डॉक्टर मस्त, अधिकारी बेखबर और मरीज बेहाल: देवघर सदर अस्पताल की बदहाल व्यवस्था ने खड़े किए गंभीर सवाल

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देवघर सदर अस्पताल में बदहाल व्यवस्था: डॉक्टर की कथित अनुपस्थिति से मरीज परेशान, दलालों की सक्रियता के आरोप

देवघर सदर अस्पताल में रजिस्ट्रेशन काउंटर पर घंटों इंतजार, मेडिसिन ओपीडी में चिकित्सक की कथित अनुपस्थिति और दलालों की सक्रियता के आरोपों से मरीज परेशान रहे। सिविल सर्जन ने जांच का भरोसा दिया।

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डॉक्टर मस्त, अधिकारी बेखबर और मरीज बेहाल: देवघर सदर अस्पताल की बदहाल व्यवस्था ने खड़े किए गंभीर सवाल

रजिस्ट्रेशन काउंटर पर घंटों इंतजार, मेडिसिन ओपीडी में चिकित्सक की कथित अनुपस्थिति से मरीजों में आक्रोश, दलालों की सक्रियता के आरोप; सिविल सर्जन ने दिए जांच के निर्देश

देवघर सदर अस्पताल के मेडिसिन ओपीडी के बाहर चिकित्सक का इंतजार करते मरीज।

सुनील झा 

देवघर। झारखंड के देवघर जिले का सबसे बड़ा सरकारी स्वास्थ्य संस्थान सदर अस्पताल एक बार फिर अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चर्चा में है। गुरुवार को अस्पताल परिसर में जो हालात देखने को मिले, उन्होंने मरीजों की परेशानियों और अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर घंटों तक पर्ची बनवाने के लिए इंतजार करते मरीज, मेडिसिन ओपीडी के बाहर चिकित्सक की प्रतीक्षा करती लंबी कतारें, अस्पताल परिसर में दलालों की कथित सक्रियता और अधिकारियों की उदासीनता से मरीजों व उनके परिजनों में नाराजगी साफ दिखाई दी। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे कई मरीजों ने कहा कि सरकारी अस्पताल में इलाज से अधिक समय उन्हें इंतजार और भटकने में बिताना पड़ा।

 

सुबह से ही रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लगी रही लंबी कतार

सुबह अस्पताल खुलने के साथ ही रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। पर्ची बनवाने के लिए बुजुर्ग, महिलाएं, दिव्यांग और गंभीर बीमार मरीज घंटों कतार में खड़े रहे। कई मरीजों ने बताया कि काउंटर पर पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण भीड़ लगातार बढ़ती गई और उन्हें लंबे समय तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।

मरीजों का कहना था कि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले ही अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है, लेकिन उसी अनुपात में कर्मचारियों की संख्या और व्यवस्थाओं को मजबूत नहीं किया गया है। इससे गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीज सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।

दलालों की सक्रियता के आरोप, मरीजों को किया जा रहा गुमराह

अस्पताल परिसर में मौजूद कई मरीजों और उनके परिजनों ने आरोप लगाया कि कुछ महिलाएं और कथित दलाल अस्पताल परिसर में सक्रिय हैं। आरोप है कि वे मरीजों को सरकारी इलाज छोड़कर निजी क्लीनिकों में जाने की सलाह देते हैं और इलाज में मदद दिलाने के नाम पर पैसे मांगते हैं।

हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों द्वारा ऐसी शिकायतें किए जाने से अस्पताल की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मरीजों का कहना है कि यदि अस्पताल परिसर दलालों से मुक्त नहीं होगा तो गरीब मरीजों का शोषण रुकना मुश्किल है।

