धोबी टोला चौक पर श्रद्धा के साथ मनाई गई संत गाडगे की पुण्यतिथि

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धोबी टोला चौक पर श्रद्धा के साथ मनाई गई संत गाडगे की पुण्यतिथि

 

 

देवघर के धोबी टोला चौक पर संत गाडगे की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। रजक समाज ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर स्वच्छता, शिक्षा और सामाजिक समरसता के संदेश को अपनाने का आह्वान किया।

 

 

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धोबी टोला चौक पर श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई संत गाडगे की पुण्यतिथि

 

 

रजक समाज ने प्रतिमा पर किया माल्यार्पण, स्वच्छता और सामाजिक समरसता के संदेश को अपनाने का आह्वान

देवघर।

समाज सुधारक, स्वच्छता आंदोलन के महान प्रणेता और सामाजिक समानता के प्रतीक संत गाडगे की पुण्यतिथि शनिवार को देवघर के धोबी टोला चौक पर श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक चेतना के साथ मनाई गई। इस अवसर पर रजक समाज की ओर से संत गाडगे की प्रतिमा पर विधिवत माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया तथा उनके जीवन, संघर्ष और विचारों को याद किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन रजक समाज के तत्वावधान में किया गया, जिसमें समाज के पदाधिकारियों, वरिष्ठ सदस्यों और युवाओं की उल्लेखनीय सहभागिता रही। कार्यक्रम का नेतृत्व रजक समाज के अध्यक्ष कैलाश रजक ने किया। उनके साथ समाज के सचिव कामदेव रजक, उपाध्यक्ष अमरनाथ रजक एवं किशोर रजक तथा कोषाध्यक्ष किरण रजक ने संयुक्त रूप से संत गाडगे की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

मौके पर वक्ताओं ने कहा कि संत गाडगे केवल एक समाज सुधारक ही नहीं, बल्कि स्वच्छता, सेवा और समानता के विचार के सशक्त प्रतीक थे। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों, अंधविश्वास, छुआछूत और सामाजिक असमानता के विरुद्ध आजीवन संघर्ष किया। उनका मानना था कि जब तक समाज स्वच्छ, शिक्षित और जागरूक नहीं होगा, तब तक वास्तविक सामाजिक विकास संभव नहीं है।

वक्ताओं ने कहा कि संत गाडगे ने उस दौर में स्वच्छता का संदेश दिया, जब इस विषय पर समाज में गंभीरता नहीं थी। वे स्वयं झाड़ू लेकर गांव-गांव और बस्तियों में जाते थे तथा लोगों को साफ-सफाई के महत्व के प्रति जागरूक करते थे। उन्होंने स्वच्छता को व्यक्तिगत आदत के साथ-साथ सामाजिक आंदोलन का स्वरूप दिया।

कार्यक्रम के दौरान संत गाडगे के शिक्षा संबंधी विचारों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि संत गाडगे शिक्षा को सामाजिक उत्थान की सबसे मजबूत नींव मानते थे। उन्होंने गरीब, शोषित और वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए और समाज से अपील की कि शिक्षा को किसी भी वर्ग तक सीमित न रखा जाए।

वक्ताओं ने कहा कि संत गाडगे का संपूर्ण जीवन त्याग, सेवा और समर्पण का उदाहरण है। उन्होंने अपने निजी सुख-सुविधाओं का त्याग कर समाज सेवा को जीवन का लक्ष्य बनाया। उनके विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणादायी हैं और वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता और बढ़ गई है।

कार्यक्रम में युवाओं से विशेष रूप से संत गाडगे के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यदि युवा पीढ़ी स्वच्छता, शिक्षा, सामाजिक सेवा और आपसी भाईचारे को अपने जीवन का हिस्सा बना ले, तो समाज में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन संभव है। साथ ही नशामुक्त समाज के निर्माण और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

इस अवसर पर संजय रजक, राजू रजक, रोहित रजक, मीडिया प्रभारी गंगाधर रजक, अमर रजक, देवीलाल रजक, कुंदन रजक, गणेश रजक, विकास रजक, मुकेश रजक, राजेश रजक, गुड्डू रजक, सोनू रजक और रिंकू रजक सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम में मोहल्ले के सैकड़ों लोगों की सहभागिता रही, जिससे आयोजन को सामाजिक एकता और श्रद्धा का व्यापक स्वरूप मिला।

कार्यक्रम के दौरान संत गाडगे के जीवन से जुड़ी प्रेरक घटनाओं का भी उल्लेख किया गया, जिससे उपस्थित लोगों में सामाजिक जागरूकता का संदेश गया। लोगों ने संत गाडगे की प्रतिमा के समक्ष नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का समापन संत गाडगे के आदर्शों को आत्मसात करने, समाज में स्वच्छता बनाए रखने, शिक्षा को बढ़ावा देने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के संकल्प के साथ किया गया।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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