
📰 मध्यरात्रि सदर अस्पताल पहुंचे पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, मरीजों का जाना हालचाल
कुरावा में शोकाकुल परिवार से मिलकर व्यक्त की गहरी संवेदना
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📝 देवघर सदर अस्पताल में मध्य रात्रि इलाजरत मरीजों व परिजनों से मिले पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख। कुरावा गांव में शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया, दिवंगत आत्मा को दी श्रद्धांजलि।
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📰 देवघर। जनसेवा और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए झारखंड सरकार के पूर्व कृषि मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता बादल पत्रलेख ने मंगलवार की मध्य रात्रि देवघर सदर अस्पताल पहुंचकर इलाजरत मरीजों एवं उनके परिजनों का कुशलक्षेम जाना। देर रात अस्पताल पहुंचकर उन्होंने न केवल मरीजों की स्थिति की जानकारी ली, बल्कि परिजनों से बातचीत कर उन्हें मानसिक संबल भी प्रदान किया।
पूर्व मंत्री का यह कदम यह दर्शाता है कि वे केवल राजनीतिक मंचों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आमजन की पीड़ा में सहभागी बनना उनकी प्राथमिकता है। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने उनके इस मानवीय व्यवहार की सराहना की।
🔹 मध्यरात्रि अस्पताल पहुंचकर मरीजों से सीधा संवाद
मध्य रात्रि सदर अस्पताल पहुंचे बादल पत्रलेख ने विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों से मरीजों की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक सुविधाओं को लेकर फीडबैक भी प्राप्त किया। कई मरीजों के परिजनों ने उन्हें अपनी समस्याएं बताईं, जिन्हें उन्होंने गंभीरता से सुना।
बादल पत्रलेख ने परिजनों को आश्वस्त किया कि स्वास्थ्य सुविधाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज हर नागरिक का अधिकार है, और इसके लिए वे हमेशा आवाज उठाते रहेंगे।
🔹 कुरावा गांव पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को दिया ढांढस
अस्पताल से लौटने के बाद पूर्व कृषि मंत्री सारवां प्रखंड के कुरावा गांव पहुंचे, जहां स्थानीय निवासी रामू पंडित की माता का निधन हो गया था। निधन की सूचना मिलते ही उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने परिजनों से मिलकर कहा कि दुख की इस घड़ी में वे अकेले नहीं हैं। समाज और जनप्रतिनिधि उनके साथ खड़े हैं। बादल पत्रलेख ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
🔹 मानवीय संवेदना ही सच्ची राजनीति : बादल पत्रलेख
शोक संवेदना व्यक्त करते हुए बादल पत्रलेख ने कहा कि
“राजनीति का असली उद्देश्य सत्ता नहीं, बल्कि जनता के दुःख-सुख में सहभागी बनना है। किसी परिवार का सदस्य चला जाना अपूरणीय क्षति होती है। ऐसे समय में साथ खड़ा होना ही सच्ची मानवता है।”
उनके इस भावुक संदेश ने उपस्थित लोगों की आंखें नम कर दीं। ग्रामीणों ने भी उनके इस व्यवहार की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और कहा कि वे हमेशा जमीन से जुड़े नेता रहे हैं।
🔹 क्षेत्र में सामाजिक सरोकारों के लिए पहचाने जाते हैं बादल पत्रलेख
पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख लंबे समय से देवघर और सारवां क्षेत्र में सामाजिक कार्यों और जनहित के मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं। चाहे वह किसानों की समस्याएं हों, स्वास्थ्य सेवाओं का सवाल हो या आपदा के समय सहायता—वे हर परिस्थिति में जनता के बीच नजर आते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उनका यह मध्यरात्रि दौरा और शोकाकुल परिवार से मुलाकात यह साबित करती है कि वे केवल नाम के जननेता नहीं, बल्कि कर्म से भी जनसेवक हैं।
🔹 दिवंगत आत्मा के लिए प्रार्थना, परिजनों के साथ खड़ा समाज
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए मौन रखकर प्रार्थना की। पूरे गांव में शोक का माहौल रहा, लेकिन जनप्रतिनिधियों और समाज के सहयोग से परिजनों को कुछ मानसिक संबल अवश्य मिला।
पूर्व मंत्री ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी किसी भी प्रकार की आवश्यकता होने पर वे परिवार के साथ खड़े रहेंगे।










