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देवघर उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने होली 2026 को लेकर शांति, सद्भाव और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश जारी किए। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और हुड़दंगियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी।
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होली 2026: प्रेम, सौहार्द और अनुशासन के साथ पर्व मनाएं – उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा
संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी, अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
Author | Location | Date
संवाददाता | देवघर | 03 मार्च 2026

देवघर के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा ने होली 2026 के अवसर पर जिलावासियों को शुभकामनाएं देते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि रंगों का यह पावन पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द्र के साथ मनाया जाए। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि समाज को एक सूत्र में बांधने का अवसर है। ऐसे में सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे मर्यादा और अनुशासन बनाए रखें।
प्रशासन ने 03 मार्च और 04 मार्च 2026 को मनाए जाने वाले होली पर्व को लेकर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अफवाह, हुड़दंग या कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
तनावमुक्त और सुरक्षित होली की अपील
उपायुक्त ने जिलावासियों से आग्रह किया कि वे होली को तनावमुक्त वातावरण में मनाएं। उन्होंने कहा कि किसी के ऊपर जबरदस्ती रंग या अबीर-गुलाल डालना, कीचड़ फेंकना या अभद्र व्यवहार करना कानूनन अपराध है।
विशेष रूप से महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। छेड़छाड़, छींटाकशी, अश्लील गायन या अभद्र टिप्पणी करने वालों पर तुरंत कार्रवाई होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि पर्व के दौरान मादक द्रव्यों का सेवन कर सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ऑर्गेनिक रंगों के प्रयोग और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
उपायुक्त ने नागरिकों से अपील की कि वे रासायनिक रंगों की जगह ऑर्गेनिक और प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करें। इससे न केवल त्वचा और आंखों की सुरक्षा होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि होली का वास्तविक आनंद तभी है जब किसी को शारीरिक या मानसिक पीड़ा न पहुंचे। इसलिए संयमित और सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाना ही सच्ची खुशी है।
विधि-व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट
उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी, पुलिस निरीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को निर्देशित किया है कि वे होली के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें।
प्रशासनिक निर्देशों के मुख्य बिंदु:
संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
नियमित गश्ती दल सक्रिय रखना
होलिका दहन स्थलों की पूर्व जांच
विवाद संभावित क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक
प्रतिनियुक्ति स्थल पर समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करना
कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रखना
सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्रामक, भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने वालों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साइबर सेल को अलर्ट मोड में रखा गया है।
उपायुक्त ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें और अफवाहों से दूर रहें।
होली के दौरान संभावित विवाद के प्रमुख कारण
प्रशासन ने पूर्व अनुभवों के आधार पर कुछ ऐसे बिंदुओं की पहचान की है, जिनसे अक्सर तनाव की स्थिति उत्पन्न होती है।
साम्प्रदायिक या जातिगत भावना से किसी की लकड़ी या सामान चुराकर होलिका दहन में डालना।
किसी व्यक्ति विशेष पर जबरदस्ती रंग या अबीर लगाना।
होलिका दहन स्थल को लेकर विवाद।
दूसरे गांव की सीमा में लुकारी फेंकना या बलपूर्वक लकड़ी आग में डालना।
धार्मिक स्थलों या संवेदनशील इलाकों में अश्लील गायन।
महिलाओं के साथ छेड़छाड़ या अभद्र टिप्पणी।
वाहनों पर कीचड़ फेंकना या तोड़फोड़।
नशे की हालत में मारपीट या उपद्रव।
होलिका दहन को लेकर प्राथमिकता विवाद।
साम्प्रदायिक भावना भड़काने का प्रयास।
उपायुक्त ने कहा कि इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन निरोधात्मक कार्रवाई करेगा।
सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष निर्देश
पर्व के दौरान अक्सर सड़क दुर्घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसे देखते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया है कि:
बिना हेलमेट वाहन न चलाएं
ट्रिपलिंग से बचें
तेज गति से वाहन न चलाएं
नशे की हालत में ड्राइविंग न करें
ट्रैफिक पुलिस को सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
शांति समिति और सामुदायिक सहयोग
प्रशासन ने शांति समिति के सदस्यों, सामाजिक संगठनों और धर्मगुरुओं से सहयोग की अपील की है। उपायुक्त ने कहा कि सामूहिक प्रयास से ही शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखा जा सकता है।
उन्होंने नागरिकों से कहा कि यदि कहीं भी तनाव या विवाद की स्थिति दिखे तो तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें।
प्रशासन की व्यापक तैयारियां
अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति
मोबाइल पेट्रोलिंग टीम सक्रिय
फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस स्टैंडबाय
आपातकालीन हेल्पलाइन सक्रिय
प्रशासन का दावा है कि हर परिस्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारी की गई है।
साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील
उपायुक्त ने कहा कि होली सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह पर्व आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटने का संदेश देता है।
उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे एक जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करें और जिले की शांति व प्रतिष्ठा बनाए रखें।
निष्कर्ष
देवघर प्रशासन ने होली 2026 को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है। उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा का स्पष्ट संदेश है कि त्योहार को प्रेम, अनुशासन और पारस्परिक सम्मान के साथ मनाया जाए।
यदि सभी नागरिक प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, तो यह होली जिले में सौहार्द और खुशी का नया उदाहरण स्थापित कर सकती है।
प्रश्न 1. देवघर में होली 2026 कब मनाई जाएगी?
उत्तर: 03 और 04 मार्च 2026 को।
प्रश्न 2. क्या संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा रहेगी?
उत्तर: हाँ, प्रशासन ने विशेष निगरानी और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की है।
प्रश्न 3. सोशल मीडिया पर क्या निगरानी होगी?
उत्तर: हाँ, भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट पर कड़ी कार्रवाई होगी।
प्रश्न 4. क्या जबरदस्ती रंग डालना अपराध है?
उत्तर: हाँ, यह कानूनन अपराध की श्रेणी में आ सकता है।
प्रश्न 5. प्रशासन ने किन बातों पर विशेष जोर दिया है?
उत्तर: ऑर्गेनिक रंगों का प्रयोग, महिलाओं की सुरक्षा, नशामुक्त पर्व और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन।
(Disclaimer: यह समाचार प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है।)








