देवघर में जल संकट की आहट: अजय और नावाडीह नदियों का सूखता जलस्तर बढ़ा रहा चिंता

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

https://deoghar-water-crisis-ajay-nawadih-river-inspection-mayor-action

देवघर में जल संकट की आहट के बीच महापौर रवि राउत ने अजय और नावाडीह नदियों का निरीक्षण किया। जलस्तर में गिरावट और अवैध बालू उठाव को बताया मुख्य कारण, नगर निगम ने शुरू की आपात तैयारी।

देवघर जल संकट, अजय नदी जलस्तर, नावाडीह नदी, रवि राउत निरीक्षण, अवैध बालू उठाव, देवघर नगर निगम, पेयजल संकट

देवघर में जल संकट की आहट: अजय और नावाडीह नदियों का सूखता जलस्तर बढ़ा रहा चिंता

अवैध बालू उठाव पर सख्ती की तैयारी, महापौर बोले—समय रहते नहीं चेते तो संकट होगा गहरा

संवाददाता | देवघर | 17 मार्च 2026

अजय नदी और नावाडीह नदी के निरीक्षण के दौरान महापौर रवि राउत

देवघर में गर्मी की दस्तक के साथ ही जल संकट की आशंका गहराने लगी है। शहर के प्रमुख जलस्रोतों में लगातार गिरते जलस्तर ने प्रशासन और नगर निगम की चिंता बढ़ा दी है। इसी को देखते हुए मंगलवार को महापौर रवि राउत ने अजय नदी और डढ़वा नदी का स्थल निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आई, वह आने वाले समय के लिए गंभीर संकेत दे रही है। दोनों नदियों में जलस्तर में भारी गिरावट दर्ज की गई है, और कई स्थानों पर नदी का तल पूरी तरह बालू से ढका हुआ नजर आया। यह स्थिति साफ तौर पर बताती है कि यदि अभी ठोस कदम नहीं उठाए गए तो देवघर को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।

नदियों का सूखता स्वरूप: चेतावनी दे रहे हालात

महापौर के निरीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि अजय और नावाडीह दोनों नदियों का जलस्तर सामान्य से काफी नीचे चला गया है। कई जगहों पर पानी के बजाय सिर्फ बालू ही दिखाई दे रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह का परिदृश्य यह संकेत देता है कि भूजल रिचार्ज की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। अगर नदियों में जल का प्रवाह और ठहराव नहीं होगा, तो इसका सीधा असर शहर की पेयजल आपूर्ति पर पड़ेगा।

अवैध बालू उठाव बना सबसे बड़ा कारण

निरीक्षण के बाद महापौर रवि राउत ने स्पष्ट रूप से कहा कि नदियों के जलस्तर में गिरावट का मुख्य कारण अनियंत्रित और अवैध बालू उठाव है।
उन्होंने कहा कि लगातार हो रही बालू निकासी के कारण नदी का प्राकृतिक ढांचा प्रभावित हो रहा है। इससे जल का संचयन नहीं हो पा रहा और पानी तेजी से नीचे जा रहा है।

महापौर ने यह भी संकेत दिया कि इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन को पत्र भेजा जाएगा, जिसमें अवैध बालू उठाव पर तत्काल रोक लगाने की मांग की जाएगी।

प्रशासनिक सख्ती के संकेत

नगर निगम अब इस पूरे मामले को लेकर एक्शन मोड में आ गया है। महापौर ने कहा कि जलस्रोतों के संरक्षण के लिए ठोस और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में प्रशासनिक स्तर पर छापेमारी, निगरानी और दंडात्मक कार्रवाई तेज की जा सकती है।

जल संकट से निपटने के लिए तैयार हो रहा ब्लूप्रिंट

केवल निरीक्षण तक सीमित न रहते हुए नगर निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था की दिशा में भी काम तेज कर दिया है।

महापौर ने जानकारी दी कि पेयजल विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर एक विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है। इसमें शामिल हैं: वैकल्पिक जल स्रोतों की पहचान, जरूरत पड़ने पर टैंकरों से जलापूर्ति, अतिरिक्त जल भंडारण व्यवस्था, संकटग्रस्त क्षेत्रों के लिए विशेष योजना यह ब्लूप्रिंट आने वाले महीनों में शहर को संभावित जल संकट से बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

पुनासी जलापूर्ति योजना में देरी बनी चुनौती

महापौर ने यह भी बताया कि पुनासी से शुरू होने वाली एक महत्वपूर्ण जलापूर्ति योजना में फिलहाल देरी हो रही है।

इस देरी के कारण शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, नगर निगम का दावा है कि वैकल्पिक उपायों के जरिए इस प्रभाव को कम करने की कोशिश की जा रही है।

लगातार मॉनिटरिंग और ग्राउंड निरीक्षण जारी

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि जल संकट से निपटने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जमीनी स्तर पर जाकर स्थिति का आकलन करें और समय-समय पर रिपोर्ट दें।

महापौर ने कहा कि जरूरत पड़ने पर और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे, ताकि शहरवासियों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े।

क्या देवघर को झेलना पड़ेगा जल संकट?

वर्तमान हालात को देखते हुए यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या देवघर आने वाले दिनों में जल संकट की चपेट में आ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अवैध बालू उठाव पर तुरंत रोक नहीं लगी और जल संरक्षण के उपाय लागू नहीं किए गए, तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

निष्कर्ष

देवघर में जल संकट की आहट अब स्पष्ट रूप से सुनाई देने लगी है। अजय और नावाडीह नदियों का गिरता जलस्तर एक बड़ी चेतावनी है।

हालांकि नगर निगम ने स्थिति को संभालने के लिए तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए अवैध गतिविधियों पर रोक और जल संरक्षण के प्रभावी उपाय जरूरी होंगे।

Q1. देवघर में जल संकट की मुख्य वजह क्या है?

Ans. अवैध और अत्यधिक बालू उठाव को जलस्तर गिरने का प्रमुख कारण बताया गया है।

Q2. किन नदियों का निरीक्षण किया गया?

Ans. महापौर ने अजय नदी और नावाडीह नदी का निरीक्षण किया।

Q3. नगर निगम क्या तैयारी कर रहा है?

Ans. वैकल्पिक जल स्रोत, टैंकर आपूर्ति और विशेष ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है।

Q4. क्या जलापूर्ति पर असर पड़ेगा?

Ans. यदि स्थिति नियंत्रित नहीं हुई तो जलापूर्ति प्रभावित हो सकती है।

Q5. प्रशासन क्या कार्रवाई करेगा?

Ans. अवैध बालू उठाव पर रोक लगाने और सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

Post view : 4

Leave a Comment

और पढ़ें