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✅ झारखंड नगर निकाय चुनाव 2025
✅ झारखंड हाई कोर्ट ने 101 दिनों के भीतर नगर निकाय चुनाव कराने का निर्देश दिया। राज्य सरकार ने सभी आवश्यक दस्तावेज आयोग को सौंपे। अगली सुनवाई 30 मार्च को।
📰 101 दिन के अंदर संपन्न होगा झारखंड नगर निकाय चुनाव, हाई कोर्ट ने दिया सख्त निर्देश
रांची। झारखंड में लंबे समय से लंबित पड़े नगर निकाय चुनाव को लेकर सोमवार को झारखंड हाई कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया कि 101 दिनों के भीतर पूरे राज्य में नगर निकाय चुनाव संपन्न कर लिए जाएं। अदालत ने चुनाव आयोग और राज्य सरकार दोनों से बिना किसी देरी के निर्धारित समयसीमा में सभी वैधानिक प्रक्रियाएँ पूरी करने के निर्देश दिए।
झारखंड हाई कोर्ट में यह सुनवाई रांची की निवर्तमान वार्ड पार्षद रोशनी खालको की याचिका पर हुई, जिसमें नगर निकाय चुनाव में हो रही देरी को चुनौती दी गई थी। अदालत ने याचिकाकर्ता की दलीलों और सरकार व चुनाव आयोग के जवाबों को सुनने के बाद यह आदेश पारित किया।
📌 चुनाव आयोग ने कोर्ट में कहा — 8 सप्ताह में सारी तैयारी पूरी हो जाएगी
सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से दाखिल हलफनामे में बताया गया कि:
आयोग 8 सप्ताह के भीतर चुनाव की सभी तैयारियाँ पूरी कर लेगा।
इसके बाद 45 दिनों के भीतर मतदान प्रक्रिया, मतगणना और परिणाम की घोषणा पूरी कर ली जाएगी।
कुल मिलाकर 101 दिनों में नगर निकाय चुनाव की संपूर्ण प्रक्रिया सम्पन्न हो जाएगी।
अदालत ने आयोग की इस समयसीमा को स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि अब किसी भी परिस्थिति में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
📌 जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने दिया स्पष्ट आदेश
झारखंड हाई कोर्ट की एकल पीठ, जस्टिस आनंद सेन ने कहा कि:
चुनाव आयोग निर्धारित 101 दिनों की समयसीमा के भीतर चुनाव सम्पन्न कराए।
राज्य सरकार द्वारा दस्तावेज़ देने में देरी पर अब कोई बहाना नहीं चलेगा।
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 30 मार्च निर्धारित की है, ताकि प्रगति की समीक्षा की जा सके।
📌 राज्य सरकार ने कहा—अब आयोग को चाहिए सभी दस्तावेज दे दिए गए
राज्य सरकार की ओर से पेश हुए महाधिवक्ता राजीव रंजन ने अदालत को बताया कि:
ओबीसी आरक्षण से जुड़ा नया डेटा,
सीटों का आरक्षण,
निकायों की जनसंख्या आधारित सूची
और अन्य सभी आवश्यक दस्तावेज
चुनाव आयोग को उपलब्ध करा दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि अब सरकार की ओर से किसी भी तरह के अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं है, इसलिए चुनाव में देरी का कोई कारण नहीं बचता।
निर्वाचन आयोग ने भी अदालत के सामने स्वीकार किया कि:
सरकार ने सभी जरूरी जानकारियाँ और औपचारिकताएँ पूरी कर दी हैं।
अब गेंद चुनाव आयोग के पाले में है, जिसे जल्द नोटिफिकेशन जारी करना होगा।
📌 मुख्य सचिव ने मांगी बिना शर्त माफी
सुनवाई के दौरान राज्य के मुख्य सचिव की ओर से हलफनामा दाखिल किया गया, जिसमें उन्होंने:
अदालत से बिना शर्त माफी मांगी,
और बताया कि चुनाव की वैधानिक प्रक्रिया अब पूरी की जा चुकी है।
मुख्य सचिव ने कहा कि 14 नवंबर 2025 की कैबिनेट बैठक में:
नगर निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण के लिए गठित समर्पित आयोग की रिपोर्ट
तथा संबंधित प्रस्तावों को कैबिनेट से मंजूरी दे दी गई है।
उन्होंने अदालत को भरोसा दिलाया कि अब चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
📌 निकाय चुनाव की राह अब साफ — नोटिफिकेशन का इंतजार
हाई कोर्ट के निर्देश के बाद अब चित्र साफ हो गया है कि:
झारखंड में नगर निकाय चुनाव अगले 101 दिनों के भीतर हर हाल में होंगे।
अब केवल राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव तिथि और प्रक्रिया का नोटिफिकेशन जारी किया जाना बाकी है।
ओबीसी आरक्षण और अन्य तकनीकी मुद्दों पर अब कोई विवाद शेष नहीं है।
चूंकि पिछले कई वर्षों से नगर निकाय चुनाव स्थगित चल रहे थे, इसलिए इस आदेश के बाद राज्य भर के नगर क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधि तेज होने की संभावना है।
📌 अदालत का उद्देश्य – लोकतांत्रिक संस्थाओं को समय पर चुनाव
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह स्पष्ट किया कि:
नगर निकायों के चुनाव समय पर होना लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है।
निर्वाचित निकायों की अनुपस्थिति नागरिकों के अधिकारों को प्रभावित करती है।
इसलिए आयोग और सरकार को चुनाव कराने में किसी भी प्रकार की देरी नहीं करनी चाहिए।
अदालत ने कहा कि देरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ अन्याय है, इसलिए कड़े निर्देश देना आवश्यक था।
📌 क्या कहती है याचिकाकर्ता?
रांची की निवर्तमान पार्षद रोशनी खालको ने याचिका दाखिल करते हुए कहा था कि:
नगर सरकारों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है,
प्रशासनिक नियंत्रण में निकायों का संचालन हो रहा है,
जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
उन्होंने मांग की थी कि तत्काल चुनाव कराए जाएं और जनता को अपना चुना हुआ प्रतिनिधि मिले।
हाई कोर्ट का आदेश इस दृष्टि से याचिकाकर्ता के पक्ष में एक महत्वपूर्ण फैसला है।
📌 अब आगे क्या?
निर्धारित समयसीमा को देखते हुए:
अक्टूबर–नवंबर 2025 तक चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है।
मार्च की सुनवाई में अदालत चुनाव आयोग की तैयारी की समीक्षा करेगी।
इसके बाद आयोग चरणबद्ध तरीके से मतदाता सूची, आरक्षण सूची, नामांकन तिथि, मतदान व मतगणना तिथि घोषित करेगा।
🟢 निष्कर्ष
झारखंड हाई कोर्ट का यह आदेश राज्य के नगर निकाय चुनावों को नई दिशा देता है। लंबे समय से लंबित यह चुनाव अब 101 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से संपन्न होंगे। सरकार और आयोग दोनों ने अदालत को आश्वस्त किया है कि अब चुनाव में कोई बाधा नहीं आएगी। इससे राज्य के लाखों नगरवासियों के बीच उम्मीद जगी है कि जल्द ही उन्हें अपनी नगर सरकार का चुनाव करने का अधिकार मिलेगा।










