देवघर में पहली बार पेसमेकर इम्प्लांट, त्रिदेव अस्पताल ने रचा इतिहास

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देवघर में पहली बार पेसमेकर इम्प्लांट कर त्रिदेव अस्पताल ने इतिहास रच दिया। 76 वर्षीय महिला का सफल ऑपरेशन, अब स्थानीय स्तर पर मिलेगी उन्नत हृदय चिकित्सा सुविधा।

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देवघर में पहली बार पेसमेकर इम्प्लांट, त्रिदेव अस्पताल ने रचा इतिहास

76 वर्षीय मरीज का सफल ऑपरेशन, अब स्थानीय स्तर पर मिलेगी उन्नत हृदय चिकित्सा सुविधा

मुख्य संवाददाता | देवघर | 30 मार्च 2026

देवघर के त्रिदेव अस्पताल में पेसमेकर इम्प्लांट ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों की टीम

त्रिदेव अस्पताल में सफल पेसमेकर इम्प्लांट के बाद चिकित्सकों की टीम

देवघर के स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि
देवघर में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। शहर के प्रतिष्ठित त्रिदेव अस्पताल में पहली बार सफलतापूर्वक पेसमेकर इम्प्लांट किया गया है। यह उपलब्धि न केवल अस्पताल के लिए बल्कि पूरे संथाल परगना क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत और प्रगति का संकेत मानी जा रही है।

इस जटिल चिकित्सा प्रक्रिया को वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार शर्मा और उनकी अनुभवी टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस ऑपरेशन के साथ ही देवघर अब उन शहरों की सूची में शामिल हो गया है, जहां उन्नत हृदय उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं।

76 वर्षीय महिला को मिली नई जिंदगी

पेसमेकर लगाने वाली मरीज 76 वर्षीय नंदकुमारी सिन्हा थीं, जो लंबे समय से गंभीर हृदय रोग से पीड़ित थीं। उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी और उन्हें बार-बार कमजोरी, चक्कर और अनियमित धड़कन की समस्या का सामना करना पड़ रहा था।
चिकित्सकीय जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि उनकी हृदय गति सामान्य रूप से काम नहीं कर रही है और उन्हें तत्काल पेसमेकर की आवश्यकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने ऑपरेशन का निर्णय लिया।

सफल ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है और उनमें तेजी से सुधार हो रहा है।

अत्याधुनिक तकनीक और सटीक योजना से मिली सफलता

डॉ. पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि पेसमेकर इम्प्लांट एक अत्यंत संवेदनशील और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया होती है। इसमें मरीज की हृदय गति को नियंत्रित करने के लिए एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शरीर में लगाया जाता है।

उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन के लिए विशेष तैयारी, आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित टीम की आवश्यकता होती है।

“टीम के समन्वय, सटीक योजना और आधुनिक तकनीक के सहयोग से हमने इस जटिल प्रक्रिया को बिना किसी जटिलता के सफलतापूर्वक पूरा किया,” – डॉ. शर्मा

अब नहीं जाना पड़ेगा बड़े शहरों में

अब तक देवघर और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को ऐसे जटिल हृदय उपचार के लिए रांची, पटना या दिल्ली जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। इससे मरीजों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

लेकिन इस सफलता के बाद अब स्थानीय स्तर पर ही पेसमेकर इम्प्लांट जैसी उन्नत सुविधा उपलब्ध हो गई है, जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।

अस्पताल प्रबंधन की प्रतिक्रिया

त्रिदेव अस्पताल प्रबंधन ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य देवघर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करना है।

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि आने वाले समय में और भी जटिल उपचार सेवाएं शुरू की जाएंगी, ताकि मरीजों को बाहर जाने की जरूरत न पड़े।

स्थानीय लोगों में खुशी और उम्मीद

इस उपलब्धि के बाद स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। लोगों का मानना है कि यह पहल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को नई ऊंचाई तक पहुंचाएगी।
कई लोगों ने इसे “जीवन रक्षक कदम” बताते हुए कहा कि अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूर-दराज शहरों में भटकने की जरूरत कम होगी।

पेसमेकर क्या होता है?

पेसमेकर एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होता है, जिसे छाती के अंदर लगाया जाता है। यह दिल की धड़कन को नियंत्रित करने का काम करता है। जब दिल की धड़कन बहुत धीमी या अनियमित हो जाती है, तब पेसमेकर उसे सामान्य बनाए रखने में मदद करता है।

भविष्य की दिशा: देवघर बनेगा मेडिकल हब?

त्रिदेव अस्पताल की इस सफलता को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि देवघर धीरे-धीरे स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।

यदि इसी तरह आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ती रही, तो आने वाले समय में यह शहर झारखंड के प्रमुख मेडिकल हब के रूप में उभर सकता है।

Conclusion

देवघर में पहली बार पेसमेकर इम्प्लांट की सफलता न केवल एक चिकित्सा उपलब्धि है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के लिए उम्मीद और राहत का प्रतीक भी है। यह कदम साबित करता है कि अब छोटे शहरों में भी बड़े इलाज संभव हैं।

Q1. पेसमेकर इम्प्लांट क्या होता है?

A. पेसमेकर इम्प्लांट एक प्रक्रिया है जिसमें दिल की धड़कन को नियंत्रित करने के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शरीर में लगाया जाता है।

Q2. यह ऑपरेशन देवघर में पहली बार कहां हुआ?

A. यह ऑपरेशन त्रिदेव अस्पताल में सफलतापूर्वक किया गया।

Q3. ऑपरेशन किस डॉक्टर ने किया?

A. यह जटिल प्रक्रिया वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार शर्मा और उनकी टीम ने पूरी की।

Q4. मरीज की वर्तमान स्थिति कैसी है?

A. ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति स्थिर है और उनमें सुधार हो रहा है।

Q5. इससे स्थानीय लोगों को क्या फायदा होगा?

A. अब मरीजों को बड़े शहरों में जाने की जरूरत कम होगी और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही उन्नत इलाज मिल सकेगा।

Disclaimer: यह समाचार उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। चिकित्सा संबंधी किसी भी निर्णय से पहले विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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