित बिजली जांच, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और जागरूकता बेहद जरूरी है।
गंगा नारायण सिंह ने भी इस दिशा में प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
निष्कर्ष
बुढ़ैई चौक की यह अगलगी घटना न केवल आर्थिक नुकसान का प्रतीक है, बल्कि यह उन परिवारों के लिए गहरी पीड़ा भी लेकर आई है, जिनकी रोजी-रोटी इससे जुड़ी थी। ऐसे समय में गंगा नारायण सिंह द्वारा बढ़ाया गया मदद का हाथ उम्मीद की एक किरण बनकर सामने आया है।
अब जरूरत है कि समाज और प्रशासन मिलकर इन पीड़ितों को स्थायी राहत प्रदान करें और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं।
Q1. बुढ़ैई चौक अगलगी में कितने लोग प्रभावित हुए?
A. इस घटना में कुल सात दुकानदार प्रभावित हुए, जिनकी दुकानें पूरी तरह जल गईं।
Q2. गंगा नारायण सिंह ने क्या सहायता दी?
A. उन्होंने प्रत्येक प्रभावित दुकानदार को 10 हजार रुपये देने की घोषणा की।
Q3. आग लगने का कारण क्या था?
A. प्रारंभिक रूप से शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन जांच जारी है।
Q4. क्या प्रशासन ने कोई कदम उठाया है?
A. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मुआवजे को लेकर निर्णय की प्रतीक्षा है।
Q5. क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है?
A. हाँ, उचित अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, नियमित जांच और जागरूकता से ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।









