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भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों का ऐलान कर दिया है। 9 अप्रैल से मतदान शुरू होगा और 4 मई को सभी राज्यों के नतीजे घोषित किए जाएंगे।
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पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, 9 अप्रैल से शुरू होगी वोटिंग, 4 मई को आएंगे नतीजे
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान, असम-केरल-पुडुचेरी में एक साथ वोटिंग; घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू
न्यूज़ डेस्क | नई दिल्ली | 15 मार्च 2026
भारत निर्वाचन आयोग ने देश के पांच महत्वपूर्ण राज्यों—पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी—में होने वाले विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों का औपचारिक ऐलान कर दिया है। चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार इन राज्यों में 9 अप्रैल 2026 से मतदान प्रक्रिया शुरू होगी और सभी राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। तारीखों की घोषणा के साथ ही पांचों राज्यों में आदर्श आचार संहिता भी तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
रविवार शाम नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में
आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी राज्यों में चुनाव प्रक्रिया अप्रैल और मई के बीच पूरी कर ली जाएगी ताकि वर्तमान विधानसभाओं का कार्यकाल समाप्त होने से पहले नई सरकारों का गठन हो सके।
पांच राज्यों में कब होगी वोटिंग
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार असम, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में मतदान कराया जाएगा। वहीं तमिलनाडु में अलग दिन वोटिंग होगी और पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान कराया जाएगा।
राज्यों के अनुसार मतदान की तारीखें
असम: 9 अप्रैल 2026
केरल: 9 अप्रैल 2026
पुडुचेरी: 9 अप्रैल 2026
तमिलनाडु: 23 अप्रैल 2026
पश्चिम बंगाल: 23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026
चुनाव परिणाम
सभी राज्यों के नतीजे: 4 मई 2026
निर्वाचन आयोग के अनुसार सभी राज्यों की मतगणना एक ही दिन यानी 4 मई को होगी। इसी दिन स्पष्ट हो जाएगा कि इन राज्यों में अगली सरकार किस दल या गठबंधन की बनेगी।
चुनाव घोषणा के साथ लागू हुई आचार संहिता
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही पांचों राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना होता है।
आचार संहिता लागू होने के बाद केंद्र और राज्य सरकारें कोई नई योजना या परियोजना की घोषणा नहीं कर सकतीं। इसके अलावा सरकारी मशीनरी का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल करना भी प्रतिबंधित रहता है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को चुनाव के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मई में समाप्त हो रहा है इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल
निर्वाचन आयोग ने बताया कि इन सभी राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई महीने में समाप्त हो रहा है। इसलिए चुनाव कार्यक्रम इस प्रकार तैयार किया गया है कि नई सरकार का गठन समय पर हो सके।
पिछले चुनाव के आधार पर विधानसभा कार्यकाल इस प्रकार है:
पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल: 7 मई 2026 तक
तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल: 10 मई 2026 तक
असम विधानसभा का कार्यकाल: 20 मई 2026 तक
केरल विधानसभा का कार्यकाल: 23 मई 2026 तक
पुडुचेरी विधानसभा का कार्यकाल: 15 जून 2026 तक
निर्वाचन आयोग के अनुसार चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद नई सरकारों के गठन की प्रक्रिया तेजी से पूरी कर ली जाएगी।
पश्चिम बंगाल में इस बार सिर्फ दो चरणों में मतदान
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हमेशा से देश के सबसे बड़े और संवेदनशील चुनावों में गिने जाते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव 2021 में यहां आठ चरणों में मतदान कराया गया था। लेकिन इस बार चुनाव आयोग ने स्थिति का आकलन करते हुए मतदान को सिर्फ दो चरणों में कराने का फैसला किया है।
पहला चरण 23 अप्रैल को होगा जबकि दूसरा चरण 29 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय बलों की तैनाती भी की जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कम चरणों में मतदान कराने से चुनाव प्रक्रिया जल्दी पूरी होगी और प्रशासनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
