
देवघर के तीन खिलाड़ी झारखंड खो-खो टीम में चयनित
सीनियर राष्ट्रीय खो-खो प्रतियोगिता 2025–26 में देवघर का बढ़ेगा मान
Author: News Desk
Location: देवघर
Date: 25 जनवरी 2026
देवघर के खिलाड़ी झारखंड खो-खो टीम में चयनित
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देवघर के तीन खिलाड़ी झारखंड खो-खो टीम में चयनित | National Kho-Kho 2026
देवघर के तीन खिलाड़ियों का झारखंड खो-खो टीम में चयन। ये खिलाड़ी 31 जनवरी से 3 फरवरी 2026 तक कर्नाटक में होने वाली सीनियर राष्ट्रीय खो-खो प्रतियोगिता में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे।
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देवघर जिले के खेल जगत के लिए यह खबर गर्व और उत्साह से भर देने वाली है। कर्नाटक के तुमकुरु (बेंगलुरु) में आयोजित होने वाली सीनियर राष्ट्रीय खो-खो प्रतियोगिता (महिला एवं पुरुष) 2025–26 के लिए देवघर के तीन खिलाड़ियों का चयन झारखंड खो-खो टीम में किया गया है। यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता 31 जनवरी से 3 फरवरी 2026 तक आयोजित होगी, जिसमें देशभर की शीर्ष राज्य टीमें हिस्सा लेंगी।
देवघर के खिलाड़ियों के इस चयन से जिले के खेल प्रेमियों, प्रशिक्षकों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। यह उपलब्धि देवघर में पारंपरिक खेलों के प्रति बढ़ती जागरूकता और निरंतर मेहनत का परिणाम मानी जा रही है।
राज्य स्तरीय प्रदर्शन से मिला राष्ट्रीय अवसर
झारखंड खो-खो टीम में चयनित इन खिलाड़ियों ने हाल ही में संपन्न राज्य स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन किया था। फुर्ती, रणनीतिक समझ, अनुशासन और टीम भावना के दम पर इन खिलाड़ियों ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। यही कारण रहा कि देवघर जैसे जिले से तीन खिलाड़ियों को एक साथ झारखंड टीम में स्थान मिला।
खेल जानकारों के अनुसार, यह चयन इस बात का प्रमाण है कि यदि खिलाड़ियों को सही मंच और मार्गदर्शन मिले, तो वे किसी भी स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित कर सकते हैं।
देवघर के तीन खिलाड़ियों का झारखंड खो-खो टीम में चयन गौरव का विषय है: डॉ. राजीव रंजन
खो-खो देवघर के अध्यक्ष डॉ. राजीव रंजन ने कहा कि देवघर के तीन खिलाड़ियों का झारखंड खो-खो टीम में चयन जिले के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। इन खिलाड़ियों ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अनुशासन, फुर्ती और रणनीतिक खेल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसके आधार पर चयनकर्ताओं ने उन्हें राष्ट्रीय टीम के लिए चुना। यह सफलता खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, नियमित अभ्यास और प्रशिक्षकों के समर्पण का परिणाम है। डॉ. रंजन ने विश्वास जताया कि ये खिलाड़ी सीनियर राष्ट्रीय खो-खो प्रतियोगिता में झारखंड का नाम रोशन करेंगे और देवघर के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगे।
देवघर के खेल इतिहास में महत्वपूर्ण उपलब्धि
देवघर जिला धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन दृष्टि से अपनी अलग पहचान रखता है, लेकिन बीते कुछ वर्षों में यहां के खिलाड़ियों ने खेल के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। खो-खो जैसे पारंपरिक भारतीय खेल में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व मिलना देवघर के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उपलब्धियां न केवल खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाती हैं, बल्कि जिले में खेल संस्कृति को भी मजबूत करती हैं।
खेल पदाधिकारियों ने जताई खुशी
खिलाड़ियों के चयन पर खो-खो देवघर के मुख्य संरक्षक विजय प्रताप सनातन, आदर्श लक्ष्य, महासचिव कौशल कुमार सिंह, उपाध्यक्ष मुकुल मिश्रा, सुनील कुमार, विक्की रमानी, मल्लिका झा, डॉ. पंकज सिंह, निर्भय कुमार यादव, घनश्याम राणा, रतन कुमार, प्रकाश कुमार, टेक्निकल डायरेक्टर राकेश कुमार, संजीव झा एवं गुंजन कुमारी ने संयुक्त रूप से प्रसन्नता व्यक्त की।
सभी पदाधिकारियों ने चयनित खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि देवघर के खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में झारखंड के लिए पदक जीतने की पूरी क्षमता रखते हैं।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता से जुड़ी बड़ी उम्मीदें
सीनियर राष्ट्रीय खो-खो प्रतियोगिता भारतीय खो-खो महासंघ के अंतर्गत आयोजित की जाने वाली प्रमुख प्रतियोगिता है। इसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भविष्य में राष्ट्रीय शिविरों और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अवसर मिल सकता है।
झारखंड टीम में देवघर के खिलाड़ियों की मौजूदगी से राज्य की टीम और अधिक संतुलित और मजबूत मानी जा रही है।
खेल अवसंरचना और भविष्य की दिशा
देवघर में खेल अवसंरचना के विकास को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय खेल संगठनों का मानना है कि यदि खिलाड़ियों को बेहतर मैदान, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं और नियमित प्रतियोगिताएं उपलब्ध कराई जाएं, तो देवघर भविष्य में खेल प्रतिभाओं का बड़ा केंद्र बन सकता है।
इस चयन से जिला प्रशासन और खेल विभाग की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है कि वे खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग प्रदान करें।
निष्कर्ष
देवघर के तीन खिलाड़ियों का झारखंड खो-खो टीम में चयन जिले के लिए गौरव की बात है। यह उपलब्धि यह साबित करती है कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से छोटे शहरों के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं। अब सभी की निगाहें कर्नाटक में होने वाली सीनियर राष्ट्रीय खो-खो प्रतियोगिता पर टिकी हैं, जहां देवघर के खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से राज्य और जिले का नाम रोशन करने उतरेंगे।
Q1. देवघर के कितने खिलाड़ियों का चयन झारखंड खो-खो टीम में हुआ है?
उत्तर: देवघर के तीन खिलाड़ियों का चयन किया गया है।
Q2. राष्ट्रीय खो-खो प्रतियोगिता कब और कहां होगी?
उत्तर: 31 जनवरी से 3 फरवरी 2026 तक कर्नाटक के तुमकुरु (बेंगलुरु) में।
Q3. चयन का आधार क्या रहा?
उत्तर: राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन।
Q4. इस चयन से जिले को क्या लाभ होगा?
उत्तर: युवाओं को प्रेरणा मिलेगी और खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।









