सिमुलतला आश्रम से हरिद्वार रवाना हुए महामंडलेश्वर कैलाश आनंद गिरि

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सिमुलतला आश्रम से महामंडलेश्वर कैलाश आनंद गिरि हरिद्वार के लिए रवाना हुए। देवघर एयरपोर्ट से चार्टर्ड विमान द्वारा प्रस्थान, शिष्यों को दिया धर्म, सेवा और यज्ञ का संदेश।

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सिमुलतला आश्रम से हरिद्वार रवाना हुए महामंडलेश्वर कैलाश आनंद गिरि

देवघर एयरपोर्ट से चार्टर्ड विमान द्वारा प्रस्थान, शिष्यों को दिया धर्म और सेवा का संदेश

सुनील झा | देवघर | 18 मार्च 2026

देवघर एयरपोर्ट पर शिष्यों के साथ महामंडलेश्वर कैलाश आनंद गिरि

हरिद्वार रवाना होने से पहले देवघर एयरपोर्ट पर आशीर्वाद देते महामंडलेश्वर

बिहार के जमुई जिले के सिमुलतला स्थित आश्रम से बुधवार शाम एक आध्यात्मिक माहौल के बीच महामंडलेश्वर कैलाश आनंद गिरि हरिद्वार के लिए रवाना हुए। उनका यह प्रवास न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि उनके शिष्यों और अनुयायियों के लिए प्रेरणादायक भी साबित हुआ। देवघर एयरपोर्ट से चार्टर्ड विमान द्वारा उनका प्रस्थान हुआ, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु उन्हें विदा करने पहुंचे। जानकारी के अनुसार महामंडलेश्वर अपने सिमुलतला स्थित आश्रम से सड़क मार्ग के जरिए देवघर एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत शिष्यों और स्थानीय गणमान्य लोगों द्वारा किया गया। उनका विमान शाम करीब 6 बजे हरिद्वार के लिए रवाना हुआ।

हालांकि विमान के आगमन में कुछ देरी होने के कारण उन्हें कुछ समय तक एयरपोर्ट के वीआईपी लाउंज में ठहरना पड़ा। इस दौरान भी उनका समय व्यर्थ नहीं गया, बल्कि उन्होंने इसे अपने शिष्यों को मार्गदर्शन देने में लगाया।

वीआईपी लाउंज में दिया धर्म, सेवा और यज्ञ का संदेश

एयरपोर्ट के वीआईपी लाउंज में उपस्थित शिष्यों को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर ने धर्म और सेवा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जीवन में सच्ची शांति और संतोष केवल सेवा और समर्पण से ही प्राप्त होता है।

उन्होंने विशेष रूप से यज्ञ की महत्ता बताते हुए कहा कि यज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सामूहिक सद्भावना का माध्यम है। यज्ञ में दान और त्याग की भावना व्यक्ति के भीतर शुद्धता लाती है और समाज को एकजुट करती है।

स्थानीय लोगों और शिष्यों के साथ आत्मीय संवाद

इस अवसर पर बाबा बैद्यनाथ मंदिर के प्रबंधक रमेश परिहस्त, पांडा धर्मरक्षिणी सभा के महामंत्री निर्मल कुमार झा ‘मंटू’, अजय पंडित, समाजसेवी महेश प्रसाद राय, सुनील झा सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित थे। सभी ने महामंडलेश्वर से आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके साथ आध्यात्मिक चर्चा में भाग लिया।

वीआईपी लाउंज में ठहराव के दौरान उन्होंने स्थानीय चाय का स्वाद भी लिया और उसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि देवघर की सादगी और यहां के लोगों का अपनापन उन्हें बार-बार यहां आने के लिए प्रेरित करता है।

सत्य मार्ग और समाज कल्याण का दिया संदेश

महामंडलेश्वर ने अपने शिष्यों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सत्य का मार्ग सबसे श्रेष्ठ है। उन्होंने कहा कि समाज के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करना ही सच्ची साधना है।

उन्होंने अपने अनुयायियों को यह भी प्रेरित किया कि वे व्यक्तिगत लाभ से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करें। उनके इस संदेश का उपस्थित लोगों पर गहरा प्रभाव देखने को मिला।

हरिद्वार में धार्मिक कार्यक्रमों में लेंगे भाग

महामंडलेश्वर ने अपने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि हरिद्वार स्थित अपने आश्रम में वे चैती दुर्गा पूजा के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और महास्नान करेंगे।

इसके अलावा वे राम कथा के आयोजन में भी शामिल होंगे, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संत-समाज के लोग भाग लेंगे। इस आयोजन को लेकर उनके अनुयायियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

शिव शक्ति महायज्ञ और सेवा कार्यों पर चर्चा

इस दौरान शिव शक्ति महायज्ञ के संरक्षक और समाजसेवी महेश प्रसाद राय सहित अन्य लोग भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने महामंडलेश्वर की यात्रा को सफल और मंगलमय होने की कामना की।
महामंडलेश्वर ने अपने प्रवास के दौरान भविष्य में होने वाले धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा की। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में बड़े स्तर पर धार्मिक अनुष्ठान और जनसेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

विदाई के दौरान दिखा श्रद्धालुओं का उत्साह

महामंडलेश्वर के प्रस्थान के दौरान एयरपोर्ट परिसर में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। सभी ने भावभीनी विदाई दी और उनके शीघ्र पुनः आगमन की कामना की।

श्रद्धालुओं के बीच यह भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी कि उनका यह प्रवास केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक संदेश का विस्तार है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखता है।

निष्कर्ष

महामंडलेश्वर कैलाश आनंद गिरि का सिमुलतला से हरिद्वार के लिए प्रस्थान एक साधारण यात्रा नहीं, बल्कि धर्म, सेवा और समाज कल्याण के संदेश का प्रतीक बनकर सामने आया। उनके विचार और मार्गदर्शन न केवल उनके शिष्यों, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणादायक हैं।

Q1. महामंडलेश्वर कैलाश आनंद गिरि कहां से रवाना हुए?

Ans: वे सिमुलतला स्थित अपने आश्रम से देवघर एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से हरिद्वार के लिए रवाना हुए।

Q2. उन्होंने शिष्यों को क्या संदेश दिया?

Ans: उन्होंने धर्म, सेवा, यज्ञ और समाज कल्याण के महत्व पर जोर देते हुए सकारात्मक जीवन जीने का संदेश दिया।

Q3. हरिद्वार में उनका क्या कार्यक्रम है?

Ans: वे चैती दुर्गा पूजा में विशेष पूजा-अर्चना करेंगे और राम कथा के आयोजन में भाग लेंगे।

Q4. एयरपोर्ट पर कौन-कौन उपस्थित थे?

Ans: कई स्थानीय गणमान्य व्यक्ति, समाजसेवी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

Q5. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?

Ans: धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेना और समाज में धर्म व सेवा के संदेश का प्रसार करना।

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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