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समाजसेवी बनवारी महतो की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, कुड़मी समाज ने लिया संकल्प
रांची के तमाड़ स्थित ग्राम सोसोडीह में समाजसेवी बनवारी महतो की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा सह भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुड़मी समाज के हित में उनके योगदान को याद करते हुए समाजहित में आगे बढ़ने का संकल्प लिया गया।
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समाजसेवी बनवारी महतो की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन
कुड़मी समाज के हित में उनके योगदान को किया गया नमन, समाजहित में आगे बढ़ने का लिया गया संकल्प
रांची। समाजसेवी बनवारी महतो की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर शुक्रवार को तमाड़ प्रखंड अंतर्गत ग्राम सोसोडीह में श्रद्धांजलि सभा सह भूमि पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुड़मी समाज सहित आसपास के ग्रामीणों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। सभी ने स्वर्गीय बनवारी महतो के सामाजिक योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

सामाजिक कार्यों को समर्पित रहा बनवारी महतो का जीवन
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय बनवारी महतो का पूरा जीवन समाज सेवा, सामाजिक एकता और कुड़मी समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष को समर्पित रहा। वे वर्ष 1982 से आदिवासी कुड़मी समाज संगठन से सक्रिय रूप से जुड़े रहे और लगातार समाजहित में कार्य करते रहे।
शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, संगठन विस्तार और समाज को एकजुट करने में उनका योगदान अविस्मरणीय रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता और संचालन
कार्यक्रम की अध्यक्षता परगनैत लखींद्र महतो (हेडेम) ने की, जबकि संचालन कुड़मी समाज के वरिष्ठ अगुआ अघनु महतो ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय बनवारी महतो के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
भूमि पूजन कार्यक्रम का भी हुआ आयोजन
श्रद्धांजलि सभा के साथ-साथ भूमि पूजन कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि यह भूमि पूजन स्वर्गीय बनवारी महतो के विचारों को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में यहां सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंच सके।
प्रमुख अतिथियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य दिलीप सेठ सहित कई प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इनमें हरे कृष्णा महतो, माझी महतो, सोहराय महतो, यदुनाथ महतो, विष्णुदेव महतो, अजित महतो, परीक्षित महतो, कांग्रेस महतो, अनिल महतो, रविन्द्र महतो (कल्याण शिक्षक), उमेश, रवि, अश्विनी महतो, नगेन महतो, रंजीत महतो सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी शामिल थे।
वक्ताओं ने किया विचारों को आगे बढ़ाने का आह्वान
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि स्वर्गीय बनवारी महतो केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार थे। उन्होंने समाज को संगठित करने, अधिकारों के प्रति जागरूक करने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने का कार्य किया।
उनके बताए मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इसके लिए समाज के युवाओं को आगे आकर जिम्मेदारी संभालनी होगी।
समाज और परिवार के साथ खड़े रहने का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे स्वर्गीय बनवारी महतो के विचारों और सिद्धांतों को समाजहित में आगे बढ़ाएंगे। साथ ही उनके परिवार के प्रति हर सुख-दुख में साथ खड़े रहने का भरोसा भी दिलाया गया।
भावुक माहौल में हुआ कार्यक्रम का समापन
श्रद्धांजलि सभा का समापन शांत और भावुक माहौल में हुआ। कार्यक्रम में शामिल लोगों की आंखें नम थीं, लेकिन मन में समाज के लिए कुछ करने का दृढ़ संकल्प साफ झलक रहा था।
स्वर्गीय बनवारी महतो की स्मृति और उनके कार्य आने वाली पीढ़ियों को सामाजिक सेवा की प्रेरणा देते रहेंगे।










