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एक्सक्लूसिव: मकर संक्रांति पर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचीं मंत्री श्रेयसी सिंह, परिवार की आस्था और राष्ट्र की मंगल कामना का संगम
मकर संक्रांति के अवसर पर बिहार सरकार की मंत्री श्रेयसी सिंह देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचीं। विशेष पूजा-अर्चना के साथ उन्होंने देश की खुशहाली, बिहार की प्रगति और भारत के विश्व गुरु बनने की कामना की। पढ़ें एक्सक्लूसिव फीचर रिपोर्ट।
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एक्सक्लूसिव फीचर | आस्था, परंपरा और राष्ट्र की मंगल कामना — मकर संक्रांति पर बाबाधाम में मंत्री श्रेयसी सिंह
देवघर/संवाददाता।
मकर संक्रांति का पर्व भारतीय संस्कृति में केवल ऋतु परिवर्तन का संकेत नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और आत्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। ऐसे पावन अवसर पर जब देशभर के श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर खिंचे चले आते हैं, तब बिहार सरकार की सूचना प्रावैधिकी एवं खेल मंत्री और भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा की राष्ट्रीय पदाधिकारी श्रेयसी सिंह का देवघर आगमन इस पर्व को और विशेष बना गया।
विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच बाबा नगरी में प्रवेश
मंत्री श्रेयसी सिंह मकर संक्रांति के दिन सड़क मार्ग से विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच देवघर पहुंचीं। बाबा नगरी में प्रवेश करते ही धार्मिक वातावरण, जयकारों और भक्तिमय माहौल ने पूरी यात्रा को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। मंदिर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सभी आवश्यक इंतजाम किए गए थे, ताकि आम श्रद्धालुओं की पूजा व्यवस्था भी निर्बाध रूप से चलती रहे।
तीर्थ पुरोहितों के सान्निध्य में विशेष पूजा और संकल्प
बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचने के बाद मंत्री श्रेयसी सिंह को तीर्थ पुरोहितों द्वारा विधिवत विशेष पूजा कराई गई। वैदिक मंत्रोच्चारण, संकल्प और पारंपरिक पूजा विधि के साथ बाबा बैद्यनाथ का पूजन संपन्न हुआ। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर स्थित अन्य देवी-देवताओं के मंदिरों में भी पूजा-अर्चना कर देश और समाज के कल्याण की प्रार्थना की।
पूजन के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी इस दृश्य को श्रद्धा और सम्मान के साथ देखा।

“बाबा बैद्यनाथ से हमारे परिवार का अटूट रिश्ता”
पूजा के पश्चात मंत्री श्रेयसी सिंह ने भावुक शब्दों में कहा कि बाबा बैद्यनाथ से उनके परिवार का रिश्ता केवल आस्था का नहीं, बल्कि पीढ़ियों से जुड़ा हुआ विश्वास का रिश्ता है। उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ सदैव उनके परिवार पर कृपा और स्नेह बरसाते रहे हैं और हर महत्वपूर्ण अवसर पर बाबा धाम आकर आशीर्वाद लेने की परंपरा रही है।
उनका कहना था कि देवघर आकर मन को जो शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, वह कहीं और संभव नहीं।
बिहार से लेकर भारत के भविष्य तक की कामना
मंत्री श्रेयसी सिंह ने बताया कि उन्होंने बाबा बैद्यनाथ से प्रार्थना की है कि बिहार निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े और युवाओं को खेल, तकनीक और रोजगार के बेहतर अवसर मिलें। साथ ही उन्होंने पूरे देश में शांति, समृद्धि और एकता बनी रहने की कामना की।
उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर अपनी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और आर्थिक पहचान को और सशक्त करेगा तथा आने वाले समय में भारत “विश्व गुरु” के रूप में स्थापित होगा।
मकर संक्रांति पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
मकर संक्रांति के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भक्तों ने बाबा को तिल, दही, चूड़ा और खिचड़ी का भोग अर्पित कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
श्रेयसी सिंह का दौरा इसी धार्मिक उल्लास और परंपरा के बीच संपन्न हुआ, जिससे पर्व की गरिमा और बढ़ गई।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया आत्मीय स्वागत
देवघर आगमन पर नगर अध्यक्ष सोनाधारी झा सहित भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मंत्री श्रेयसी सिंह का आत्मीय स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने इसे संगठन और क्षेत्र दोनों के लिए गौरव का क्षण बताया।
भाजपा नेताओं ने कहा कि मंत्री का बाबा धाम में आगमन न केवल व्यक्तिगत आस्था का विषय है, बल्कि जनसेवा और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
आस्था और सार्वजनिक जीवन का संगम
मकर संक्रांति पर बाबा बैद्यनाथ धाम में मंत्री श्रेयसी सिंह की पूजा-अर्चना यह दर्शाती है कि सार्वजनिक जीवन में रहते हुए भी भारतीय परंपरा, संस्कृति और आस्था का महत्व कितना गहरा है। देवघर की इस यात्रा ने यह संदेश दिया कि आध्यात्मिक शक्ति और जनसेवा एक-दूसरे की पूरक हैं।
निष्कर्ष
बाबा बैद्यनाथ धाम में मंत्री श्रेयसी सिंह की यह यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, पारिवारिक परंपरा और राष्ट्र की मंगल कामना का जीवंत उदाहरण रही। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बाबा का आशीर्वाद लेकर उन्होंने बिहार और भारत के उज्ज्वल भविष्य की कामना की, जो इस फीचर को एक विशेष और यादगार क्षण बनाता है।