राजनीतिक दलों ने शुरू की चुनावी तैयारी
चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद सभी राज्यों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रमुख राजनीतिक दलों ने चुनावी रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है और जल्द ही चुनाव प्रचार अभियान भी तेज होने की संभावना है।
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच मुकाबला कड़ा माना जा रहा है। वहीं तमिलनाडु में क्षेत्रीय दलों के बीच सत्ता की लड़ाई अहम होगी। असम और केरल में भी चुनावी मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है।
राजनीतिक दल जल्द ही उम्मीदवारों की सूची जारी करने के साथ-साथ रैलियों, जनसभाओं और रोड शो के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश करेंगे।
चुनाव आयोग ने निष्पक्ष चुनाव का दिया भरोसा
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सभी राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केंद्रों की तैयारी और ईवीएम मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान सोशल मीडिया और चुनावी खर्च पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। मतदाताओं को स्वतंत्र और सुरक्षित माहौल में मतदान करने का अवसर देना चुनाव आयोग की प्राथमिकता है।
मतदाताओं के लिए अहम चुनाव
पांच राज्यों में होने वाले ये विधानसभा चुनाव राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इन राज्यों की राजनीति राष्ट्रीय स्तर पर भी असर डालती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन चुनावों के परिणाम आने वाले समय में देश की राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यही वजह है कि सभी राजनीतिक दल इन चुनावों को प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देख रहे हैं।

मतदाताओं की भूमिका होगी निर्णायक
इन चुनावों में करोड़ों मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव आयोग लगातार मतदाताओं को मतदान के लिए जागरूक करने के अभियान भी चला रहा है।
विशेषकर युवा मतदाताओं और पहली बार वोट देने वाले नागरिकों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी के लिए प्रेरित किया जा रहा है। आयोग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक मतदाता मतदान केंद्र तक पहुंचें और अपने मताधिकार का उपयोग करें।
चुनाव प्रचार में बढ़ेगी सियासी गर्मी
चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद अब राजनीतिक दलों के बीच प्रचार युद्ध तेज होने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में बड़े नेताओं की रैलियां, जनसभाएं और प्रचार अभियान देखने को मिल सकते हैं।
राजनीतिक दल अपने-अपने मुद्दों और घोषणापत्र के माध्यम से मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश करेंगे। विकास, रोजगार, महंगाई और क्षेत्रीय मुद्दे चुनावी बहस के केंद्र में रहने की संभावना है।
निष्कर्ष
पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनाव 2026 देश की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। 9 अप्रैल से शुरू होकर 29 अप्रैल तक चलने वाली मतदान प्रक्रिया के बाद 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म हो गया है। अब सभी की नजर इन राज्यों में होने वाले राजनीतिक मुकाबले और चुनाव परिणामों पर टिकी हुई है।
प्रश्न. पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव 2026 की वोटिंग कब से शुरू होगी?
उत्तर: पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 9 अप्रैल 2026 से शुरू होगा।
प्रश्न. किन राज्यों में 9 अप्रैल को मतदान होगा?
उत्तर: असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल 2026 को एक ही चरण में मतदान कराया जाएगा।
प्रश्न. पश्चिम बंगाल में कितने चरणों में चुनाव होगा?
उत्तर: पश्चिम बंगाल में इस बार दो चरणों में मतदान होगा—23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 को।
प्रश्न. तमिलनाडु में मतदान कब होगा?
उत्तर: तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 23 अप्रैल 2026 को कराया जाएगा।
प्रश्न. पांचों राज्यों के चुनाव परिणाम कब आएंगे?
उत्तर: सभी राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे।
Disclaimer:
यह खबर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम और निर्वाचन आयोग द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। चुनाव कार्यक्रम में किसी भी बदलाव की स्थिति में अद्यतन जानकारी निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की जाएगी।







