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देवघर में गणतंत्र दिवस पर झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ कार्यालय में झंडोत्तोलन। जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने नियमित, अनुबंध और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के भेदभाव पर सरकार को घेरा और एकजुटता का आह्वान किया।
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गणतंत्र दिवस पर देवघर में स्वास्थ्य कर्मचारियों का एकजुट संदेश
नियमित, अनुबंध और आउटसोर्सिंग में भेदभाव समाप्त हो: मनोज कुमार मिश्र
Author: न्यूज़ डेस्क | Location: देवघर | Date: 26 जनवरी 2026
76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देवघर के कुष्ठ आश्रम रोड स्थित झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के कार्यालय में झंडोत्तोलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। कार्यक्रम में जिला मुख्यालय सहित देवघर जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़े सैकड़ों कर्मचारी शामिल हुए।
झंडोत्तोलन के दौरान परिसर में राष्ट्रभक्ति का वातावरण रहा। कर्मचारियों ने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ।

संघ कार्यालय परिसर में झंडोत्तोलन करते जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र एवं उपस्थित कर्मचारी
कर्मचारियों के विभाजन पर सरकार की नीति पर सवाल
झंडोत्तोलन के बाद आयोजित संबोधन में जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को नियमित, अनुबंध और आउटसोर्सिंग जैसी श्रेणियों में बांट दिया गया है। समान कार्य करने के बावजूद कर्मचारियों को अलग-अलग वेतन, सुविधाएं और सेवा सुरक्षा दी जा रही है, जो संवैधानिक समानता के सिद्धांत के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था कर्मचारियों के शोषण को बढ़ावा दे रही है और लंबे समय से स्वास्थ्यकर्मियों में असंतोष का कारण बनी हुई है।
“हम सभी एक ही विभाग के कर्मचारी हैं”
मनोज कुमार मिश्र ने अपने संबोधन में कहा—
“सरकार ने कर्मचारियों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर शोषण किया है। जबकि हम सभी एक ही विभाग के कर्मचारी हैं और एक ही जिम्मेदारी निभा रहे हैं। अब समय आ गया है कि सभी कर्मचारी एकजुट रहें, क्योंकि एकजुट रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे।”
उन्होंने कर्मचारियों से संगठन को मजबूत करने और अपने अधिकारों के लिए एक मंच पर खड़े होने का आह्वान किया।
स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं कर्मचारी
जिलाध्यक्ष ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मचारी राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक कर्मचारी सीमित संसाधनों में भी लगातार सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद सेवा स्थायित्व और सामाजिक सुरक्षा के अभाव में कर्मचारियों का भविष्य असुरक्षित बना हुआ है।
उन्होंने मांग की कि समान कार्य करने वाले सभी कर्मचारियों को समान अधिकार और सुरक्षा प्रदान की जाए।
जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से रही भागीदारी
कार्यक्रम में देवघर सदर अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और अन्य स्वास्थ्य इकाइयों से बड़ी संख्या में कर्मचारी पहुंचे। कर्मचारियों की मौजूदगी ने संगठन की मजबूती और एकजुटता को स्पष्ट रूप से दर्शाया।
कर्मचारियों ने कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर इस तरह का आयोजन उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करता है।
आगे की रणनीति पर भी चर्चा
संघ की ओर से यह भी कहा गया कि कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर सरकार और प्रशासन से संवाद जारी रहेगा। यदि मांगों पर समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन आगे की रणनीति तय करेगा। हालांकि संघ ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य संघर्ष से पहले समाधान निकालना है।
प्रश्न 1: कार्यक्रम कहां आयोजित हुआ?
उत्तर: देवघर के कुष्ठ आश्रम रोड स्थित संघ कार्यालय में।
प्रश्न 2: झंडोत्तोलन किसने किया?
उत्तर: संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने।
प्रश्न 3: कार्यक्रम का मुख्य मुद्दा क्या रहा?
उत्तर: नियमित, अनुबंध और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के बीच भेदभाव समाप्त करने की मांग।
प्रश्न 4: संघ का अगला कदम क्या होगा?
उत्तर: सरकार से संवाद, और आवश्यकता पड़ने पर आगे की रणनीति।










