सारवां प्रखंड में दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो लोगों की मौत, क्षेत्र में शोक की लहर पांडेय दुकान के समीप और मधुपुर के पथरा में हुई दुर्घटनाएं, बादल पत्रलेख ने सदर अस्पताल पहुंच परिजनों को बंधाया ढाढस

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सारवां प्रखंड में दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो लोगों की मौत। पांडेय दुकान और मधुपुर के पथरा में हुई दुर्घटनाओं से क्षेत्र में शोक। पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने सदर अस्पताल पहुंचकर परिजनों को ढाढस बंधाया।

 

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सारवां प्रखंड में दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो लोगों की मौत, क्षेत्र में शोक की लहर

पांडेय दुकान के समीप और मधुपुर के पथरा में हुई दुर्घटनाएं, बादल पत्रलेख ने सदर अस्पताल पहुंच परिजनों को बंधाया ढाढस

Author | Location | Date

संवाददाता | देवघर | 22 फरवरी 2026

 

 

सारवां प्रखंड सड़क हादसे के बाद सदर अस्पताल में परिजनों से मुलाकात करते बादल पत्रलेख

सड़क दुर्घटनाओं के बाद सदर अस्पताल पहुंचे बादल पत्रलेख ने शोक संतप्त परिवारों को ढाढस बंधाया।

सारवां प्रखंड में शनिवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। इन दर्दनाक घटनाओं ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। एक ही दिन में हुई इन दुर्घटनाओं ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया है और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

पांडेय दुकान के समीप पहला हादसा

पहली घटना सारवां–देवघर मुख्य मार्ग पर पांडेय दुकान के समीप हुई। जानकारी के अनुसार सुरा (बाराकोला) गांव निवासी किशन मंडल (पिता–गोविद मंडल) सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा बेहद गंभीर था। टक्कर के बाद उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि मुख्य मार्ग पर वाहनों की तेज रफ्तार अक्सर हादसों को आमंत्रण देती है।

 

मधुपुर के पथरा में दूसरी दुर्घटना

दूसरी घटना सारवां प्रखंड के लखोरिया गांव निवासी परदेसी तुरी (पिता–हुरो तुरी) के साथ हुई। वे मधुपुर के पथरा (रंगा सिरसा) क्षेत्र में सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

इस घटना से लखोरिया गांव में भी मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में सड़क सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

 

सदर अस्पताल पहुंचे बादल पत्रलेख

दोनों घटनाओं की सूचना मिलते ही पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख सदर अस्पताल, देवघर पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढाढस बंधाया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

बादल पत्रलेख ने आरक्षी अधीक्षक, देवघर तथा पुलिस उपाधीक्षक, देवघर से बातचीत कर परिजनों को सरकारी मुआवजा दिलाने की पहल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कुंडा थाना प्रभारी से भी दुर्घटनाओं की निष्पक्ष जांच करने और बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने पर चर्चा की।

मौके पर मुखिया शिबू वर्मा, सरोज सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं परिजन उपस्थित थे।

 

ग्रामीणों की मांग: सख्त हो यातायात नियंत्रण

लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं से क्षेत्र में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मुख्य मार्गों पर यातायात नियंत्रण को सख्ती से लागू करने की मांग की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि—

निर्धारित गति सीमा का पालन सुनिश्चित कराया जाए।

नियमित पुलिस गश्ती बढ़ाई जाए।

संवेदनशील स्थानों पर स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं।

सड़क किनारे चेतावनी बोर्ड और संकेतक लगाए जाएं।

ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और भी बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

 

बढ़ते हादसे बन रहे चिंता का विषय

सारवां–देवघर मुख्य मार्ग और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ महीनों में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि देखी गई है। तेज रफ्तार, लापरवाह ड्राइविंग और यातायात नियमों की अनदेखी इन हादसों के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क सुरक्षा के लिए सामुदायिक जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है जितनी प्रशासनिक कार्रवाई। हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग, ओवरलोडिंग से बचाव और शराब पीकर वाहन चलाने पर सख्त रोक—इन सभी उपायों को प्रभावी रूप से लागू करना जरूरी है।

 

प्रशासनिक कार्रवाई की उम्मीद

बादल पत्रलेख ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और शोकाकुल परिवारों को इस दुख को सहने की शक्ति देने की कामना की। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशासन से समन्वय कर परिजनों को उचित सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

अब क्षेत्रवासियों की नजर प्रशासनिक कदमों पर टिकी है। लोगों को उम्मीद है कि इन दर्दनाक घटनाओं के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

 

तथ्य संक्षेप में

दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो लोगों की मौत

पांडेय दुकान और मधुपुर पथरा में हुई दुर्घटनाएं

सदर अस्पताल पहुंचे बादल पत्रलेख

परिजनों को मुआवजा दिलाने की पहल का आश्वासन

ग्रामीणों ने सड़क सुरक्षा उपायों की मांग उठाई

 

प्रश्न 1. हादसा कहां-कहां हुआ?

उत्तर: सारवां–देवघर मुख्य मार्ग पर पांडेय दुकान के समीप और मधुपुर के पथरा (रंगा सिरसा) क्षेत्र में।

प्रश्न 2. कितने लोगों की मौत हुई?

उत्तर: दो अलग-अलग दुर्घटनाओं में दो लोगों की मौत हुई।

प्रश्न 3. प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए गए?

उत्तर: पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर मुआवजा और जांच की पहल का आश्वासन दिया है।

प्रश्न 4. ग्रामीणों की मुख्य मांग क्या है?

उत्तर: गति सीमा का पालन, पुलिस गश्ती बढ़ाना और संवेदनशील स्थानों पर स्पीड ब्रेकर लगाना।

 

निष्कर्ष

सारवां प्रखंड में हुई दो सड़क दुर्घटनाओं ने क्षेत्र को गहरे शोक में डाल दिया है। लगातार बढ़ते सड़क हादसे प्रशासन और समाज दोनों के लिए चेतावनी हैं। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं। सड़क सुरक्षा केवल नियमों का विषय नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी भी है।

 

Disclaimer: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय जानकारी और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान पर आधारित है। प्रशासनिक जांच के बाद तथ्यों में संशोधन संभव है।

 

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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