छोटू पंडित के जज्बे को सलाम दोनों हाथों से दिव्यांग, फिर भी द्रुतगति से मोबाइल-लैपटॉप करता है काम

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छोटू पंडित के जज्बे को सलाम: दोनों हाथ दिव्यांग फिर भी मोबाइल-लैपटॉप में माहिर | देवघर

 

देवघर के छोटू कुमार पंडित ने दोनों हाथ खोने के बावजूद हार नहीं मानी। कृत्रिम अंगों से मोबाइल-लैपटॉप चलाकर काम कर रहे छोटू को महापौर प्रत्याशी सूरज झा ने दिया रोजगार।

 

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छोटू पंडित के जज्बे को सलाम

दोनों हाथों से दिव्यांग, फिर भी द्रुतगति से मोबाइल-लैपटॉप करता है काम

देवघर/संवाददाता।

कहते हैं, जिसका कोई नहीं होता, उसका ईश्वर होता है। देवघर जिले के देवघर प्रखंड के चांदडीह गांव निवासी जागेश्वर पंडित के पुत्र 24 वर्षीय छोटू कुमार पंडित की जीवन कहानी इस कथन को सच साबित करती है। वर्ष 2022 में 11 हजार वोल्ट के बिजली तार की चपेट में आने से छोटू के दोनों हाथ बुरी तरह झुलस गए। इलाज के दौरान चिकित्सकों की सलाह पर उनके दोनों हाथ काटने पड़े, लेकिन इस भयावह दुर्घटना के बाद भी छोटू ने जिंदगी से हार नहीं मानी। आज वह कृत्रिम अंगों की मदद ले रहे हैं। जब लैपटॉप पर काम करता है तो कृत्रिम अंग खोल लेता है। आज वह मोबाइल फोन, लैपटॉप और कंप्यूटर पर तेज गति से काम कर रहा है और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुका है।

 

 

हादसा जिसने जिंदगी बदल दी, लेकिन हौसला नहीं टूटा

जनवरी 2022 में काम के दौरान करंट लगने की घटना ने छोटू के जीवन की दिशा बदल दी। दोनों हाथ गंवाने के बाद शुरुआती दिनों में शारीरिक और मानसिक चुनौतियां सामने आईं। हालांकि परिवार का साथ और खुद के भीतर का मजबूत हौसला उनके सबसे बड़े सहारे बने। इलाज के बाद जब उनके दोनों हाथों में कृत्रिम अंग लगाए गए, तब छोटू ने तय कर लिया कि वह किसी पर बोझ नहीं बनेगा, बल्कि अपने दम पर आगे बढ़ेगा।

 

पढ़ाई में आया ब्रेक, फिर भी सपने जिंदा

दुर्घटना के बाद छोटू अपनी आगे की पढ़ाई तुरंत जारी नहीं रख सका। उसने अब तक मैट्रिक तक की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह आईटीआई सेकेंड ईयर का छात्र है और इलेक्ट्रीशियन ट्रेड की पढ़ाई कर रहा है। छोटू का कहना है कि दुर्घटना के बाद शुरुआत में पढ़ाई और काम दोनों में दिक्कतें आईं, लेकिन निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के कारण अब वह अधिकांश कार्य आसानी से कर लेता है।

 

तकनीक के साथ दोस्ती, बनी पहचान

कृत्रिम अंगों की मदद से छोटू आज मोबाइल फोन, लैपटॉप और कंप्यूटर पर द्रुतगति से काम करता है। ऑनलाइन डेटा एंट्री, वीडियो अपलोड और डिजिटल कार्यों में उसकी दक्षता किसी सामान्य व्यक्ति से कम नहीं है। छोटू बताता है कि तकनीक ने उसकी जिंदगी को नई राह दी है और आज वह खुद को आत्मनिर्भर महसूस करता है। वह स्वयं खाना बनाना, कपड़े धोना और पहनना जैसे दैनिक कार्य भी बिना किसी परेशानी के करता है।

