देवघर में विश्व शांति यज्ञ और देवी भागवत कथा का आयोजन, दूसरे दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

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देवघर में आयोजित देवी भागवत कथा और विश्व शांति यज्ञ का दूसरा दिन, मुख्य यजमान मनोज झा (मधुबनी) और उनकी धर्मपत्नी की अगुवाई में धार्मिक अनुष्ठान जारी।

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देवघर में विश्व शांति यज्ञ और देवी भागवत कथा का आयोजन, दूसरे दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

मनोज झा (मधुबनी) व उनकी धर्मपत्नी मुख्य यजमान, शाम 4 से 9 बजे तक भजन व कथा का आयोजन

संवाददाता | देवघर | 13 अप्रैल 2026

देवघर में आयोजित देवी भागवत कथा और विश्व शांति महायज्ञ का दृश्य

 

आर.एल. सर्राफ मैदान, देवघर में चल रहा देवी भागवत कथा एवं विश्व शांति यज्ञ

देवघर के आर.एल. सर्राफ मैदान में लोक वेद पीठ के बैनर तले आयोजित श्री 1008 सहस्त्र चंडी विश्व शांति महायज्ञ एवं देवी भागवत कथा का आयोजन भक्ति और श्रद्धा के वातावरण में जारी है। इस धार्मिक आयोजन के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहां भक्तों ने विधि-विधान से यज्ञ में आहुति देकर विश्व शांति की कामना की।

इस आयोजन के मुख्य यजमान मधुबनी (बिहार) के मनोज झा और उनकी धर्मपत्नी हैं, जिनके नेतृत्व में यह महायज्ञ संपन्न कराया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रतिदिन संध्या 4 बजे से रात्रि 9 बजे तक भजनकीर्तन एवं देवी भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

मथुरा से पधारे कथावाचक सुना रहे देवी भागवत कथा

धार्मिक अनुष्ठान के अंतर्गत मथुरा से पधारे कथावाचक द्वारा देवी भागवत कथा का वाचन किया जा रहा है। कथा के दौरान देवी महिमा, धर्म और मानव जीवन के मूल्यों पर प्रकाश डाला जा रहा है। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन उपस्थित हो रहे हैं और भक्ति रस में सराबोर हो रहे हैं।
कथा के दौरान भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें स्थानीय कलाकारों द्वारा भावपूर्ण प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। इससे श्रद्धालुओं में उत्साह और आस्था का संचार हो रहा है।

विश्व शांति के उद्देश्य से किया जा रहा महायज्ञ

आयोजन से जुड़ी जानकारी देते हुए योगेश्वरानंद नाथ ने बताया कि इस धार्मिक अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य विश्व में शांति स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वैश्विक स्तर पर युद्ध की आशंकाएं बढ़ रही हैं और कई देशों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

उन्होंने आशंका जताई कि यह युद्ध की स्थिति आगामी डेढ़ वर्षों तक बनी रह सकती है। ऐसे समय में विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना के साथ यह महायज्ञ आयोजित किया जा रहा है, ताकि यज्ञ देवता की कृपा से समस्त विश्व में शांति स्थापित हो सके।

आचार्य कुशेश्वर नाथ झा करवा रहे हैं विधि-विधान से यज्ञ

इस महायज्ञ को विधिवत संपन्न कराने की जिम्मेदारी आचार्य कुशेश्वर नाथ झा द्वारा निभाई जा रही है, जो राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में भी शामिल रहे हैं। उनके निर्देशन में पूरे वैदिक विधि-विधान से यज्ञ किया जा रहा है।

यज्ञ में विभिन्न प्रकार की आहुतियां दी जा रही हैं और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया गया है। यज्ञ स्थल पर उपस्थित श्रद्धालु भी मंत्रोच्चारण में सहभागी बन रहे हैं।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था, भक्ति में डूबा माहौल

आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। बैठने, प्रसाद वितरण और जल की सुविधा के साथ-साथ सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

संध्या समय जब भजन-कीर्तन और कथा प्रारंभ होती है, तो पूरा परिसर भक्तिमय हो उठता है। श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर कथा का श्रवण करते हैं और यज्ञ में भाग लेकर अपने जीवन को धन्य मानते हैं।

धार्मिक आयोजन से समाज में सकारात्मक संदेश

इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। जहां एक ओर लोग आध्यात्मिक शांति प्राप्त करते हैं, वहीं दूसरी ओर सामाजिक एकता और सद्भाव को भी बल मिलता है।
मुख्य यजमान मनोज झा और उनकी धर्मपत्नी द्वारा आयोजित यह महायज्ञ समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

निष्कर्ष

देवघर में आयोजित श्री 1008 सहस्त्र चंडी विश्व शांति महायज्ञ एवं देवी भागवत कथा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह वैश्विक शांति और मानव कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है। श्रद्धालुओं की बढ़ती भागीदारी इस आयोजन की सफलता को दर्शाती है।

Q1. यह धार्मिक आयोजन कहां हो रहा है?

उत्तर: यह आयोजन देवघर के आर.एल. सर्राफ मैदान में आयोजित किया जा रहा है।

Q2. आयोजन की अवधि क्या है?

उत्तर: यह आयोजन 12 अप्रैल से 16 अप्रैल 2026 तक चल रहा है।

Q3. कथा का समय क्या है?

उत्तर: प्रतिदिन संध्या 4 बजे से रात्रि 9 बजे तक भजन-कीर्तन एवं देवी भागवत कथा आयोजित हो रही है।

Q4. मुख्य यजमान कौन हैं?

उत्तर: इस आयोजन के मुख्य यजमान मनोज झा (मधुबनी, बिहार) और उनकी धर्मपत्नी हैं।

Q5. आयोजन का उद्देश्य क्या है?

उत्तर: इस महायज्ञ का मुख्य उद्देश्य विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना करना है।

Baba Wani
Author: Baba Wani

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