
मधुपुर में आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने पर पुलिस की सख्ती, चार नामजद सहित कई सोशल मीडिया हैंडल पर एफआईआर दर्ज
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मधुपुर आपत्तिजनक वीडियो मामला: सोशल मीडिया पर विद्वेष फैलाने पर एफआईआर, छापेमारी जारी
मधुपुर थाना क्षेत्र में आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने के आरोप में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। चार नामजद सहित कई सोशल मीडिया हैंडल जांच के दायरे में, छापेमारी जारी।
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मधुपुर में आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने के आरोप में पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, छापेमारी अभियान तेज
देवघर/मधुपुर, 18 जनवरी।
जिले के मधुपुर थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। समाज में विद्वेष फैलाने और आपत्तिजनक बयानबाजी से जुड़े वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल करने के आरोप में मधुपुर थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
थाना कांड संख्या 12/26 के तहत मामला दर्ज
मधुपुर थाना में दर्ज इस केस का विवरण थाना कांड संख्या 12/26 (दिनांक 18 जनवरी 2026) है। प्राथमिकी में चार नामजद अभियुक्तों के साथ-साथ कई अज्ञात सोशल मीडिया हैंडल को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, ये सभी सोशल मीडिया के माध्यम से आपत्तिजनक वीडियो और बयानबाजी को फैलाने में संलिप्त पाए गए हैं।
लालगढ़ की घटना को तोड़-मरोड़ कर किया गया वायरल
पुलिस के अनुसार, बीते दिनों मधुपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत लालगढ़ में घटी एक छोटी और स्थानीय घटना को आधार बनाकर कुछ असामाजिक तत्वों ने भड़काऊ और आपत्तिजनक बयान तैयार किए। इन बयानों को वीडियो और क्लिप के रूप में सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, जिससे समाज में तनाव और विद्वेष फैलने की आशंका उत्पन्न हो गई।
पुलिस का स्पष्ट संदेश: आपत्तिजनक कंटेंट अपराध की श्रेणी में
मधुपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि—
“आपत्तिजनक बयानबाजी करना और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करना कानूनन गंभीर अपराध है। ऐसे कृत्यों में शामिल किसी भी व्यक्ति या समूह को बख्शा नहीं जाएगा।”
पुलिस का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म की स्वतंत्रता का मतलब अराजकता नहीं है। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी
एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद पुलिस ने तकनीकी और भौतिक जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया हैंडल्स की पहचान की जा रही है
डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं
संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जल्द ही इस मामले में गिरफ्तारी की संभावना है।
देवघर पुलिस की आम नागरिकों से अपील
देवघर पुलिस ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा है कि—
किसी भी आपत्तिजनक या भड़काऊ वीडियो को शेयर न करें
बिना पुष्टि किसी कंटेंट को फॉरवर्ड न करें
कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले कंटेंट से दूरी बनाए रखें
पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसे कंटेंट को साझा करने वालों को भी कानून के दायरे में लाया जाएगा।
सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी का समय
यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि सोशल मीडिया पर जिम्मेदार व्यवहार कितना जरूरी है। कुछ सेकेंड का एक गलत फॉरवर्ड समाज में बड़ा विवाद खड़ा कर सकता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
साइबर अपराध से जुड़ी मदद के लिए संपर्क करें
देवघर पुलिस ने साइबर अपराध से जुड़े मामलों में सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं—
साइबर हेल्पलाइन नंबर: 1930
कंट्रोल रूम: 9241821642 / 112
निष्कर्ष
मधुपुर का यह मामला साफ संकेत देता है कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ और आपत्तिजनक सामग्री फैलाने वालों पर अब पुलिस की कड़ी नजर है। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। आम नागरिकों की जागरूकता और सहयोग से ही समाज में शांति और सौहार्द कायम रह सकता है।










