सिंहरायडीह में अखंड हरिनाम संकीर्तन पर निकली भव्य कलश यात्रा, पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख हुए शामिल

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देवघर के सारवां प्रखंड के सिंहरायडीह गांव में आयोजित अखंड हरिनाम संकीर्तन के अवसर पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई। पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धार्मिक वातावरण को भक्ति से सराबोर किया।

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सिंहरायडीह में अखंड हरिनाम संकीर्तन पर निकली भव्य कलश यात्रा, पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख हुए शामिल

सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में गांव में गूंजा हरिनाम संकीर्तन, धार्मिक उत्साह से सराबोर हुआ माहौल

News Desk | देवघर (सारवां) | 16 मार्च 2026

 

देवघर जिले के सारवां प्रखंड अंतर्गत सिंहरायडीह गांव में आयोजित अखंड हरिनाम संकीर्तन के अवसर पर सोमवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर गांव के वातावरण को भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। कलश यात्रा में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं की भारी भागीदारी देखने को मिली। पूरे गांव में “हरि नाम संकीर्तन” और भक्ति गीतों की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो गया।
इस अवसर पर राज्य के पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख भी विशेष रूप से उपस्थित हुए और कलश यात्रा में शामिल होकर श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में आपसी भाईचारे, एकता और आध्यात्मिक जागरूकता को मजबूत करते हैं।

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुई कलश यात्रा

अखंड हरिनाम संकीर्तन के अवसर पर निकाली गई कलश यात्रा की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ हुई। पूजा के बाद गांव की महिलाओं ने सिर पर कलश लेकर पूरे गांव में यात्रा निकाली। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने भक्ति गीत गाते हुए गांव के प्रमुख मार्गों से होकर यात्रा निकाली, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया।
कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालु “हरे राम हरे कृष्ण” और “हरि बोल” के जयघोष करते हुए चल रहे थे। भक्ति संगीत और ढोल-नगाड़ों की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। ग्रामीणों का कहना था कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन से गांव में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और समाज में धार्मिक चेतना का प्रसार होता है।

अखंड हरिनाम संकीर्तन से गूंजा पूरा क्षेत्र

सिंहरायडीह गांव में आयोजित अखंड हरिनाम संकीर्तन का उद्देश्य भगवान के नाम का सतत जाप और संकीर्तन के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण करना है। इस आयोजन में आसपास के कई गांवों से भी श्रद्धालु पहुंचे और भक्ति रस में डूबकर संकीर्तन में भाग लिया।

आयोजकों के अनुसार अखंड हरिनाम संकीर्तन लगातार निर्धारित समय तक चलता रहेगा, जिसमें भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना और धार्मिक प्रवचन का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन से समाज में आध्यात्मिकता के साथ-साथ आपसी प्रेम और भाईचारे की भावना मजबूत होती है।

पूर्व कृषि मंत्री ने दिया सामाजिक एकता का संदेश

कार्यक्रम में शामिल हुए पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि भारत की संस्कृति और परंपरा की सबसे बड़ी पहचान उसके धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में इस तरह के कार्यक्रम केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहते बल्कि यह समाज को जोड़ने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का भी माध्यम बनते हैं।

उन्होंने आयोजन समिति और ग्रामीणों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी संस्कृति और परंपरा से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से समाज में शांति, प्रेम और सद्भाव बनाए रखने की अपील भी की।
यजमान और आयोजकों की रही सक्रिय भूमिका
इस धार्मिक आयोजन में यजमान के रूप में नरेश रवानी और रामदेवी रवानी ने विशेष भूमिका निभाई। उनके द्वारा पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना और संकीर्तन कार्यक्रम का आयोजन कराया गया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में गांव के कई लोगों का सक्रिय सहयोग रहा। आयोजन को सफल बनाने में पंडित विवेकानंद झा ने वैदिक विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई।

बड़ी संख्या में ग्रामीण हुए शामिल

कलश यात्रा और संकीर्तन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मदन यादव, विजय रवानी, रमेश रवानी, सिकंदर सिंह, कैलाश सिंह, महेंद्र रवानी, नरेश रवानी, राकेश रवानी, सुधीर रवानी, छोटेलाल, सरलु रवानी, बंधु रवानी सहित कई ग्रामीण सक्रिय रूप से मौजूद रहे।
इसके अलावा महिलाओं में रेखा देवी, राखी देवी, मूर्ति देवी, पार्वती देवी, उषा देवी, कविता देवी और किरण देवी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं कलश यात्रा में शामिल हुईं। महिलाओं की भागीदारी ने इस धार्मिक आयोजन को और भी भव्य बना दिया।

धार्मिक आयोजनों से मजबूत होती है सामाजिक एकता

ग्रामीणों का कहना है कि अखंड हरिनाम संकीर्तन जैसे आयोजन गांव में धार्मिक चेतना के साथ-साथ सामाजिक एकता को भी मजबूत करते हैं। इस प्रकार के कार्यक्रमों में सभी वर्ग और समुदाय के लोग एक साथ मिलकर भाग लेते हैं, जिससे आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना बढ़ती है।

गांव के बुजुर्गों ने बताया कि इस तरह की परंपराएं वर्षों से चली आ रही हैं और हर साल पूरे उत्साह के साथ इन्हें आयोजित किया जाता है। इससे नई पीढ़ी को भी अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने और उससे जुड़ने का अवसर मिलता है।

प्रश्न 1. अखंड हरिनाम संकीर्तन क्या होता है?

उत्तर: अखंड हरिनाम संकीर्तन भगवान के नाम का निरंतर जाप और भजन-कीर्तन का धार्मिक आयोजन होता है, जिसमें श्रद्धालु लगातार भक्ति गीत गाते हैं।

प्रश्न 2. सिंहरायडीह में आयोजित कलश यात्रा में कौन शामिल हुए?

उत्तर: इस कलश यात्रा में पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख सहित गांव के कई श्रद्धालु और ग्रामीण शामिल हुए।

प्रश्न 3. इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्या था?

उत्तर: इस आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था को मजबूत करना, आध्यात्मिक वातावरण बनाना और समाज में एकता व भाईचारा बढ़ाना था।

निष्कर्ष

सारवां प्रखंड के सिंहरायडीह गांव में आयोजित अखंड हरिनाम संकीर्तन और भव्य कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। सैकड़ों श्रद्धालुओं की भागीदारी और सामाजिक सहयोग से यह धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस तरह के कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं बल्कि समाज में आपसी प्रेम, एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी सुदृढ़ बनाते हैं।

Disclaimer: यह समाचार स्थानीय आयोजन और उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। कार्यक्रम से संबंधित विवरण आयोजकों द्वारा प्रदान की गई जानकारी पर आधारित है।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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