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रमा देवी बाजला महिला महाविद्यालय में सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय का 34वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया
देवघर के रमा देवी बाजला महिला महाविद्यालय में सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय का 34वां स्थापना दिवस श्रद्धांजलि, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विचारोत्तेजक संबोधनों के साथ गरिमामय वातावरण में मनाया गया।
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रमा देवी बाजला महिला महाविद्यालय में सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय का 34वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया
आदिवासी वीर नायकों को श्रद्धांजलि, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विचारोत्तेजक संबोधनों के साथ गूंजा परिसर
देवघर/संवाददाता।
रमा देवी बाजला महिला महाविद्यालय, देवघर में शनिवार को सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका का 34वां स्थापना दिवस अत्यंत हर्षोल्लास, गरिमा और प्रेरणादायक वातावरण के बीच मनाया गया। पूर्वाह्न 11 बजे से प्रारंभ हुए इस विशेष अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं छात्राओं की सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। पूरा परिसर उत्सवमय माहौल से सराबोर रहा और विश्वविद्यालय की गौरवशाली यात्रा को याद करते हुए शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक दायित्व पर केंद्रित विचार साझा किए गए।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ सिदो – कान्हू मुर्मू दी गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसने आयोजन को आध्यात्मिक और प्रेरणादायक स्वरूप प्रदान किया। इसके पश्चात महान आदिवासी वीर नायकों सिदो मुर्मू और कान्हू मुर्मू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर उपस्थित सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्राओं ने आदिवासी समाज के संघर्ष, बलिदान और योगदान को नमन किया। इसके बाद कुलगीत के सामूहिक गायन ने पूरे वातावरण को भावनात्मक और गौरवपूर्ण बना दिया।

विश्वविद्यालय की 34 वर्षों की यात्रा पर हुआ आत्ममंथन
स्थापना दिवस के अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने विश्वविद्यालय की 34 वर्षों की संघर्षपूर्ण और उपलब्धियों से भरी यात्रा को स्मरण किया। सभी ने इस बात पर जोर दिया कि सीमित संसाधनों के बावजूद सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय ने संताल परगना क्षेत्र में उच्च शिक्षा को सुदृढ़ करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। यह विश्वविद्यालय न केवल शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और समावेशी विकास का माध्यम भी बना है।
प्राचार्या का अध्यक्षीय संबोधन
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ सूचिता कुमारी ने विश्वविद्यालय के 34वें स्थापना दिवस पर सभी को शुभकामनाएं एवं हार्दिक बधाई दी। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि आत्ममंथन करने और भविष्य के लिए नए संकल्प लेने का भी महत्वपूर्ण दिन है।
उन्होंने कहा कि सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय आज संताल परगना क्षेत्र की शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करते हुए उच्च शिक्षा का एक सशक्त केंद्र बन चुका है। विश्वविद्यालय ने शिक्षा, शोध और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में जो कार्य किए हैं, वह पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
ग्रामीण और वंचित वर्गों के लिए शिक्षा का सेतु बना विश्वविद्यालय
राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ प्रकाश चन्द्र दास ने अपने विचार रखते हुए कहा कि सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय ने ग्रामीण, आदिवासी और वंचित वर्गों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने कला, विज्ञान, वाणिज्य, शिक्षा, कानून और स्नातकोत्तर अध्ययन के क्षेत्रों में निरंतर प्रगति की है।
उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय से शिक्षित विद्यार्थी न केवल शैक्षणिक रूप से सक्षम हो रहे हैं, बल्कि रोजगारोन्मुख, आत्मनिर्भर और सामाजिक रूप से जागरूक नागरिक के रूप में भी उभर रहे हैं।
छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मनमोहक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे। पारंपरिक व सांस्कृतिक रंगों से सजी इन प्रस्तुतियों ने आयोजन में चार चांद लगा दिए। छात्राओं की कला, आत्मविश्वास और अनुशासन की उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों ने मुक्त कंठ से सराहना की और उन्हें आगे भी ऐसे मंचों पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए प्रोत्साहित किया।
बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर डॉ प्रकाश चन्द्र दास, डॉ रेखा कुमारी गुप्ता, डॉ किसलय सिन्हा, ममता कुजर, डॉ करुणा पंजीयरा, निमिषा रिचर्ड होरो, डॉ नृपांशुलता, रजनी कुमारी, आश कुमारी, डॉ सीमा सिंह, डॉ बिपिन कुमार, जैनीस इरी टिगा, सुनिला इक्का, हेलना किसकू, शिखा सोनली एक्का, सबा परवीन, नीमा कुमारी, डॉ शिखा सिंह, बसंती हांसदा, डॉ श्याम सुंदर महतो एवं जयब्रत माइती सहित बड़ी संख्या में शिक्षकेत्तर कर्मचारी और महाविद्यालय की सभी छात्राएं उपस्थित रहीं।
मंच संचालन और धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम का सफल मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन ममता कुजर द्वारा किया गया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के बीच अकादमिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करते हैं।
राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन
अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ। स्थापना दिवस समारोह ने सभी उपस्थित लोगों के मन में विश्वविद्यालय के प्रति गर्व, प्रेरणा और भविष्य के लिए सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।










