गांव मजबूत तो देश मजबूत: विनोद विद्यार्थी

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देवघर में विनोद विद्यार्थी ने कहा कि गांव मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। गैस संकट, ग्रामीण विकास और बंगाल चुनाव पर खुलकर रखी अपनी बात, डॉ. राजीव रंजन की कार्यशैली की सराहना।

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गांव मजबूत तो देश मजबूत: विनोद विद्यार्थी

गैस की किल्लत, ग्रामीण विकास और बंगाल चुनाव पर खुलकर बोले, डॉ. राजीव रंजन की कार्यशैली की सराहना

संवाददाता | देवघर | 22 मार्च 2026

देवघर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र मोदी विकास मिशन “चलो गांव की ओर” के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद विद्यार्थी ने ग्रामीण भारत की अहमियत को रेखांकित करते हुए कहा कि “गांव मजबूत होगा तो देश अपने आप मजबूत हो जाएगा।” उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि भारत की असली ताकत गांवों में बसती है और जब तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त नहीं होगी, तब तक शहरी विकास भी अधूरा रहेगा।

अंतरराष्ट्रीय हालात और गैस संकट पर चिंता

विनोद विद्यार्थी ने अपने संबोधन में वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए ईरान-इजरायल युद्ध जैसे तनावों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि इन अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ता है, खासकर ऊर्जा संसाधनों पर। कुकिंग गैस की संभावित किल्लत को लेकर उन्होंने चिंता जताई और कहा कि इसका असर शहरों के होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट तक देखने को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि “जब शहरों में गैस जैसी बुनियादी सुविधा प्रभावित होती है, तो लोगों का रुझान फिर से गांव की ओर बढ़ने लगता है।” यह स्थिति यह दर्शाती है कि गांव आज भी आत्मनिर्भरता का सबसे बड़ा केंद्र हैं।

“मोदी  है तो मुमकिन है” के साथ विकास की चर्चा

विनोद विद्यार्थी ने पिछले 11 वर्षों में देश के विकास का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस अवधि में देश ने कई बड़े और ऐतिहासिक प्रोजेक्ट देखे हैं, जिन्होंने भारत की वैश्विक पहचान को मजबूत किया है।
उन्होंने “मोदी है तो मुमकिन है” का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने ड्रीम प्रोजेक्ट्स, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से देश को नई दिशा दी है। हालांकि, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि आने वाले समय में ऐसी योजनाएं लाई जानी चाहिए जो आम लोगों की बुनियादी जरूरतों—जैसे खाना बनाने के लिए गैस—को और अधिक सुलभ और स्थिर बना सकें।

ग्रामीण विकास को बताया असली ताकत

विनोद विद्यार्थी ने कहा कि ग्रामीण भारत केवल कृषि का केंद्र नहीं है, बल्कि यह देश की सामाजिक और आर्थिक रीढ़ भी है। उन्होंने कहा कि अगर गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाएं बेहतर होंगी, तो शहरों पर दबाव अपने आप कम हो जाएगा।

उन्होंने जोर देकर कहा कि “गांव है तभी शहर है,” और यह सोच ही भारत को संतुलित विकास की ओर ले जा सकती है।

डॉ. राजीव रंजन की कार्यशैली की सराहना

कार्यक्रम के दौरान विनोद विद्यार्थी ने संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. राजीव रंजन की कार्यशैली की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि डॉ. रंजन ने संगठन से जुड़ने के बाद हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया है।

उन्होंने कहा कि डॉ. रंजन की सबसे बड़ी विशेषता उनकी सामाजिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता है। वे अपनी मेडिकल टीम के साथ लगातार लोगों के बीच जाकर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जो उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान दिलाता है।

सरकार से विशेष मांग

विनोद विद्यार्थी ने झारखंड सरकार से मांग करते हुए कहा कि डॉ. राजीव रंजन जैसे समाजसेवी व्यक्ति को समाज कल्याण विभाग में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे सक्रिय और जनसेवा में लगे लोगों को उचित सुरक्षा उपलब्ध कराना भी सरकार की जिम्मेदारी है।

बंगाल चुनाव पर बड़ा बयान

बंगाल चुनाव को लेकर विनोद विद्यार्थी ने दावा किया कि उनकी टीम ने 10 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया है, जहां जनता में बदलाव की स्पष्ट इच्छा दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर प्रवासियों को डराया-धमकाया जाता है, लेकिन इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत की जा रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री के नेतृत्व में चुनाव को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर इस बार भाजपा को सत्ता नहीं मिली, तो भविष्य में यह और अधिक कठिन हो सकता है।

गांव-गांव पहुंच रही योजनाओं की जानकारी

विनोद विद्यार्थी ने बताया कि नरेंद्र मोदी विकास मिशन “चलो गांव की ओर” और दीनदयाल उपाध्याय विकास मिशन के कार्यकर्ता लगातार गांव-गांव जाकर लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल जानकारी देना ही नहीं, बल्कि लोगों को योजनाओं का वास्तविक लाभ दिलाना भी है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश में संसाधनों की कोई कमी नहीं है, बल्कि जरूरत है सही दिशा में काम करने और योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की।

आईपैक पर टिप्पणी से किया इनकार

कार्यक्रम के दौरान जब उनसे आईपैक (I-PAC) से जुड़े सवाल पूछे गए, तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी की आलोचना करना नहीं है, बल्कि केवल विकास और जनहित के मुद्दों पर बात करना है।

निष्कर्ष

देवघर में दिए गए अपने संबोधन में विनोद विद्यार्थी ने साफ कर दिया कि भारत के समग्र विकास की कुंजी गांवों में ही छिपी है। उन्होंने जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और गैस संकट जैसे मुद्दों पर चिंता जताई, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण विकास, संगठन की भूमिका और आगामी चुनावों को लेकर भी स्पष्ट और मजबूत राय रखी। उनके बयान से यह संकेत मिलता है कि आने वाले समय में ग्रामीण भारत को केंद्र में रखकर विकास की रणनीति और अधिक तेज हो सकती है।

Q1. विनोद विद्यार्थी ने गांव को क्यों महत्वपूर्ण बताया?

A. उन्होंने कहा कि भारत की असली ताकत गांवों में बसती है और ग्रामीण विकास के बिना देश का समग्र विकास संभव नहीं है।

Q2. गैस संकट को लेकर उन्होंने क्या कहा?

A. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हालात को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि इसका असर भारत में कुकिंग गैस की उपलब्धता पर पड़ सकता है।

Q3. डॉ. राजीव रंजन के बारे में क्या कहा गया?

A. उनकी कार्यशैली, सामाजिक सेवा और समर्पण की खुलकर सराहना की गई और उन्हें जिम्मेदारी देने की मांग की गई।

Q4. बंगाल चुनाव पर उनका क्या बयान है?

A. उन्होंने दावा किया कि जनता बदलाव चाहती है और इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत की जा रही है।

Q5. संगठन क्या काम कर रहा है?

A. संगठन गांव-गांव जाकर लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दे रहा है और उन्हें लाभ दिलाने का प्रयास कर रहा है।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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