
पूर्व एसीएमओ व डिवाइन हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. विनोद कुमार का निधन
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पूर्व एसीएमओ और डिवाइन हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. विनोद कुमार का 73 वर्ष की उम्र में निधन। कुंडा स्थित आवास पर अंतिम सांस, 3 दिसंबर को श्राद्ध कार्यक्रम।
देवघर। कुंडा स्थित डिवाइन हॉस्पिटल के संस्थापक एवं बिहार के शेखपुरा जिले के पूर्व एसीएमओ रहे डॉ. विनोद कुमार का 21 नवंबर की रात लगभग 9:30 बजे निधन हो गया। 73 वर्षीय डॉ. कुमार ने अपने कुंडा स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही देवघर और शेखपुरा के चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ गई। चिकित्सकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है।
शनिवार को हुआ अंतिम संस्कार, छोटे पुत्र ने दी मुखाग्नि
शनिवार को देवघर के शिवगंगा के समीप स्थित श्मशान घाट में डॉ. विनोद कुमार का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
मुखाग्नि उनके छोटे पुत्र ई. उत्कर्ष कुमार ने दी। इस दौरान परिवार के सदस्य, परिचितों और अस्पताल से जुड़े लोगों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी।
चिकित्सा जगत में शोक की लहर
डॉ. कुमार के निधन की खबर फैलते ही देवघर के चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और करीबियों में गहरा शोक छा गया।
डॉ. चितरंजन कुमार पंकज सहित कई चिकित्सा हस्तियां अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचीं।
डिवाइन हॉस्पिटल के संस्थापक के रूप में उन्होंने वर्षों तक सेवा दी और हजारों मरीजों के लिए सहारा बने।
परिवार में पसरा मातम
डॉ. विनोद कुमार अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
उनके परिवार में—
पुत्र: डॉ. कुमार अनिकेत (हड्डी रोग विशेषज्ञ, सदर अस्पताल देवघर), ई. उत्कर्ष कुमार
पुत्रवधुएं: डॉ. सुरूती सिंह, ई. पूजा कुमारी
नाती-पोते: कई छोटे बच्चे
परिजनों का कहना है कि उनका जाना परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। वे हमेशा शांत स्वभाव, गंभीर व्यक्तित्व और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के लिए जाने जाते थे।
सेवानिवृत्ति और सेवाओं का सफर
परिजनों ने बताया कि डॉ. विनोद कुमार वर्ष 2019 में बिहार के शेखपुरा जिले में एसीएमओ पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इससे पहले उन्होंने कई जिलों में अपनी चिकित्सा सेवाएं दीं और स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई।
वर्ष 2005 में उन्होंने देवघर सदर अस्पताल में भी अपनी सेवा दी, जहां वे मरीजों के बीच काफी लोकप्रिय रहे। मरीजों के प्रति उनके मानवीय व्यवहार और सरल स्वभाव की वजह से उन्हें व्यापक सम्मान मिला।
चिकित्सा सेवा से जुड़े लोग बताते हैं कि डॉ. कुमार हमेशा सेवा भाव को प्राथमिकता देते थे। डिवाइन हॉस्पिटल की स्थापना भी इसी उद्देश्य से की गई थी ताकि लोगों को उचित इलाज और सुविधाएं मिल सकें।
श्राद्ध भोज 3 दिसंबर को
परिवार के अनुसार डॉ. विनोद कुमार का श्राद्ध भोज 3 दिसंबर को उनके कुंडा स्थित आवास पर आयोजित किया जाएगा।
इसमें परिजन, रिश्तेदार, चिकित्सक समुदाय और परिचितों के शामिल होने की संभावना है।
समाज और चिकित्सा जगत को अपूरणीय क्षति
डॉ. विनोद कुमार का निधन न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे चिकित्सा समुदाय के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
उनकी विनम्रता, समर्पण और सेवा भावना को देवघर व शेखपुरा के लोग लंबे समय तक याद करेंगे।










