वेतन भुगतान पर बनी सहमति, स्वास्थ्य कर्मचारियों ने स्थगित किया आंदोलन

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देवघर में झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार के आश्वासन और वेतन भुगतान प्रक्रिया में प्रगति के बाद 18 मई का काला बिल्ला आंदोलन और 19 मई की कलमबंद हड़ताल स्थगित कर दी।

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वेतन भुगतान पर बनी सहमति, स्वास्थ्य कर्मचारियों ने स्थगित किया आंदोलन

सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार के आश्वासन और कार्रवाई से टली कलमबंद हड़ताल, कर्मचारियों ने जताया भरोसा

संवाददाता | देवघर | 17 मई 2026

देवघर में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के आंदोलन को लेकर चल रहा गतिरोध फिलहाल समाप्त हो गया है। झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा वेतन भुगतान सहित विभिन्न लंबित मांगों को लेकर घोषित आंदोलन को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। संघ ने यह फैसला सिविल सर्जन देवघर डॉ. रमेश कुमार द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए की गई पहल, वार्ता और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद लिया।

संघ की ओर से पहले 18 मई 2026 को काला बिल्ला लगाकर कार्य करने तथा 19 मई 2026 को कलमबंद हड़ताल करने की घोषणा की गई थी। लेकिन सिविल सर्जन के साथ हुई विस्तृत वार्ता और लंबित मामलों में दिखाई गई प्रगति के बाद संगठन ने आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया।

मांग पत्र पर सिविल सर्जन ने लिया त्वरित संज्ञान

जानकारी के अनुसार, झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने वेतन भुगतान और अन्य प्रशासनिक समस्याओं को लेकर विभाग को मांग पत्र सौंपा था। मांग पत्र मिलने के बाद सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार ने संघ के जिलाध्यक्ष के साथ बैठक कर बिंदुवार सभी मामलों की समीक्षा की।

बैठक के दौरान उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों और कर्मचारियों को लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही अब तक की गई कार्रवाई और प्रगति की जानकारी संघ को पत्र के माध्यम से उपलब्ध कराई गई।

संघ के पदाधिकारियों ने सिविल सर्जन द्वारा प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की और कई मामलों में हुई सकारात्मक पहल पर संतोष व्यक्त किया। संगठन ने कहा कि विभागीय स्तर पर जिस प्रकार गंभीरता दिखाई गई है, उससे कर्मचारियों के बीच विश्वास बढ़ा है।

वेतन भुगतान प्रक्रिया में आई तेजी

संघ के जिलाध्यक्ष ने बताया कि संगठन द्वारा आंदोलन की घोषणा के बाद स्वास्थ्य विभाग में वेतन भुगतान की प्रक्रिया तेज हुई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसीडीह के कर्मचारियों और अधिकारियों का वेतन भुगतान हो चुका है, जबकि अन्य स्थानों पर भुगतान प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल देवघर के अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन प्रपत्र सोमवार को कोषागार भेजे जाने की जानकारी उपाधीक्षक डॉ. सुषमा वर्मा ने दी है। इसके साथ ही उन्होंने संगठन से आंदोलन वापस लेने का अनुरोध भी किया।

संघ का कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर लगातार दबाव बनाए जाने का ही परिणाम है कि लंबित वेतन भुगतान की प्रक्रिया में तेजी आई है।

ट्रेजरी घोटाले के बाद बढ़ी जांच प्रक्रिया

वेतन भुगतान में हुई देरी के पीछे राज्यव्यापी ट्रेजरी घोटाले के बाद लागू की गई सख्त जांच प्रक्रिया को मुख्य कारण बताया जा रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि सभी वेतन प्रपत्रों की गहन जांच के बाद ही उन्हें कोषागार भेजा जाए।