देवघर के दिव्यांग युवक छोटू कुमार पंडित लैपटॉप पर काम करते हुए

दोनों हाथों से दिव्यांग होने के बावजूद तकनीक में माहिर छोटू पंडित

 

प्रशासनिक सहयोग से मिला संबल

हादसे के बाद तत्कालीन उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने सहानुभूति जताते हुए छोटू को एक सीएसपी (कस्टमर सर्विस प्वाइंट) देने की मंजूरी दी थी। इसी के माध्यम से छोटू आज भी कार्यरत है। इसके अलावा उनकी पत्नी को भी बिजली कार्यालय में रोजगार मिला हुआ है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली।

 

महापौर प्रत्याशी सूरज झा ने दिया रोजगार

छोटू के जज्बे और तकनीकी दक्षता से प्रभावित होकर देवघर नगर निगम के महापौर प्रत्याशी सूरज झा ने उसे अपने कार्यालय में रोजगार दिया। सूरज झा ने छोटू को वीडियो, फोटो और ऑनलाइन डेटा अपलोड करने जैसे कार्य सौंपे हैं। इस अवसर पर सूरज झा ने कहा कि छोटू की मेहनत और आत्मविश्वास समाज के लिए प्रेरणादायक है। जरूरतमंदों की सेवा के तहत उसे रोजगार देकर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया गया है।

सूरज झा बोले—जज्बे को किया सलाम

सूरज झा ने बताया कि छोटू ने स्वयं उनसे संपर्क कर अपनी स्थिति और कार्यक्षमता के बारे में जानकारी दी। काम देखकर उन्होंने उसके जज्बे को सलाम किया और तुरंत अपने कार्यालय में जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे लोगों को अवसर देना ही सच्ची सेवा है।

 

 

समाज के लिए प्रेरणा बना छोटू

छोटू कुमार पंडित की कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में खुद को कमजोर समझने लगते हैं। दोनों हाथ गंवाने के बावजूद उसने हिम्मत, मेहनत और तकनीक के सहारे खुद की नई पहचान बनाई। आज वह न केवल अपने परिवार का सहारा है, बल्कि समाज को भी यह संदेश दे रहा है कि सच्चा साहस हालात से लड़कर आगे बढ़ने में है।

 

तथ्य संक्षेप (Fact Focus)

दुर्घटना वर्ष: 2022

कारण: 11 हजार वोल्ट बिजली तार की चपेट

शिक्षा: मैट्रिक उत्तीर्ण, आईटीआई सेकेंड ईयर

वर्तमान कार्य: सीएसपी संचालन, ऑनलाइन डेटा व वीडियो अपलोड

सहयोग: प्रशासनिक सहायता और महापौर प्रत्याशी द्वारा रोजगार

 

प्रश्न 1: छोटू कुमार पंडित कहां के निवासी हैं?

उत्तर: वह देवघर जिले के चांदडीह गांव के निवासी हैं।

प्रश्न 2: दुर्घटना कब और कैसे हुई थी?

उत्तर: जनवरी 2022 में 11 हजार वोल्ट के बिजली तार की चपेट में आने से दुर्घटना हुई।

प्रश्न 3: वर्तमान में छोटू क्या काम करते हैं?

उत्तर: वह सीएसपी पर कार्यरत हैं और ऑनलाइन डेटा व वीडियो अपलोड का काम करते हैं।

प्रश्न 4: उन्हें रोजगार किसने दिया?

उत्तर: देवघर नगर निगम के महापौर प्रत्याशी सूरज झा ने उन्हें अपने कार्यालय में रोजगार दिया।

 

निष्कर्ष:

छोटू कुमार पंडित की संघर्षगाथा यह साबित करती है कि शारीरिक बाधाएं किसी के सपनों को नहीं रोक सकतीं। सही अवसर, प्रशासनिक सहयोग और समाज की संवेदनशीलता से दिव्यांगजन भी आत्मनिर्भर बन सकते हैं। छोटू का जज्बा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा

Author: Sunil Jha
Date: 20 जनवरी 2026

 

 

 

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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