चैती दुर्गा पूजा पर देवघर में आस्था का सैलाब, 251 कन्याओं के साथ निकली भव्य कलश यात्रा

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देवघर के वार्ड नंबर 8 चंदाजोरी में चैती दुर्गा पूजा पर भव्य कलश यात्रा निकली। 251 कन्याओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र जल भरा, डिप्टी मेयर दीप चटर्जी समेत कई गणमान्य लोग हुए शामिल।

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चैती दुर्गा पूजा पर देवघर में आस्था का सैलाब, 251 कन्याओं के साथ निकली भव्य कलश यात्रा

डिप्टी मेयर दीप चटर्जी बोलीं—ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का होता है संचार

संवाददाता | देवघर | 20 मार्च 2026

कलश यात्रा में शामिल 251 कन्याएं पवित्र जल भरते हुए, डिप्टी मेयर टिप चटर्जी व अन्य

देवघर में चैती दुर्गा पूजा 2026 के अवसर पर वार्ड नंबर 8 स्थित चंदाजोरी क्षेत्र में आस्था, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। नवरात्र के पावन अवसर पर यहां भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें 251 कन्याओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र जल भरकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को भी मजबूती देने वाला साबित हुआ।

चंदाजोरी से नंदन पहाड़ तक गूंजे जयकारे

कलश यात्रा की शुरुआत चंदाजोरी दुर्गा मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं का जत्था डढ़वा नदी, बेला बगान, दुर्गाबाड़ी, कालीबाड़ी होते हुए नंदन पहाड़ की ओर बढ़ा।
यात्रा के दौरान डीजे पर बज रहे धार्मिक गीतों और जय माता दी तथा जय श्री राम के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भारी भागीदारी ने इस आयोजन को और भी भव्य बना दिया।

251 कन्याओं ने भरा पवित्र जल, वैदिक मंत्रों से गूंजा वातावरण

नंदन पहाड़ लेक स्थित तालाब परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 251 कन्याओं ने पवित्र जल भरकर कलश स्थापित किया। यह दृश्य अत्यंत श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर था।

इसके बाद सभी श्रद्धालु पुनः चंदाजोरी दुर्गा मंदिर पहुंचे, जहां पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कलश यात्रा का समापन किया गया।

डिप्टी मेयर टिप चटर्जी का विशेष संदेश

डिप्टी मेयर टिप चटर्जी इस भव्य आयोजन की साक्षी बनीं और उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ कलश यात्रा में भी भाग लिया।

उन्होंने कहा कि रामनवमी का महापर्व केवल भगवान राम की पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मां दुर्गा की आराधना और शक्ति की उपासना का भी महत्वपूर्ण अवसर है।

उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को आपसी भाईचारे व एकता के सूत्र में बांधते हैं।

वर्षों पुरानी परंपरा, आज भी कायम

वार्ड पार्षद मंजू देवी ने बताया कि उनके क्षेत्र में यह धार्मिक परंपरा वर्षों से चली आ रही है। हर साल नवरात्र के दौरान इस तरह की भव्य कलश यात्रा निकाली जाती है, जिसमें स्थानीय लोगों की बढ़-चढ़कर भागीदारी रहती है।

उन्होंने कहा कि चंदाजोरी के साथ-साथ आसपास के मोहल्लों के लोग भी इस आयोजन में शामिल होते हैं, जिससे सामाजिक समरसता और सहयोग की भावना मजबूत होती है।

आयोजन को ऐतिहासिक बताया, लोगों में दिखा उत्साह

वार्ड पार्षद रूबी देवी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस तरह के धार्मिक अनुष्ठान समाज को जोड़ने का काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि पवित्र कलश में वैदिक मंत्रों के बीच जल भरने का अवसर मिलना अपने आप में सौभाग्य की बात है। उन्होंने शहरवासियों की सुख-समृद्धि की कामना भी की।

डीजे और धार्मिक गीतों से बना उत्सव का माहौल

कलश यात्रा के दौरान डीजे की धुन पर धार्मिक गीत बजते रहे, जिससे पूरे रास्ते में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। श्रद्धालु झूमते-गाते हुए आगे बढ़ते रहे और हर ओर भक्ति का रंग छाया रहा।

यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई।

गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति

इस भव्य आयोजन में डिप्टी मेयर टिप चटर्जी, वार्ड पार्षद मंजू देवी, रूबी देवी, संजीव कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसके अलावा डिप्टी मेयर के पति भोला सिंह समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु भी मौजूद थे।

निष्कर्ष

देवघर के चंदाजोरी में आयोजित यह कलश यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का अद्भुत उदाहरण बनकर सामने आई। 251 कन्याओं द्वारा पवित्र जल भरने से लेकर हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी तक, हर पहलू ने इस आयोजन को खास बना दिया।

ऐसे आयोजन न केवल धार्मिक भावनाओं को सशक्त करते हैं, बल्कि समाज में भाईचारे, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार करते हैं।

प्रश्न 1. चैती दुर्गा पूजा कब मनाई जाती है?

उत्तर: चैती दुर्गा पूजा चैत्र माह के नवरात्र में मनाई जाती है, जो वसंत ऋतु में आती है।

प्रश्न 2. कलश यात्रा का क्या महत्व है?

उत्तर: कलश यात्रा धार्मिक शुद्धता, शक्ति और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है। इसमें पवित्र जल भरकर देवी की आराधना की जाती है।

प्रश्न 3. इस आयोजन में कितनी कन्याएं शामिल हुईं?

उत्तर: इस कलश यात्रा में कुल 251 कन्याओं ने भाग लेकर पवित्र जल भरा।

प्रश्न 4. आयोजन कहां से शुरू हुआ और कहां समाप्त हुआ?

उत्तर: यात्रा चंदा जोड़ी दुर्गा मंदिर से शुरू होकर नंदन पहाड़ लेक पहुंची और फिर मंदिर में आकर समाप्त हुई।

प्रश्न 5. इस आयोजन में कौन-कौन शामिल हुए?

उत्तर: डिप्टी मेयर दीप चटर्जी, वार्ड पार्षद मंजू देवी, रूबी देवी, संजीव कुमार सहित कई गणमान्य लोग और स्थानीय श्रद्धालु शामिल।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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