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देवघर नगर निगम में डिप्टी मेयर पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। 13 मार्च के शपथ ग्रहण से पहले पार्षदों के बीच लॉबिंग, समर्थन जुटाने और संभावित नामों को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
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देवघर नगर निगम में डिप्टी मेयर पद को लेकर तेज हुई लॉबिंग
शपथ ग्रहण से पहले पार्षदों के बीच सियासी सरगर्मी, कई नाम चर्चा में; समर्थन जुटाने की होड़
सुनील झा | देवघर | 5 मार्च 2026

डिप्टी मेयर पद की संभावित प्रत्याशी डॉ अपर्णा झा
देवघर नगर निगम में नई सरकार के गठन से पहले ही सियासी हलचल तेज हो गई है। नगर निकाय चुनाव परिणाम आने और होली पर्व संपन्न होने के बाद अब सभी की निगाहें आगामी 13 मार्च को होने वाले मेयर और वार्ड पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हुई हैं। लेकिन शपथ ग्रहण से पहले ही नगर निगम की राजनीति में डिप्टी मेयर पद को लेकर हलचल बढ़ गई है।
सूत्रों के अनुसार विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच अंदरखाने लॉबिंग और समर्थन जुटाने की कवायद तेज हो गई है। नवनिर्वाचित पार्षदों के बीच लगातार संपर्क, बैठकों और अनौपचारिक मुलाकातों का दौर जारी है। सत्ताधारी दल से लेकर विपक्ष तक, सभी अपने-अपने समर्थक को डिप्टी मेयर की कुर्सी तक पहुंचाने के लिए रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शपथ ग्रहण से पहले की यह सक्रियता आने वाले दिनों में नगर निगम की राजनीति की दिशा तय कर सकती है।

डिप्टी मेयर पद को संभावित प्रत्याशी प्रीति नरौने
Deoghar Nagar Nigam politics deputy mayor candidate Preeti Narayan
सत्ताधारी दल की सक्रियता से बढ़ी हलचल
सूत्रों के अनुसार सत्ताधारी दल की ओर से डिप्टी मेयर पद पर अपने समर्थक को जिताने के लिए अंदरखाने काफी सक्रियता दिखाई जा रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राज्य सरकार के एक प्रभावशाली मंत्री भी इस पूरे समीकरण पर नजर बनाए हुए हैं।
बताया जा रहा है कि कुछ पार्षदों से व्यक्तिगत स्तर पर संपर्क साधकर समर्थन जुटाने की कोशिश की जा रही है। पार्षदों के साथ बैठकों और अनौपचारिक बातचीत का सिलसिला भी तेज हो गया है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि नगर निगम में सत्ता संतुलन बनाए रखने के लिए डिप्टी मेयर का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में सत्ताधारी दल इस पद को किसी भी कीमत पर अपने पाले में रखने की कोशिश कर सकता है।
भाजपा भी बना रही रणनीति
दूसरी ओर नगर निगम चुनाव में मेयर पद गंवाने के बाद भाजपा भी अब डिप्टी मेयर पद पर अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति बनाने में जुट गई है।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी के स्थानीय नेता और पदाधिकारी नवनिर्वाचित पार्षदों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। कई पार्षदों से व्यक्तिगत स्तर पर बातचीत कर समर्थन जुटाने की कोशिशें भी चल रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर विपक्षी दल एकजुट होकर रणनीति बनाते हैं तो डिप्टी मेयर पद का चुनाव बेहद रोचक और प्रतिस्पर्धी हो सकता है।

डिप्टी मेयर पद की संभावित प्रत्याशी टीप चटर्जी
आधा दर्जन पार्षदों के नाम चर्चा में
डिप्टी मेयर पद को लेकर फिलहाल नगर निगम के राजनीतिक गलियारों में लगभग आधा दर्जन पार्षदों के नाम चर्चा में हैं।
इनमें प्रमुख रूप से
वार्ड संख्या 22 की पार्षद डॉ. अपर्णा झा
वार्ड संख्या 5 की पार्षद टीप चटर्जी
वार्ड संख्या 31 की पार्षद प्रीति नरौने
वार्ड संख्या 21 के पार्षद शैलेश चरण मिश्रा
के नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं।
इसके अलावा भी कुछ अन्य पार्षदों के नाम अंदरखाने चर्चा में बताए जा रहे हैं। हालांकि अभी तक किसी भी राजनीतिक दल की ओर से आधिकारिक तौर पर किसी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि शपथ ग्रहण के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी और तब यह तय होगा कि डिप्टी मेयर पद के लिए किसे उम्मीदवार बनाया जाएगा।
समर्थन जुटाने में जुटे इच्छुक पार्षद
डिप्टी मेयर बनने की इच्छा रखने वाले पार्षद अपने-अपने स्तर पर समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार कई पार्षद अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए लगातार बैठकों का आयोजन कर रहे हैं। कुछ पार्षद नवनिर्वाचित पार्षदों से व्यक्तिगत मुलाकात कर समर्थन मांग रहे हैं।
इसके अलावा राजनीतिक दलों के अलावा सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रभावशाली लोगों की भी भूमिका सामने आने लगी है। बताया जा रहा है कि कुछ पार्षदों को बाहरी सामाजिक और राजनीतिक लोगों का समर्थन भी मिल रहा है।
इस कारण डिप्टी मेयर पद के लिए बनने वाले समीकरण लगातार बदलते नजर आ रहे हैं।