दो घंटे तक मेडिसिन ओपीडी में चिकित्सक का इंतजार करते रहे मरीज

सबसे अधिक नाराजगी मेडिसिन विभाग की ओपीडी संख्या-1 में देखने को मिली। मरीजों के अनुसार यहां ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक डॉ. अर्चना कुमारी दोपहर लगभग 12 बजे से करीब 2 बजे तक अपने कक्ष में मौजूद नहीं थीं। इस दौरान इलाज के लिए पहुंचे मरीज डॉक्टर के लौटने का इंतजार करते रहे।

दूर-दराज के गांवों से आए मरीजों का कहना था कि सुबह से अस्पताल में बैठे रहने के बावजूद उन्हें समय पर इलाज नहीं मिल सका। चिकित्सक के वापस आने के बाद भी मरीजों की लंबी कतार लगी रही। कुछ मरीजों ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना समुचित जांच के वापस भेज दिया गया, जबकि कुछ को मरीज को साथ लेकर आने की सलाह देकर लौटा दिया गया।

कथित टिप्पणी से भी बढ़ा विवाद

मौके पर मौजूद कुछ मरीजों और उनके परिजनों का दावा है कि जब चिकित्सक की अनुपस्थिति को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कथित तौर पर डीएस कार्यालय की ओर इशारा करते हुए कहा कि वहां जाकर शिकायत कर दीजिए। इस कथित टिप्पणी के बाद मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी और बढ़ गई। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

उपाधीक्षक ने कहा— दलालों पर होगी कार्रवाई

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सदर अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. सुषमा वर्मा ने कहा कि अस्पताल परिसर में दलालों की सक्रियता की शिकायत मिली है। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी।

चिकित्सक की अनुपस्थिति के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि संबंधित महिला चिकित्सक संभवतः राउंड पर गई होंगी अथवा भोजनावकाश पर होंगी। पूरे मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

सिविल सर्जन बोले— जांच में दोषी मिले तो होगी कार्रवाई

सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि शिकायतों की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी भी अधिकारी, कर्मचारी अथवा चिकित्सक की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

व्यवस्था सुधारने की जरूरत, मरीजों का भरोसा लौटाना बड़ी चुनौती

देवघर सदर अस्पताल प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों के इलाज का प्रमुख सरकारी केंद्र है। ऐसे में यदि रजिस्ट्रेशन से लेकर ओपीडी तक मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़े, चिकित्सकों की समय पर उपलब्धता पर सवाल उठें और दलालों की सक्रियता की शिकायतें मिलें तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पताल में नियमित निरीक्षण, डॉक्टरों की समयबद्ध उपस्थिति, शिकायत निवारण तंत्र को प्रभावी बनाने और दलालों पर सख्त कार्रवाई से ही मरीजों का भरोसा दोबारा कायम किया जा सकता है।

अब सभी की निगाहें सिविल सर्जन द्वारा घोषित जांच पर टिकी हैं। मरीजों को उम्मीद है कि यह मामला केवल जांच और आश्वासन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई कर अस्पताल की व्यवस्था में ठोस सुधार किया जाएगा।

 

Q1. देवघर सदर अस्पताल में मरीजों ने क्या शिकायत की है?

उत्तर: मरीजों ने रजिस्ट्रेशन में देरी, चिकित्सक की कथित अनुपस्थिति और अस्पताल परिसर में दलालों की सक्रियता की शिकायत की है।

Q2. किस विभाग में चिकित्सक के अनुपस्थित रहने का आरोप लगा है?

उत्तर: मेडिसिन विभाग की ओपीडी संख्या-1 में ड्यूटी के दौरान चिकित्सक के लगभग दो घंटे तक अनुपस्थित रहने का आरोप लगाया गया है।

Q3. अस्पताल प्रशासन का क्या कहना है?

उत्तर: उपाधीक्षक ने दलालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है, जबकि चिकित्सक के संबंध में कहा कि वे राउंड या भोजनावकाश पर गई होंगी।

Q4. सिविल सर्जन ने क्या कहा है?

उत्तर: सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार ने पूरे मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

Q5. इस मामले में आगे क्या होगा?

उत्तर: स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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