
मनरेगा बचाओ संग्राम: देवघर में कांग्रेस का एकदिवसीय उपवास, केंद्र सरकार पर कानून खत्म करने का आरोप
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देवघर में जिला कांग्रेस कमिटी ने मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत एकदिवसीय उपवास कर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया। विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख सहित कई नेताओं ने मनरेगा कानून को कमजोर करने का आरोप लगाया।
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मनरेगा बचाओ संग्राम: देवघर में कांग्रेस का एकदिवसीय उपवास, केंद्र सरकार के खिलाफ खुला विरोध
देवघर।
केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) को समाप्त अथवा कमजोर करने के कथित प्रयासों के विरोध में “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान के तहत देवघर जिला कांग्रेस कमिटी ने सोमवार को टावर चौक स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा स्थल के पास एकदिवसीय उपवास किया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष मुकुंद दास ने किया।
इस उपवास कार्यक्रम में कांग्रेस के सैकड़ों नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। मौके पर कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव और पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख मुख्य रूप से उपस्थित रहे। नेताओं ने केंद्र सरकार पर मजदूर, किसान और बेरोजगार युवाओं के अधिकारों पर हमला करने का आरोप लगाया।
मनरेगा कोई योजना नहीं, कानून है: प्रदीप यादव
उपवास सभा को संबोधित करते हुए विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि मनरेगा कोई सामान्य योजना नहीं, बल्कि एक कानून है, जो देश के करोड़ों बेरोजगार मजदूरों को रोजगार की गारंटी देता है। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत लोगों को अपने घर के आसपास 100 दिन का काम मिलता था, जिससे न केवल रोजगार सृजन हुआ बल्कि गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण भी हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब से केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है, तब से लगातार मजदूरों, किसानों और नौजवानों के हितों पर प्रहार किया जा रहा है। भूमि अधिग्रहण कानून, सूचना का अधिकार अधिनियम और अब मनरेगा जैसे कानूनों को कमजोर किया जा रहा है।
प्रदीप यादव ने कहा कि यदि वर्ष 2010 और वर्तमान बजट की तुलना की जाए तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि मनरेगा के बजट आवंटन में लगातार कटौती कर इसे समाप्त करने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जैसे कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर में आंदोलन हुआ और सरकार को पीछे हटना पड़ा, वैसे ही मजदूर और बेरोजगार युवा सड़कों पर उतरे तो मनरेगा को भी वापस बहाल करना पड़ेगा।
राम हमारे आदर्श, महात्मा गांधी भी राम के सच्चे भक्त: बादल पत्रलेख
पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने अपने संबोधन में कहा कि राम हमारे आदर्श हैं और उनके नाम पर कोई विवाद नहीं हो सकता। महात्मा गांधी भी राम के सच्चे भक्त थे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने गांधी की हत्या की, वही आज उनके आदर्शों और विचारों को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं, जो कभी सफल नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों शारीरिक श्रमिकों की आत्मा है। यह कानून मजदूरों के जीवन से जुड़ा हुआ है और इसकी तुलना किसी अन्य योजना से नहीं की जा सकती। उन्होंने दावा किया कि मनरेगा के स्थान पर लाई जा रही नई व्यवस्था में कई विसंगतियां हैं, जिससे मजदूरों का हित कभी नहीं सध सकता।

नाम बदलने की राजनीति कर रही है सरकार: डॉ मुन्नम संजय
जिला बीस सूत्री उपाध्यक्ष डॉ मुन्नम संजय ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार केवल नाम बदलने की राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि काम से सरकार का कोई सरोकार नहीं है। किसानों, मजदूरों और युवाओं के अधिकारों को छीनकर सरकार अपने पूंजीपति मित्रों के हित में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसे कानून को कमजोर करना सीधे तौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और गरीबों की आजीविका पर हमला है, जिसे कांग्रेस कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।
चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान: मुकुंद दास
जिला अध्यक्ष मुकुंद दास ने मनरेगा कानून और केंद्र सरकार द्वारा लाई जा रही नई व्यवस्थाओं की तुलनात्मक व्याख्या करते हुए कहा कि किसी भी मायने में नया कानून देश और मजदूर हित में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनरेगा कानून को पूरी तरह बहाल कराने के लिए कांग्रेस चरणबद्ध आंदोलन चलाएगी।
उन्होंने कहा कि गांव-टोले से लेकर जिला मुख्यालय तक धरना, प्रदर्शन और गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा, ताकि सरकार को मजदूर विरोधी फैसले वापस लेने के लिए मजबूर किया जा सके।
बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
उपवास कार्यक्रम का संचालन जिला महासचिव सफलता दिनेश कुमार मंडल ने किया। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष उदय प्रकाश सहित कांग्रेस नेता नागेश्वर सिंह, रवि गुप्ता, जियाउल हसन, सुधीर देव, मणिकांत यादव, विवेक मिश्रा, सौरभ दास, डॉ सिराजुद्दीन अंसारी, राकेश केशरी, आदित्य सरोलिया, कुमार राज, नगर अध्यक्ष रवि केशरी, प्रखंड अध्यक्ष उपेन्द्र प्रसाद राय, अग्रणी मोर्चा संगठन के जिलाध्यक्ष आशिष भारद्वाज, सोशल मीडिया प्रभारी अमित पांडेय सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम में युवाओं, मजदूरों और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि मनरेगा को लेकर जन असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
निष्कर्ष
देवघर में आयोजित यह एकदिवसीय उपवास केवल प्रतीकात्मक विरोध नहीं, बल्कि आने वाले समय में बड़े आंदोलन का संकेत माना जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि केंद्र सरकार ने मनरेगा कानून के साथ छेड़छाड़ बंद नहीं की, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।










