देवघर में विद्या विकास समिति की प्रांतीय खेल परिषद बैठक संपन्न

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देवघर में विद्या विकास समिति झारखंड की प्रांतीय खेल परिषद की बैठक संपन्न हुई, जिसमें वार्षिक खेलकूद की रूपरेखा तय की गई। 8 विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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देवघर में विद्या विकास समिति की प्रांतीय खेल परिषद बैठक संपन्न

वार्षिक खेलकूद की रूपरेखा तय, 8 विभागों के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी

मुख्य संवाददाता | देवघर | 18 मार्च 2026

प्रांतीय खेल परिषद बैठक के दौरान उपस्थित पदाधिकारी व प्रतिनिधि

देवघर में शिक्षा और खेल गतिविधियों को नई दिशा देने की पहल के तहत विद्या विकास समिति झारखंड की प्रांतीय खेल परिषद की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को कुंडा स्थित उमा ललिनी ब्रह्म सरस्वती विद्या मंदिर के सभागार में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों से आए प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए आगामी वार्षिक खेलकूद कार्यक्रम की व्यापक रूपरेखा तैयार की।

बैठक का उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन तय करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए एक समन्वित और प्रभावी खेल संरचना तैयार करना भी रहा।

भारत माता के पूजन और दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक भारतीय संस्कृति के अनुरूप भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर विद्यालय समिति के सचिव संजीत कुमार, कोषाध्यक्ष डॉ राजीव रंजन, उपाध्यक्ष लक्ष्मण भाई पटेल एवं सह सचिव प्रतिभा बरनवाल सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

इस दौरान सभी सदस्यों ने राष्ट्रभावना, अनुशासन और संगठनात्मक एकता के साथ बैठक की शुरुआत की, जिससे पूरे आयोजन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।

8 विभागों के प्रतिनिधियों की सहभागिता से बैठक को मिला व्यापक स्वरूप

बैठक में झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इसे राज्यस्तरीय महत्व प्रदान किया। देवघर, साहेबगंज, धनबाद, रांची, गुमला, पलामू, हजारीबाग और जमशेदपुर सहित कुल 8 विभागों के 12 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इन प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के अनुभव साझा किए और खेल गतिविधियों के आयोजन से जुड़े व्यावहारिक सुझाव भी दिए, जिससे आगामी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीति तैयार की जा सकी।

खेलकूद कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा पर हुई चर्चा

बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इसमें खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन की समय-सारणी, प्रतिभागियों के चयन की प्रक्रिया, प्रशिक्षण व्यवस्था और विभिन्न स्तरों पर प्रतियोगिताओं के संचालन की रणनीति शामिल रही।
यह भी तय किया गया कि खेलकूद गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसमें भाग लेने का अवसर मिल सके।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर

प्रदेश सचिव नकुल कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि खेलकूद गतिविधियाँ केवल शारीरिक विकास तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि यह विद्यार्थियों के मानसिक, सामाजिक और नैतिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने सभी विभागों से बेहतर समन्वय बनाकर योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास किया जा सकता है।

जिम्मेदारी और समन्वय पर दिया गया विशेष बल

देवघर विभाग प्रमुख सुरेश मंडल ने खेल परिषद की आगामी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए सभी प्रतिनिधियों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने की अपील की।

उन्होंने कहा कि यदि सभी विभाग मिलकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें, तो राज्य स्तर पर खेल प्रतिभाओं को पहचान और मंच देने में बड़ी सफलता मिल सकती है।

ग्रामीण और शहरी प्रतिभाओं को मिलेगा समान अवसर

बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया गया कि खेलकूद कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को समान अवसर प्रदान किया जाएगा।

इसके लिए विशेष चयन प्रक्रिया और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिल सके।

आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय परिवार की अहम भूमिका

इस महत्वपूर्ण बैठक को सफल बनाने में विद्यालय के प्रधानाचार्य आलोक कुमार सहित सभी आचार्यों और छात्र-छात्राओं का सराहनीय योगदान रहा।

उनके सहयोग से बैठक का आयोजन सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संपन्न हुआ, जिससे सभी प्रतिनिधियों को एक सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण मिला।

खेल गतिविधियों से मजबूत होगी संगठनात्मक संरचना

बैठक के अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि तैयार की गई योजनाएं राज्यभर में खेल प्रतिभाओं को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होंगी।

यह भी विश्वास जताया गया कि इन खेल कार्यक्रमों के माध्यम से न केवल विद्यार्थियों का विकास होगा, बल्कि संगठन की संरचना भी और अधिक मजबूत बनेगी।

निष्कर्ष

देवघर में आयोजित यह प्रांतीय खेल परिषद बैठक न केवल एक औपचारिक बैठक थी, बल्कि यह झारखंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक ठोस पहल साबित हुई।

इस बैठक में लिए गए निर्णय आने वाले समय में हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा दे सकते हैं। यदि योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो यह राज्य में खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Q1. यह बैठक कहां आयोजित हुई थी?

Ans. देवघर के कुंडा स्थित उमा ललिनी ब्रह्म सरस्वती विद्या मंदिर के सभागार में बैठक आयोजित हुई।

Q2. बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?

Ans. वार्षिक खेलकूद कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करना और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल संरचना को मजबूत बनाना।

Q3. कितने विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया?

Ans. कुल 8 विभागों के 12 प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया।

Q4. खेल कार्यक्रमों में किन बातों पर जोर दिया गया?

Ans. अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और ग्रामीण-शहरी प्रतिभाओं को समान अवसर देने पर विशेष जोर दिया गया।

Q5. इस बैठक का क्या महत्व है?

Ans. यह बैठक झारखंड में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने और उन्हें बेहतर मंच उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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