देवघर का लाल शहीद: SSB जवान प्रहलाद सिंह की शहादत पर उमड़ा जनसैलाब, बादल पत्रलेख ने गांव पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

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देवघर के सारवां निवासी SSB जवान प्रहलाद सिंह की शहादत से क्षेत्र शोक में डूबा। पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने गांव पहुंचकर परिजनों को ढांढ़स बंधाया और वीर जवान को दी श्रद्धांजलि।

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देवघर का लाल शहीद: SSB जवान प्रहलाद सिंह की शहादत पर उमड़ा जनसैलाब, बादल पत्रलेख ने गांव पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

सारवां शोक में डूबा, पूर्व मंत्री बोले—“प्रहलाद की शहादत कभी व्यर्थ नहीं जाएगी”

संवाददाता | देवघर | 18 मार्च 2026

शहीद SSB जवान प्रहलाद सिंह

देवघर जिले के सारवां प्रखंड स्थित महतोडीह गांव से आई एक दर्दनाक खबर ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) में तैनात वीर जवान प्रहलाद सिंह ने देश सेवा के दौरान अपने प्राणों की आहुति देकर सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी शहादत की सूचना मिलते ही न सिर्फ परिवार बल्कि पूरा गांव और आसपास का इलाका गमगीन हो उठा।
प्रहलाद सिंह, विद्यानंद सिंह के पुत्र और सारवां पंचायत की मुखिया करूणा देवी के भतीजे थे। एक साधारण परिवार से निकलकर देश की रक्षा में जुटे इस वीर सपूत ने अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए वह उदाहरण पेश किया, जिसे आने वाली पीढ़ियां गर्व के साथ याद करेंगी।

शहादत की खबर से गांव में पसरा मातम

जैसे ही प्रहलाद सिंह की शहादत की खबर महतोडीह गांव पहुंची, पूरा इलाका स्तब्ध रह गया। हर घर में शोक का माहौल छा गया और लोगों की आंखें नम हो गईं। गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक, हर कोई इस वीर जवान के बलिदान को याद कर गर्व और दुःख दोनों महसूस करता दिखा।

स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रहलाद बचपन से ही देश सेवा का जज्बा रखते थे। उनकी सादगी, अनुशासन और समर्पण भावना ने उन्हें गांव का गौरव बना दिया था।

बादल पत्रलेख पहुंचे गांव, परिजनों को बंधाया ढांढ़स

शहादत की खबर मिलते ही झारखंड के पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख बिना देर किए महतोडीह गांव पहुंचे। उन्होंने शोक-संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढ़स बंधाया और इस कठिन समय में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

बादल पत्रलेख ने भावुक शब्दों में कहा—
“प्रहलाद सिंह ने देश की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की है। उनका यह बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाएगा। उनका नाम देश के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा।”

उन्होंने आगे कहा कि सरकार और समाज दोनों को ऐसे वीर सपूतों के परिवार के साथ खड़ा रहना चाहिए। उन्होंने परिजनों को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन भी दिया।

परिजनों से मुलाकात, नम आंखों से दी श्रद्धांजलि

पूर्व मंत्री ने शहीद के पिता विद्यानंद सिंह के आवास पर जाकर पूरे परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि शहीद की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।

इस दौरान गांव के सैकड़ों लोग भी वहां मौजूद रहे। हर कोई नम आंखों से अपने वीर बेटे को याद कर रहा था। माहौल इतना भावुक था कि कई लोग अपने आंसू नहीं रोक सके।

पूरे क्षेत्र में गर्व और शोक का संगम

प्रहलाद सिंह की शहादत ने एक ओर जहां लोगों को गहरे दुःख में डाल दिया है, वहीं दूसरी ओर उनके बलिदान ने हर दिल में देशभक्ति की भावना को और मजबूत कर दिया है।

स्थानीय युवाओं ने कहा कि प्रहलाद सिंह उनके लिए प्रेरणा हैं और उनका बलिदान उन्हें देश सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। गांव में जगह-जगह लोग इकट्ठा होकर उनके जीवन और योगदान को याद कर रहे हैं।

अजय नदी के सती घाट पर होगा अंतिम संस्कार

जानकारी के अनुसार, शहीद प्रहलाद सिंह का पार्थिव शरीर बुधवार को सारवां पहुंचेगा। पूरे राजकीय सम्मान के साथ अजय नदी के सती घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और आम लोग शामिल होंगे। पूरे क्षेत्र में शहीद को अंतिम विदाई देने की तैयारी चल रही है।

समाज और संगठन भी आगे आए

शहीद की खबर के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। “Babawani” की ओर से भी वीर जवान को कोटि-कोटि नमन और भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।

सोशल मीडिया पर भी #JaiHind और #IndianArmy जैसे हैशटैग के साथ लोग प्रहलाद सिंह के बलिदान को सलाम कर रहे हैं।

निष्कर्ष

प्रहलाद सिंह की शहादत केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे देश का नुकसान है। ऐसे वीर जवानों के कारण ही देश की सीमाएं सुरक्षित हैं और हम सभी सुरक्षित जीवन जी पा रहे हैं।

पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख का गांव पहुंचकर परिवार के साथ खड़ा होना इस बात का संकेत है कि समाज और नेतृत्व दोनों ही इस दुख की घड़ी में एकजुट हैं। प्रहलाद सिंह का बलिदान हमेशा देशवासियों को कर्तव्य, साहस और देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा।

Q1. प्रहलाद सिंह कौन थे?

Ans. प्रहलाद सिंह झारखंड के देवघर जिले के सारवां प्रखंड के महतोडीह गांव निवासी और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवान थे, जिन्होंने देश सेवा के दौरान शहादत प्राप्त की।

Q2. शहीद का अंतिम संस्कार कहां होगा?

Ans. उनका अंतिम संस्कार अजय नदी के सती घाट, सारवां में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

Q3. बादल पत्रलेख ने क्या कहा?

Ans. पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि प्रहलाद सिंह की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी और उनका नाम देश के इतिहास में दर्ज होगा।

Q4. शहादत की खबर पर क्षेत्र में क्या स्थिति है?

Ans. पूरे सारवां और आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल है, वहीं लोग शहीद के बलिदान पर गर्व भी महसूस कर रहे हैं।

🙏 Babawani की ओर से वीर शहीद को कोटि-कोटि नमन और भावभीनी श्रद्धांजलि।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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