
📰 सेवा, संवेदना और संस्कार का संगम: स्वर्गीय अशोक प्रसाद की नौवीं पुण्यतिथि पर देवघर में कंबल वितरण, भोजन सेवा व पौधारोपण
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📝 सेवा, संवेदना और संस्कार का संगम: स्व अशोक प्रसाद की 9वीं पुण्यतिथि पर देवघर में सेवा कार्य
🧾 देवघर में समाजसेवी स्वर्गीय अशोक प्रसाद की नौवीं पुण्यतिथि पर कंबल वितरण, जरूरतमंदों को भोजन और पौधारोपण कर सेवा, करुणा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
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📍 देवघर।
समाजसेवा, मानवीय संवेदना और पर्यावरण संरक्षण का जीवंत उदाहरण शुक्रवार को देवघर शहर में देखने को मिला, जब समाजसेवी स्वर्गीय अशोक प्रसाद की नौवीं पुण्यतिथि के अवसर पर उनके परिजनों द्वारा विविध सेवा कार्यों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल वितरण, भोजन सेवा तथा पौधारोपण कर दिवंगत आत्मा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम पूरी तरह सेवा, करुणा और संस्कार की भावना से ओत-प्रोत रहा। ठंड से जूझ रहे जरूरतमंदों को कंबल प्रदान कर राहत दी गई, वहीं असहाय एवं भूखे लोगों को सम्मानपूर्वक भोजन कराया गया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए शहर के विभिन्न स्थानों पर पौधे लगाए गए।
🕯️ गरीबों की सेवा ही सच्ची श्रद्धांजलि
इस अवसर पर स्वर्गीय अशोक प्रसाद के पुत्र, शहर के प्रसिद्ध दंत चिकित्सक डॉ. राजीव रंजन ने जानकारी देते हुए कहा कि पिता की पुण्यतिथि पर जरूरतमंदों की सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व और आत्मसंतोष का विषय है।
उन्होंने कहा—
“पिता जी का पूरा जीवन सेवा, सादगी और समाज के कमजोर वर्ग के लिए समर्पित रहा। उनकी पुण्यतिथि पर यदि किसी भूखे को भोजन, ठंड से कांपते व्यक्ति को कंबल और प्रकृति को एक नया पौधा मिल जाए, तो इससे बड़ी श्रद्धांजलि और क्या हो सकती है।”
डॉ. राजीव रंजन ने भावुक स्वर में कहा कि सच्ची श्रद्धांजलि वही होती है, जिससे समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान आए। यही उनके पिता के जीवन मूल्यों का सार था।

🤝 सेवा कार्यों से मिली आत्मिक शांति
कंबल वितरण और भोजन सेवा के दौरान लाभार्थियों के चेहरों पर संतोष और राहत साफ झलक रही थी। कई जरूरतमंदों ने इस सेवा कार्य के लिए परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। डॉ. राजीव रंजन ने कहा कि इस तरह के कार्यों से उन्हें गहरी आत्मिक शांति और संतुष्टि मिलती है, जो किसी भी पुरस्कार से कहीं बढ़कर है।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में भी इस परंपरा को निरंतर जारी रखा जाएगा, ताकि स्वर्गीय अशोक प्रसाद के सेवा भाव और संस्कार समाज में जीवित रह सकें।
🌱 पौधारोपण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण को विशेष महत्व दिया गया। देवघर शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर पौधारोपण किया गया और लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की गई।
डॉ. राजीव रंजन ने कहा—
“आज पर्यावरण संतुलन सबसे बड़ी चुनौती है। यदि हम अपने पूर्वजों की स्मृति में एक पौधा भी लगाते हैं, तो यह आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य उपहार होगा।”
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सिर्फ पौधे लगाएं ही नहीं, बल्कि उनकी देखभाल भी करें, ताकि हरियाली बनी रहे और प्रकृति सुरक्षित रहे।
👨👩👦 परिवार की सक्रिय सहभागिता
इस सेवा कार्यक्रम में डॉ. राजीव रंजन के साथ उनकी पत्नी डॉ. पूजा राय, पौत्र पुण्यश्लोक आर. सहित परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी ने स्वर्गीय अशोक प्रसाद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बताए सेवा एवं नैतिक मूल्यों के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
परिजनों की सहभागिता ने कार्यक्रम को और अधिक भावनात्मक एवं प्रेरणादायी बना दिया।
🌼 सेवा से जीवित रहती है स्मृति
स्वर्गीय अशोक प्रसाद की नौवीं पुण्यतिथि पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक स्मृति आयोजन नहीं, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत बनकर उभरा। सेवा, संवेदना और संस्कार के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि किसी व्यक्ति की वास्तविक स्मृति उसके अच्छे कर्मों से जीवित रहती है।
देवघर में आयोजित यह सेवा कार्य निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक सोच, सहयोग और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास रहा।