इसके तहत प्रत्येक कर्मचारी की विस्तृत जानकारी, सेवा पुस्तिका की प्रति और अन्य आवश्यक दस्तावेजों को वेतन प्रपत्र के साथ संलग्न करना अनिवार्य किया गया है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग में वेतन भुगतान की प्रक्रिया सामान्य से अधिक समय ले रही है।

हालांकि कर्मचारियों का कहना है कि तकनीकी जांच और प्रशासनिक प्रक्रिया अपनी जगह सही है, लेकिन समय पर वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

संगठन ने कहा — आंदोलन का असर दिखा

संघ के जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि यदि संगठन आंदोलन की घोषणा नहीं करता तो वेतन भुगतान में और अधिक विलंब होने की संभावना थी। उन्होंने कहा कि संगठन के दबाव और कर्मचारियों की एकजुटता का ही असर है कि विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की।

उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्यकर्मी लगातार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं और महामारी से लेकर सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं तक हर परिस्थिति में अग्रिम पंक्ति में काम करते रहे हैं। ऐसे में समय पर वेतन भुगतान कर्मचारियों का अधिकार है।

सिविल सर्जन को कर्मचारियों ने दिया धन्यवाद

संघ की ओर से कहा गया कि सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार ने मामले को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ लिया। कर्मचारियों की मांगों पर त्वरित निर्णय लेने, लंबित कार्यों में प्रगति लाने और लिखित रूप से संगठन को अवगत कराने के लिए संघ ने उनकी सराहना की है।

संगठन ने कहा कि प्रशासन और कर्मचारियों के बीच संवाद बना रहे तो अधिकांश समस्याओं का समाधान समय रहते किया जा सकता है। फिलहाल आंदोलन स्थगित होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाला संभावित असर टल गया है और मरीजों को राहत मिली है।

स्वास्थ्य सेवाएं रहेंगी सामान्य

आंदोलन स्थगित होने के बाद अब जिले के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई है कि लंबित वेतन भुगतान और अन्य प्रशासनिक समस्याओं का समाधान जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सभी लंबित मामलों का निष्पादन प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है और कर्मचारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।

निष्कर्ष

देवघर में स्वास्थ्य कर्मचारियों और प्रशासन के बीच बना टकराव फिलहाल संवाद और भरोसे के जरिए सुलझता दिखाई दे रहा है। सिविल सर्जन की पहल और विभागीय कार्रवाई के बाद संगठन द्वारा आंदोलन स्थगित करना यह संकेत देता है कि समय पर संवाद और पारदर्शिता से बड़े विवादों को भी शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जा सकता है। अब कर्मचारियों और विभाग दोनों की नजर लंबित वेतन भुगतान को जल्द पूरा करने पर टिकी है।

Q1. स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कौन-सा आंदोलन स्थगित किया है?

A. 18 मई 2026 को काला बिल्ला लगाकर कार्य करने और 19 मई 2026 को कलमबंद हड़ताल के कार्यक्रम को स्थगित किया गया है।

Q2. आंदोलन स्थगित करने का मुख्य कारण क्या रहा?

A. सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार द्वारा त्वरित कार्रवाई, वार्ता और वेतन भुगतान प्रक्रिया में प्रगति दिखाए जाने के बाद संगठन ने आंदोलन स्थगित किया।

Q3. वेतन भुगतान में देरी क्यों हो रही थी?

A. राज्यव्यापी ट्रेजरी घोटाले के बाद सरकार द्वारा सख्त जांच प्रक्रिया लागू की गई है, जिसके कारण सभी दस्तावेजों की जांच के बाद ही वेतन प्रपत्र कोषागार भेजे जा रहे हैं।

Q4. किन कर्मचारियों का वेतन भुगतान हो चुका है?

A. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसीडीह के कर्मचारियों और अधिकारियों का वेतन भुगतान हो चुका है, जबकि अन्य स्थानों पर प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

Q5. क्या अब स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी?

A. नहीं, आंदोलन स्थगित होने के बाद जिले की स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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