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मनरेगा खत्म करने की साजिश? जामताड़ा में कांग्रेस का खुला विरोध, केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप
जामताड़ा में मनरेगा योजना का नाम बदलने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा हमला। पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख और पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने केंद्र सरकार पर मनरेगा खत्म करने की साजिश का आरोप लगाया।
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मनरेगा खत्म करने की साजिश का आरोप
जामताड़ा में कांग्रेस का खुला विरोध, केंद्र सरकार के फैसले पर तीखा हमला
जामताड़ा।
केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नाम में बदलाव को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है। जामताड़ा में जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से इस फैसले के खिलाफ खुला विरोध दर्ज कराया गया। इस क्रम में स्वास्थ्य मंत्री के आवास पर आयोजित एक प्रेस वार्ता में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने और धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद फुरकान अंसारी और पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख ने केंद्र सरकार के फैसले को गरीब, मजदूर और ग्रामीण भारत के खिलाफ बताया। नेताओं ने साफ शब्दों में कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों की जीवनरेखा है और इसके नाम से छेड़छाड़ करना महात्मा गांधी के विचारों पर हमला है।

मनरेगा नाम बदलना गरीबों के हक पर चोट:
फुरकान अंसारी
पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मनरेगा का नाम बदलने का फैसला सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पहले महात्मा गांधी की हत्या की गई और अब उनके विचारों और प्रतीकों को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
फुरकान अंसारी ने कहा कि मनरेगा योजना से करोड़ों ग्रामीण मजदूरों को रोजगार मिलता है और यह योजना आज भी भूख, बेरोजगारी और पलायन के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस योजना को धीरे-धीरे कमजोर कर रही है, ताकि गरीबों का अधिकार छीना जा सके।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम वापस नहीं लिया तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी। गांव-गांव में विरोध प्रदर्शन होंगे और जनता को इस साजिश के खिलाफ जागरूक किया जाएगा।
योजना के उद्देश्य पर ध्यान दे सरकार, नाम बदलने से नहीं बदलेगी सच्चाई: बादल पत्रलेख
पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख ने प्रेस वार्ता में कहा कि मनरेगा योजना में किसी देवी-देवता या धार्मिक नाम को जोड़ने से न तो योजना मजबूत होगी और न ही ग्रामीणों की समस्या हल होगी। उन्होंने कहा कि सरकार को नाम बदलने की राजनीति छोड़कर योजना की मूल भावना और उद्देश्य पर ध्यान देना चाहिए।
बादल पत्रलेख ने कहा कि आज भी देश के लाखों ग्रामीण मजदूर समय पर काम और मजदूरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार को बजट बढ़ाने, समय पर भुगतान और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर काम करना चाहिए, न कि योजना के नाम बदलकर भ्रम फैलाने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार हमेशा मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विवाद और बहस पैदा करती है। इससे देश की असली समस्याएं जैसे बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य पीछे छूट जाती हैं।
भाजपा पर जनता को भ्रमित करने का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर धार्मिक और भावनात्मक मुद्दों को सामने लाकर जनता को भ्रमित कर रही है। मनरेगा जैसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम को विवाद में घसीटना गरीबों के साथ अन्याय है।
नेताओं ने कहा कि मनरेगा योजना ने झारखंड जैसे राज्यों में पलायन रोकने में अहम भूमिका निभाई है। अगर इस योजना को कमजोर किया गया तो इसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और मजदूर परिवारों पर पड़ेगा।
लगातार होगा आंदोलन, सरकार को झुकना पड़ेगा: कांग्रेस
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल नाम की नहीं, बल्कि गरीबों के अधिकार की है। कांग्रेस पार्टी मनरेगा के मूल स्वरूप से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक विरोध प्रदर्शन, धरना और जन जागरण अभियान चलाया जाएगा। सरकार को जनता की आवाज सुननी ही पड़ेगी।
बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष विजय दुबे, इरशादुल हक अरसी, अजीत दुबे, अशोक नायक, प्रभु मंडल, ब्लू चक्रवर्ती सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। सभी ने एक स्वर में केंद्र सरकार के फैसले का विरोध किया और मनरेगा के पक्ष में मजबूती से खड़े रहने की बात कही।
निष्कर्ष: मनरेगा पर राजनीति नहीं, समाधान चाहिए
कांग्रेस नेताओं ने अंत में कहा कि मनरेगा जैसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम पर राजनीति करने के बजाय सरकार को इसे और मजबूत बनाने की दिशा में काम करना चाहिए। ग्रामीण भारत की मजबूती ही देश की मजबूती है और मनरेगा उस मजबूती की नींव है।
कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि मनरेगा के नाम और स्वरूप से छेड़छाड़ के खिलाफ उसका संघर्ष जारी रहेगा और यह मुद्दा आने वाले समय में झारखंड की राजनीति में और तेज होने वाला है।










