105 वर्षीय फेकनी देवी के निधन पर पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने दी श्रद्धांजलि, शोक में डूबा सारवां

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🔎 105 वर्षीय फेकनी देवी के निधन पर पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने दी श्रद्धांजलि | सारवां 

 

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देवघर के सारवां में 105 वर्षीय फेकनी देवी के निधन पर पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने श्रद्धांजलि अर्पित की। धर्मपरायण जीवन, शोकसभा और बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति।

 

 

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105 वर्षीय फेकनी देवी के निधन पर पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने दी श्रद्धांजलि, शोक में डूबा सारवां 

 

📍 देवघर।

जीवन और मृत्यु सृष्टि का शाश्वत और अपरिवर्तनीय नियम है। जो इस संसार में जन्म लेता है, उसका एक दिन देहांत निश्चित है। इसी प्राकृतिक नियम के क्रम में देवघर जिले के सारवां निवासी स्वर्गीय विजय राम की धर्मपत्नी, 105 वर्षीय फेकनी देवी का निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही न केवल परिवार, बल्कि पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। वृद्धावस्था में भी सादगी, धार्मिक आस्था और संयम के लिए पहचानी जाने वाली फेकनी देवी के निधन को समाज के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है।

 

 

 

 

 

 

स्वर्गीय फेकनी देवी अपने लंबे जीवनकाल में पारिवारिक मूल्यों, धार्मिक संस्कारों और सामाजिक मर्यादाओं की प्रतीक रहीं। उन्होंने कई पीढ़ियों को अपने स्नेह, अनुभव और मार्गदर्शन से सींचा। परिवार के लोगों का कहना है कि उन्होंने हमेशा धैर्य, सहनशीलता और सादगी के साथ जीवन जिया और कठिन परिस्थितियों में भी कभी हिम्मत नहीं हारी।

 

 

 

 

श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख

 

स्वर्गीय फेकनी देवी के निधन की सूचना मिलते ही झारखंड सरकार के पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख शुक्रवार की देर रात देवघर पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। उन्होंने दिवंगत आत्मा की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और गहरी संवेदना व्यक्त की। शनिवार की सुबह आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भी वे शामिल हुए और दोबारा श्रद्धा सुमन अर्पित कर दिवंगत आत्मा को नमन किया।

 

इस अवसर पर पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि 105 वर्ष का जीवन सामान्य नहीं होता। यह जीवन अनुभव, संस्कार और सामाजिक मूल्यों की अमूल्य धरोहर होता है। उन्होंने फेकनी देवी को धर्मपरायण, सरल स्वभाव की और संस्कारवान महिला बताते हुए कहा कि उनका जीवन आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा है। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा समाज उनके साथ खड़ा है।

 

 

 

 

 

धर्म, सादगी और संस्कारों से परिपूर्ण रहा फेकनी देवी का जीवन

 

परिवारजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार स्वर्गीय फेकनी देवी नियमित रूप से पूजा-पाठ करती थीं और धार्मिक आयोजनों में उनकी विशेष आस्था थी। उनका पूरा जीवन अनुशासन और संयम का उदाहरण रहा। उन्होंने अपने बच्चों, पोते-पोतियों और परिवार की अन्य पीढ़ियों को सदैव सत्य, सेवा और संस्कार का मार्ग दिखाया।

 

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि फेकनी देवी न केवल अपने परिवार की मार्गदर्शक थीं, बल्कि मोहल्ले में भी उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखा जाता था। कोई भी सामाजिक या पारिवारिक विषय हो, लोग उनके अनुभव और सलाह को महत्व देते थे। उन्होंने जीवन के हर पड़ाव को सहजता और धैर्य के साथ स्वीकार किया।

 

पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने भी अपने संबोधन में कहा कि ऐसे जीवन मूल्य आज दुर्लभ होते जा रहे हैं। फेकनी देवी जैसी महिलाएं समाज की रीढ़ होती हैं, जिनके कारण परिवार और सामाजिक ढांचा मजबूत बना रहता है।

 

 

 

 

 

 

बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर दी अंतिम श्रद्धांजलि

 

स्वर्गीय फेकनी देवी को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचे। श्रद्धांजलि देने वालों में अर्जुन रवानी, टिंकू रवानी, किशन रवानी, किसु रवानी, बिट्टू रवानी, विनोद रवानी, वकील रवानी, लक्ष्मण रवानी, रमेश रवानी सहित कई सामाजिक और पारिवारिक लोग शामिल थे।

 

महिला श्रद्धांजलि देने वालों में नीलम देवी, चांदनी देवी, पूनम देवी, पायल देवी, पूजा देवी, राखी देवी, मेघा देवी, सोनी देवी, कुंती देवी, संतोषी देवी सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं। इसके अलावा मनोज रवानी सहित कई अन्य लोगों ने भी पुष्प अर्पित कर दिवंगत आत्मा को नमन किया।

 

श्रद्धांजलि सभा के दौरान वातावरण अत्यंत भावुक रहा। हर आंख नम थी और लोग दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते नजर आए।

 

 

 

 

क्षेत्र में शोक का माहौल, समाज के लिए अपूरणीय क्षति

 

फेकनी देवी के निधन से देवघर और आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और परिचितों ने उनके निधन को समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया। लोगों का कहना है कि इतने लंबे जीवन में उन्होंने जो संस्कार और अनुभव साझा किए, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे।

 

परिवारजनों ने श्रद्धांजलि देने पहुंचे सभी लोगों और जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस कठिन समय में समाज का साथ उनके लिए बड़ा संबल है।

 

 

 

Baba Wani
Author: Baba Wani

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