स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का देवघर दौरा बना राजनीतिक मंच, निशिकांत दुबे पर सीधा हमला

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देवघर दौरे के दौरान स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सांसद निशिकांत दुबे पर तीखा हमला बोला। झारखंड की अस्मिता, संसद में आचरण और आगामी चुनाव को लेकर दिए बड़े बयान।

 

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स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का देवघर दौरा बना राजनीतिक मंच, निशिकांत दुबे पर सीधा हमला

झारखंड की अस्मिता और संसद में आचरण पर उठाए सवाल, चुनावी संकेत भी दिए

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संवाददाता | देवघर | 22 फरवरी 2026

 

देवघर में रविवार को हुआ स्वास्थ्य मंत्री Irfan Ansari का दौरा महज प्रशासनिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंगा नजर आया। अपने संबोधन में मंत्री ने जहां राज्य सरकार की नीतियों और स्वास्थ्य सुधारों का विस्तार से उल्लेख किया, वहीं देवघर से सांसद Nishikant Dubey पर सीधा और तीखा हमला बोला।

मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि झारखंड की जनता ने जनप्रतिनिधियों को राज्य की गरिमा बढ़ाने के लिए चुना है, न कि उसे विवादों में उलझाने के लिए। उन्होंने इशारों में सांसद के हालिया बयानों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि संसद जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच पर भाषा और आचरण की मर्यादा अनिवार्य है।

 

“झारखंड की छवि से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”

अपने संबोधन में इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, सभ्यता और सामाजिक सौहार्द से है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर राज्य की छवि को ठेस पहुंचाने वाली किसी भी टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा, “राजनीति में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन व्यक्तिगत कटाक्ष और अपमानजनक भाषा लोकतंत्र को कमजोर करती है। झारखंड की जनता स्वाभिमानी है और राज्य की गरिमा के साथ समझौता स्वीकार नहीं करेगी।”

मंत्री के इस बयान को राजनीतिक पर्यवेक्षक सीधे तौर पर सांसद निशिकांत दुबे की हालिया टिप्पणियों से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि उन्होंने नाम लेकर सीधे आरोप नहीं लगाए, लेकिन उनके बयान का संकेत स्पष्ट माना जा रहा है।

 

आगामी चुनाव की आहट, रणनीतिक बयान?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्वास्थ्य मंत्री का यह तेवर आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। अपने संबोधन में उन्होंने संकेत दिया कि जनता फिर से निर्णय लेने के लिए तैयार है और विकास की राजनीति को प्राथमिकता देगी।

इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कठिन फैसले लेने पड़ रहे हैं, लेकिन उद्देश्य आम लोगों को बेहतर सुविधा देना है।

उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे अफवाहों और भड़काऊ बयानों से दूर रहें तथा विकास के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करें।

 

संसद में आचरण पर सख्त टिप्पणी

मंत्री ने कहा कि संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और वहां जनप्रतिनिधियों का व्यवहार अनुकरणीय होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं की बयानबाजी से झारखंड की छवि धूमिल हो रही है।

उन्होंने कहा, “असहमति लोकतंत्र की ताकत है, लेकिन मर्यादा उसका आधार है। यदि कोई नेता अपनी भाषा और आचरण से राज्य की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, तो जनता उसे माफ नहीं करेगी।”

यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य की राजनीति पहले से ही गर्म है और विभिन्न मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

 

स्वास्थ्य सुधारों का भी किया जिक्र

राजनीतिक बयानबाजी के बीच मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य के हर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। नए उपकरण, चिकित्सकों की नियुक्ति और अस्पतालों के उन्नयन की प्रक्रिया तेज की गई है।

उन्होंने दावा किया कि सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

हालांकि विपक्ष का आरोप है कि जमीनी स्तर पर कई योजनाएं अपेक्षित गति से लागू नहीं हो पा रही हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार चुनौतियों से अवगत है और चरणबद्ध तरीके से सुधार कर रही है।

 

देवघर में बढ़ा राजनीतिक तापमान

देवघर में मंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। समर्थक इसे जवाबी हमला बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे चुनावी बयानबाजी करार दे रहे हैं।

स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि आने वाले महीनों में इस तरह की बयानबाजी और तेज हो सकती है।

स्पष्ट है कि स्वास्थ्य मंत्री का यह दौरा केवल प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक संदेश देने का मंच बन गया।

 

क्या होगा आगे?

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि बयानबाजी का यह दौर जारी रहा तो राज्य की राजनीति में ध्रुवीकरण बढ़ सकता है। झारखंड में विकास, अस्मिता और मर्यादा जैसे मुद्दे चुनावी विमर्श का केंद्र बन सकते हैं।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि सांसद निशिकांत दुबे इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और राजनीतिक समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।

 

प्रश्न 1: स्वास्थ्य मंत्री का देवघर दौरा किस कारण चर्चा में है?

उत्तर: दौरे के दौरान मंत्री ने सांसद निशिकांत दुबे पर तीखी टिप्पणी की, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई।

प्रश्न 2: मंत्री ने अपने संबोधन में किन मुद्दों पर जोर दिया?

उत्तर: उन्होंने झारखंड की अस्मिता, संसद में आचरण की मर्यादा, स्वास्थ्य सुधार और विकास की राजनीति पर जोर दिया।

प्रश्न 3: क्या यह बयान आगामी चुनाव से जुड़ा माना जा रहा है?

उत्तर: राजनीतिक विश्लेषक इसे चुनावी रणनीति के संकेत के रूप में देख रहे हैं।

 

निष्कर्ष

देवघर में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का दौरा प्रशासनिक कम और राजनीतिक अधिक नजर आया। उनके बयानों ने राज्य की राजनीति में नया विमर्श छेड़ दिया है। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि यह बयानबाजी चुनावी रणनीति का हिस्सा है या व्यापक राजनीतिक टकराव की शुरुआत।

 

Disclaimer: यह समाचार उपलब्ध बयानों और स्थानीय स्रोतों पर आधारित है। राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के अनुसार परिस्थितियां बदल सकती हैं।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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