भीभी जी रामजी’ योजना से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार गारंटी को मिलेगा नया आयाम: बाल मुकुंद सहाय

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भीभी जी रामजी’ योजना से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार गारंटी को मिलेगा नया आयाम: बाल मुकुंद सहाय

 

125 दिन का सुनिश्चित रोजगार, 1.51 लाख करोड़ का प्रावधान; विपक्ष भ्रम फैला रहा है: भाजपा

 

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भीभी जी रामजी योजना से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था | बाल मुकुंद सहाय | देवघर

 

देवघर में भाजपा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बाल मुकुंद सहाय ने ‘भीभी जी रामजी’ योजना को ग्रामीण भारत के लिए गेमचेंजर बताया। 125 दिन रोजगार, 1.51 लाख करोड़ का प्रावधान, विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप।

 

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ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की ठोस पहल

देवघर/संवाददाता।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सह संथाल परगना प्रभारी बाल मुकुंद सहाय ने कहा कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “भीभी जी रामजी” योजना ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने वाली साबित होगी। उन्होंने यह बातें स्थानीय भाजपा कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहीं।

प्रेस वार्ता की शुरुआत में उन्होंने जिला अध्यक्ष सहित उपस्थित सभी पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि यह योजना केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर आत्मनिर्भर भारत की नींव रखने का कार्य करेगी।

 

विपक्ष फैला रहा भ्रम, सच्चाई से डर रहा है

बाल मुकुंद सहाय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संसद में यह बिल लाया गया है, लेकिन विपक्ष इसे लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने में जुटा हुआ है।

उन्होंने कहा कि जब-जब देश में गरीब, किसान और श्रमिक के हित में ठोस कदम उठाए जाते हैं, विपक्ष राजनीति करने लगता है।

उनका कहना था कि पहले भी रोजगार सृजन के लिए नरेगा और बाद में मनरेगा जैसी योजनाएं लाई गईं। उद्देश्य अच्छे थे, लेकिन जमीनी स्तर पर योजनाएं भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ गईं।

 

कम मजदूरी से सम्मानजनक आय तक का सफर

बाल मुकुंद सहाय ने कहा कि पूर्ववर्ती योजनाओं में ग्रामीणों को कठिन परिश्रम के बाद भी बेहद कम मजदूरी मिलती थी। कई बार भुगतान में महीनों की देरी होती थी, जिससे गरीब मजदूर कर्ज के जाल में फंस जाता था।

उन्होंने कहा कि भारत मिशन रोजगार गारंटी के तहत लाई गई “भीभी जी रामजी” योजना में ऐसे लोगों का विशेष ध्यान रखा गया है, जो रोज कमाते हैं और उसी से अपना परिवार चलाते हैं।

इस योजना का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति रोजगार से वंचित न रहे।

 

125 दिन का रोजगार, 1.51 लाख करोड़ का बजट

 

 

बाल मुकुंद सहाय ने बताया कि इस नई योजना के तहत ग्रामीणों को 100 दिन के बजाय 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार मिलेगा। इससे न केवल मजदूरी बढ़ेगी, बल्कि गांवों में विकास कार्य भी तेजी से होंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार ने इस योजना के लिए 1 लाख 51 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया है।

खर्च की स्पष्ट जिम्मेदारी तय की गई है—

40 प्रतिशत केंद्र सरकार

60 प्रतिशत राज्य सरकार

इस व्यवस्था से राज्य सरकारों की भूमिका पहले की तुलना में कहीं अधिक सक्रिय और जवाबदेह हो जाएगी।

 

भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम, पारदर्शिता होगी सुनिश्चित

बाल मुकुंद सहाय ने पूर्ववर्ती योजनाओं की खामियों पर खुलकर बात करते हुए कहा कि पहले रोजगार योजनाओं में न तो समय पर ऑडिट होता था और न ही सख्त निगरानी।

एक ही सड़क को कागजों पर कई गांवों में दिखा दिया जाता था, जबकि वास्तविक विकास शून्य रहता था।

उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी रजिस्ट्रेशन कर भुगतान निकाल लिया जाता था और सरकारी धन की खुली लूट होती थी।

नई “भीभी जी रामजी” योजना में डिजिटल निगरानी, जवाबदेही और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी गई है।

 

गांधी के नाम पर राजनीति नहीं, सपनों का भारत बनाने का संकल्प

बाल मुकुंद सहाय ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्षों तक महात्मा गांधी के नाम पर केवल राजनीति की गई।

गांधीजी की सोच गांव, गरीब और श्रमिक के उत्थान से जुड़ी थी, लेकिन उनके नाम को एक परिवार तक सीमित कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी गांधीजी के सपनों के भारत को साकार करने की दिशा में ठोस और ईमानदार प्रयास कर रही है।

 

मधुपुर की घटना पर सरकार को घेरा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मधुपुर की हालिया घटना पर पूछे गए सवाल के जवाब में बाल मुकुंद सहाय ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि भाजपा की टीम मौके पर गई थी और स्थिति बेहद चिंताजनक है।

उनका आरोप था कि ग्रामीण भय के साए में जीवन जीने को मजबूर हैं। मधुपुर क्षेत्र में लगातार डेमोग्राफी में बदलाव हो रहा है, जिससे सामाजिक तनाव बढ़ रहा है।

 

ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोपरि: भाजपा

बाल मुकुंद सहाय ने कहा कि मधुपुर में इस तरह की घटनाएं वर्षों से हो रही हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सभी ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।

प्रेस वार्ता में जिला अध्यक्ष सचिन रवानी, पूर्व विधायक नारायण दास, गंगानारायण सिंह, संतोष उपाध्याय, सचिन सुल्तानिया, धनंजय तिवारी, पवन पांडेय सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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