डिप्टी मेयर पद के संभावित प्रत्याशी शैलेश चरण मिश्रा
नगर निगम की राजनीति में बढ़ी सक्रियता
देवघर नगर निगम में लंबे समय बाद ऐसा देखा जा रहा है कि डिप्टी मेयर पद को लेकर इतनी सक्रियता दिखाई दे रही है।
नगर निगम के राजनीतिक गलियारों में पार्षदों के बीच बैठकों और चर्चा का माहौल बना हुआ है। कई पार्षद समूह बनाकर रणनीति तैयार करने में लगे हुए हैं।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस बार डिप्टी मेयर का चुनाव काफी दिलचस्प हो सकता है क्योंकि नगर निगम में किसी एक दल की स्पष्ट पकड़ नहीं मानी जा रही है।
ऐसे में पार्षदों के समर्थन का गणित ही अंतिम परिणाम तय करेगा।
पैसों की चर्चाओं ने बढ़ाई राजनीतिक गर्मी
नगर निगम के राजनीतिक माहौल में इन दिनों एक और चर्चा जोर पकड़ रही है। सूत्रों के अनुसार डिप्टी मेयर पद को लेकर कथित रूप से लेन-देन की बातें भी सामने आ रही हैं।
बताया जा रहा है कि कुछ पार्षदों को अपने पक्ष में करने के लिए एक लाख से लेकर सात लाख रुपये तक की बोली लगाए जाने की चर्चा हो रही है।
कुछ मामलों में अग्रिम राशि दिए जाने की भी बातें कही जा रही हैं। हालांकि इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि किसी भी स्तर पर नहीं हुई है।
इसके बावजूद नगर निगम के राजनीतिक गलियारों में इन चर्चाओं ने माहौल को और गर्म कर दिया है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि स्थानीय निकाय की राजनीति में इस तरह की चर्चाएं नई नहीं हैं, लेकिन इनकी पुष्टि होने पर यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
शपथ ग्रहण के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल देवघर नगर निगम की राजनीति में डिप्टी मेयर पद को लेकर कई तरह के समीकरण बनते और बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं।
सभी की निगाहें अब 13 मार्च को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हुई हैं। इसके बाद मेयर और पार्षदों के बीच बनने वाले समीकरण ही यह तय करेंगे कि डिप्टी मेयर पद पर आखिरकार किसे जिम्मेदारी मिलेगी।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि शपथ ग्रहण के बाद होने वाली बैठकों और राजनीतिक बातचीत के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
तब यह तय होगा कि देवघर नगर निगम की नई सरकार में डिप्टी मेयर की कुर्सी किस पार्षद के हिस्से में आएगी और नगर निगम की सत्ता का संतुलन किस दिशा में जाएगा।
प्रश्न 1. देवघर नगर निगम में शपथ ग्रहण कब होगा?
उत्तर: देवघर नगर निगम के मेयर और नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह 13 मार्च 2026 को आयोजित होने की संभावना है।
प्रश्न 2. डिप्टी मेयर पद के लिए किन नामों की चर्चा है?
उत्तर: डॉ. अपर्णा झा, टीप चटर्जी, प्रीति नरौने और शैलेश चरण मिश्रा सहित कई पार्षदों के नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं।
प्रश्न 3. डिप्टी मेयर का चुनाव कैसे होता है?
उत्तर: नगर निगम में डिप्टी मेयर का चुनाव आमतौर पर नवनिर्वाचित पार्षदों के वोट से होता है। पार्षद अपने समर्थन के आधार पर किसी उम्मीदवार को चुनते हैं।
प्रश्न 4. क्या डिप्टी मेयर पद को लेकर पैसे के लेन-देन की पुष्टि हुई है?
उत्तर: फिलहाल इस संबंध में केवल चर्चाएं सामने आई हैं। किसी भी स्तर पर इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
निष्कर्ष
देवघर नगर निगम में डिप्टी मेयर पद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। शपथ ग्रहण से पहले ही पार्षदों के बीच समर्थन जुटाने की कोशिशें और सियासी समीकरण बनते-बिगड़ते नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि नगर निगम की राजनीति किस दिशा में जाती है और डिप्टी मेयर की कुर्सी आखिर किस पार्षद के हिस्से में आती है।
Disclaimer: यह खबर उपलब्ध जानकारी, स्थानीय सूत्रों और राजनीतिक चर्चाओं के आधार पर तैयार की गई है। किसी भी प्रकार के आरोप या दावों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित प्राधिकरण द्वारा ही की जा सकती है।





