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भूमि गुरुजी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, नारायण दास ने कहा– निष्ठा और संघर्ष की मिसाल थे
देवघर के कोयरीडीह में भारतीय जनसंघ से भाजपा तक समर्पित रहे स्वर्गीय भुवनेश्वर प्रसाद राय उर्फ भूमि गुरुजी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई। पूर्व विधायक नारायण दास सहित कई गणमान्य लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
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भारतीय जनसंघ से भाजपा तक समर्पित रहे भूमि गुरुजी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा
कोयरीडीह में आयोजित कार्यक्रम में नारायण दास बोले– कार्यकर्ता धर्म निभाने वाले सच्चे विचार योद्धा थे
देवघर।
भारतीय जनसंघ के दौर से लेकर भारतीय जनता पार्टी तक संगठन के प्रति निष्ठा, समर्पण और संघर्ष को अपने जीवन का उद्देश्य मानने वाले स्वर्गीय भुवनेश्वर प्रसाद राय उर्फ भूमि गुरुजी की पुण्यतिथि के अवसर पर देवघर प्रखंड के कोयरीडीह गांव में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक नारायण दास सहित अनेक गणमान्य लोगों ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

संगठन के प्रति आजीवन समर्पण का प्रतीक थे भूमि गुरुजी
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भूमि गुरुजी उन कार्यकर्ताओं में थे जिन्होंने बिना किसी पद, प्रतिष्ठा या लाभ की अपेक्षा किए संगठन के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने जनसंघ के कठिन दौर से लेकर भाजपा के विस्तार काल तक पार्टी की विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाने का कार्य किया।
वक्ताओं ने कहा कि भूमि गुरुजी केवल एक राजनीतिक कार्यकर्ता नहीं थे, बल्कि सामाजिक चेतना, अनुशासन और संस्कार के प्रतीक भी थे। उनका जीवन सादगी, संघर्ष और संगठन के प्रति अटूट आस्था का उदाहरण रहा।
नारायण दास का बयान: विचारधारा के लिए जीवन खपाने वाले कार्यकर्ता थे
पूर्व विधायक नारायण दास ने अपने संबोधन में कहा कि भूमि गुरुजी जैसे कार्यकर्ता किसी भी संगठन की असली पूंजी होते हैं।
उन्होंने कहा—
“भूमि गुरुजी ने राजनीति को सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा और राष्ट्र निर्माण का साधन माना। वे जनसंघ के उस दौर के कार्यकर्ता थे जब संसाधन नहीं थे, लेकिन विचारधारा के प्रति अडिग विश्वास था। ऐसे कार्यकर्ताओं की बदौलत ही आज भाजपा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी है।”
नारायण दास ने कहा कि आज के कार्यकर्ताओं को भूमि गुरुजी के जीवन से सीख लेने की आवश्यकता है—निष्ठा, अनुशासन और संगठन के प्रति पूर्ण समर्पण।
जनसंघ काल की कठिनाइयों को किया याद
श्रद्धांजलि सभा के दौरान वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने जनसंघ काल के संघर्षपूर्ण दिनों को याद करते हुए बताया कि उस समय पार्टी का विस्तार आसान नहीं था। गांव-गांव जाकर विचारधारा को समझाना, विरोध सहना और सीमित संसाधनों में संगठन को खड़ा करना एक बड़ी चुनौती थी।
वक्ताओं ने कहा कि भूमि गुरुजी ने इन सभी कठिन परिस्थितियों में भी कभी संगठन का साथ नहीं छोड़ा और अंतिम सांस तक भाजपा की विचारधारा से जुड़े रहे।
परिवारजनों की उपस्थिति में भावुक माहौल
कार्यक्रम में भूमि गुरुजी के पुत्र बलवीर राय, पौत्र शुभम राय सहित परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि सभा के दौरान परिवारजनों की आंखें नम दिखीं। उपस्थित लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाते हुए कहा कि भूमि गुरुजी का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
बलवीर राय ने कहा कि उनके पिता ने हमेशा परिवार से पहले संगठन और समाज को प्राथमिकता दी। उन्होंने सादगीपूर्ण जीवन जीते हुए ईमानदारी और संघर्ष का जो मार्ग दिखाया, वह उनके लिए गर्व की बात है।
कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा स्रोत बना रहेगा जीवन
सभा में मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि आज के समय में जब राजनीति में अवसरवादिता बढ़ रही है, तब भूमि गुरुजी जैसे कार्यकर्ताओं का स्मरण संगठन को अपनी मूल विचारधारा से जोड़ने का कार्य करता है।
वक्ताओं ने कहा कि ऐसे समर्पित कार्यकर्ताओं की पुण्यतिथि केवल स्मरण का दिन नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर भी है—कि हम संगठन और समाज के लिए कितना समर्पण भाव रखते हैं।
श्रद्धांजलि सभा में प्रमुख रूप से रहे उपस्थित
इस अवसर पर भाजपा के स्थानीय पदाधिकारी, वरिष्ठ कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में भूमि गुरुजी के आदर्शों पर चलने और संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन दो मिनट के मौन और पुष्पांजलि के साथ किया गया।
निष्कर्ष
स्वर्गीय भुवनेश्वर प्रसाद राय उर्फ भूमि गुरुजी की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा न केवल एक स्मरण कार्यक्रम रही, बल्कि यह संगठन के मूल संस्कार, संघर्ष और समर्पण की याद दिलाने वाला अवसर भी बनी। भूमि गुरुजी का जीवन भाजपा कार्यकर्ताओं और समाज के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।










